भोजपुरी सिनेमा के दिग्गज कलाकारों के बीच आपसी खींचतान और अनबन की खबर एक बार फिर सार्वजनिक मंच पर सामने आई है। तेज प्रताप यादव की ओर से आयोजित एक विशेष डिनर कार्यक्रम के दौरान भोजपुरी इंडस्ट्री के बड़े चेहरे आपस में भिड़ गए। इस डिनर में पवन सिंह, दिनेश लाल यादव, आम्रपाली दुबे और काजल राघवानी को आमंत्रित किया गया था। खाने की टेबल पर शुरू हुई सामान्य बातचीत देखते ही देखते हाई वोल्टेज ड्रामे में बदल गई, जहां अभिनेत्रियों के बीच पुरानी कड़वाहट और फिल्मों में कास्टिंग को लेकर तीखी बहस देखने को मिली।
डिनर टेबल पर रिश्तों की चर्चा से शुरू हुई तल्खी
कार्यक्रम की शुरुआत में माहौल शांत था, लेकिन जल्द ही व्यक्तिगत रिश्तों और आपसी समीकरणों पर चर्चा शुरू हो गई। काजल राघवानी ने बातचीत के दौरान यह बात उठाई कि उन्होंने तेज प्रताप यादव और पवन सिंह के बीच रिश्तों में दूरियों और तनाव के बारे में सुना है। इस टिप्पणी पर तेज प्रताप और पवन सिंह दोनों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जहां रिश्ते गहरे और मजबूत होते हैं, वहां मतभेद और लड़ाई होना स्वाभाविक है। हालांकि, यह शुरुआती चर्चा शांति से निपटने के बजाय आगे चलकर अभिनेत्रियों के बीच एक बड़े विवाद का कारण बन गई।
काजल और आम्रपाली के बीच फिल्मों में कास्टिंग को लेकर विवाद
जैसे ही बातचीत आगे बढ़ी, काजल राघवानी ने सीधे आम्रपाली दुबे से सवाल कर दिया। काजल ने पूछा कि क्या आम्रपाली की वजह से ही दिनेश लाल यादव उनके साथ फिल्मों में काम करने से बचते हैं। इस सवाल का जवाब आम्रपाली ने सीधे तौर पर देने के बजाय तंज कसते हुए दिया। आम्रपाली ने कहा कि निर्माताओं ने काजल की वजह से मुख्य अभिनेताओं को बदल दिया और अब वह यह आरोप लगा रही हैं कि दिनेश लाल यादव उनके कारण काम नहीं कर रहे हैं।
काजल ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों के करियर में उन्होंने दिनेश लाल यादव के साथ केवल तीन या चार फिल्में ही की हैं, जिन्हें दर्शकों ने बेहद पसंद किया। काजल ने आगे खुलासा किया कि दिनेश लाल के साथ उनकी एक और नई फिल्म आने वाली थी। लेकिन बाद में उन्हें यह जानकारी दी गई कि दिनेश लाल ने इस प्रोजेक्ट में काम करने से इनकार कर दिया है क्योंकि वह फिल्म में आम्रपाली दुबे को कास्ट कराना चाहते थे।
दिनेश लाल यादव ने निर्माताओं की कार्यप्रणाली पर दी सफाई
काजल द्वारा लगाए गए आरोपों पर दिनेश लाल यादव ने स्थिति स्पष्ट की। दिनेश ने बताया कि संबंधित फिल्म के निर्माता जब उनके पास आए थे, तो वे बड़ी-बड़ी बातें कर रहे थे और उनका दावा था कि वे पूरी भोजपुरी इंडस्ट्री का ढांचा बदल देंगे। दिनेश के अनुसार, निर्माताओं को ऐसा लगता था कि कलाकार खाली बैठे हैं। उन्होंने दिनेश से तारीखें पक्की किए बिना ही काजल की तारीखें ले ली थीं। जब दिनेश ने निर्माता से कहा कि उनके पास फिलहाल तारीखें उपलब्ध नहीं हैं, तो निर्माताओं ने सच्चाई छिपाकर काजल के सामने यह बात रखी कि दिनेश उनके साथ काम नहीं करना चाहते।
