जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित सेरली हेलीपैड टर्मिनल में रविवार तड़के भीषण आग लग गई। यह वही महत्वपूर्ण केंद्र है जहां से माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाने वाले तीर्थयात्रियों को हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। घटना के समय परिसर बंद था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई और न ही कोई घायल हुआ।
तड़के सवा तीन बजे भड़की आग, तीस मिनट में पाया गया काबू
अग्निकांड की शुरुआत तड़के करीब 3:15 बजे हुई, जब इमारत से अचानक धुआं और लपटें उठती देखी गईं। सूचना मिलते ही फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज की गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने टर्मिनल के कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर करीब 30 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद लपटों पर पूरी तरह काबू पा लिया। समय रहते की गई कार्रवाई के कारण आग को पूरे परिसर में फैलने से रोक लिया गया।
टिकट काउंटर, कंप्यूटर और कैफे को पहुंचा भारी नुकसान
हादसे में जान का नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन बुनियादी ढांचे को काफी क्षति पहुंची है। लपटों की चपेट में आने से टिकट काउंटर पर लगे कई कंप्यूटर उपकरण जलकर नष्ट हो गए। इसके अलावा टर्मिनल परिसर में स्थित एक कॉफी शॉप भी आग की भेंट चढ़ गई। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के कार्यालय हिस्से को भी नुकसान की सूचना है। घटना के बाद कुछ समय के लिए हेलीकॉप्टर संचालन और बुकिंग प्रक्रियाओं पर असर पड़ा।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच और नुकसान का आकलन जारी
शुरुआती प्राथमिक जांच में आग लगने की संभावित वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। संबंधित अधिकारी घटना के वास्तविक कारणों की विस्तृत पड़ताल कर रहे हैं। प्रशासन और श्राइन बोर्ड की टीमें इस समय कुल वित्तीय और भौतिक नुकसान का विस्तृत आकलन करने में जुटी हैं, ताकि जले हुए उपकरणों को जल्द बदलकर यात्रियों की सुविधा बहाल की जा सके।



