दिनेश ने याद दिलाया कि उन्होंने हाल ही में काजल के साथ एक फिल्म में काम किया है। इस पर काजल ने तुरंत कहा कि यह काम बहुत सालों के अंतराल के बाद हुआ है। काजल की इस बात पर आम्रपाली ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि दिनेश सच में काम नहीं करना चाहते, तो इतने सालों बाद भी साथ काम कभी नहीं करते।
मैसेज और फोन से जुड़ी पुरानी कड़वाहट का हुआ खुलासा
बहस के दौरान आम्रपाली दुबे ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि उनके साथ भी अतीत में ऐसा हुआ है जब लोगों ने दावा किया कि खेसारी लाल यादव उनके साथ इसलिए काम नहीं करना चाहते क्योंकि काजल उन्हें मना करती हैं। दिनेश लाल यादव ने इस स्थिति पर दोनों अभिनेत्रियों को सलाह दी कि यदि कोई निर्माता या निर्देशक ऐसा दावा करता है, तो सीधे आपस में बात करके सच्चाई जाननी चाहिए।
दिनेश की सलाह पर आम्रपाली ने काजल पर एक और तंज कसा और पूछा कि क्या उनके पास संपर्क नंबर नहीं है, जबकि वह अक्सर फोन और मैसेज करती रहती हैं। आम्रपाली ने काजल को समझाते हुए कहा कि निर्देशक और निर्माता उनके साथ खेल खेल रहे हैं और गलतफहमियां पैदा कर रहे हैं।
इसके बाद काजल ने फिल्म आशिक आवारा की शूटिंग के दौरान हुई एक पुरानी घटना का जिक्र किया। काजल ने बताया कि शूटिंग के सिलसिले में वह दिनेश लाल से अकेले में कुछ बात करना चाहती थीं और इसके लिए उन्होंने मैसेज भेजा था। लेकिन दिनेश के फोन से आम्रपाली ने जवाब दिया था कि काजल को जो भी बात करनी है, वह आम्रपाली के सामने ही कर सकती हैं।
पवन सिंह का वॉकआउट और तेज प्रताप की बांसुरी
दिनेश लाल यादव ने आम्रपाली का बचाव करते हुए काजल को समझाने का प्रयास किया कि आम्रपाली को उस परिस्थिति के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी। दिनेश ने माना कि उनके करियर, फिल्मों और गानों की सफलता में आम्रपाली और काजल दोनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। हालांकि, काजल लगातार आरोप लगाती रहीं, जिससे आम्रपाली भड़क गईं। आम्रपाली ने एक वीडियो बाइट में कहा कि काजल को आज तक बातें सुलझाने की जरूरत नहीं लगी क्योंकि पहले अपनी बात रखने के लिए वहां तेज प्रताप या पवन सिंह मौजूद नहीं थे।
डिनर टेबल पर दोनों अभिनेत्रियों के बीच बहस और ड्रामा बढ़ता देख पवन सिंह असहज हो गए। वह कुछ देर तक चुपचाप बातें सुनते रहे और फिर अचानक बिना किसी को कुछ बताए वहां से उठकर चले गए। तेज प्रताप यादव को पवन सिंह का इस तरह बिना सूचित किए जाना पसंद नहीं आया और उन्होंने कहा कि निमंत्रण पर आकर इस तरह बिना बताए चले जाना अनुचित है।
पवन सिंह के जाने के बाद गुस्से में आम्रपाली दुबे भी डिनर छोड़कर बाहर खड़ी अपनी गाड़ी में जाकर बैठ गईं। टेबल पर केवल दिनेश लाल यादव और काजल राघवानी बचे, जो आपस में बातचीत कर गलतफहमियां दूर करने की कोशिश कर रहे थे। इसी बीच तेज प्रताप यादव दोनों के पास आए और बांसुरी बजाने लगे। इसके कुछ ही समय बाद दिनेश और काजल भी वहां से रवाना हो गए।



















