बॉलीवुड की दिग्गज गायिका श्रेया घोषाल की आवाज़ का जादू तो सभी जानते हैं, लेकिन उनके करियर का एक ऐसा पहलू है जो बहुत कम चर्चा में आता है। उन्होंने अब तक 80 से भी ज़्यादा भोजपुरी गाने गाए हैं और इस भाषा के सिनेमा में अपनी एक अलग जगह बनाई है, जो उन्हें सिर्फ हिंदी फिल्मों तक सीमित नहीं रहने देती।
ससुरा बड़ा पैसावाला से हुई धमाकेदार शुरुआत
साल 2004 में आई ऐतिहासिक भोजपुरी फिल्म 'ससुरा बड़ा पैसावाला' वो पड़ाव था जहाँ श्रेया घोषाल ने इस भाषा के दर्शकों पर पहली बार अपनी गहरी छाप छोड़ी। इस फिल्म में उनके गाए गाने खूब लोकप्रिय हुए। उदित नारायण के साथ गाया उनका गाना 'जान से बढ़के हम तोहरा के जानिले' आज भी उतना ही ताज़ा और सदाबहार लगता है जितना पहली बार सुना था।
इसी फिल्म में एक और गाना था जिसने दर्शकों के दिल को गहरे तक छुआ। 'तोहरा बिन जी ना सकीलें' को श्रेया घोषाल ने मनोज तिवारी के साथ गाया था। इमोशनल और रोमांटिक रंगों से सजा यह गाना आज भी भोजपुरी के चाहने वालों की पसंदीदा सूची में शामिल है।
देसवा का सूना सूना, एक अलग ही एहसास
नितिन चंद्रा की कल्ट फिल्म 'देसवा' में श्रेया घोषाल और सोनू निगम ने मिलकर 'सूना सूना' गाया। यह गाना भोजपुरी संगीत के सबसे गंभीर और संजीदा गानों में गिना जाता है। इस गाने ने उस पहलू को सामने रखा जो भोजपुरी सिनेमा में हमेशा रहा है लेकिन अक्सर नज़रअंदाज़ हो जाता है।
शास्त्रीय तालीम ने दी आवाज़ को खास मिठास
श्रेया घोषाल की क्लासिकल ट्रेनिंग उनके भोजपुरी गानों में साफ़ झलकती है। उनकी आवाज़ में एक खास मिठास और शालीनता है जो उन्हें बाकी गायिकाओं से अलग बनाती है। फिल्म 'रसिक बलमा' में उन्होंने भोजपुरी की पावरहाउस गायिका कल्पना पटवारी के साथ एक सेमी-क्लासिकल युगल गाया, जिसे उनकी बेहतरीन गायकी का उदाहरण माना जाता है।
लोरी और विदाई के गानों ने रुलाया
श्रेया घोषाल ने सिर्फ रोमांटिक गाने ही नहीं गाए। 'माई हौ तू बेटी हईं हम तोहार' जैसी लोरी और विदाई के गानों में उन्होंने जो दर्द और ममता अपनी आवाज़ से उड़ेली, उसने हर सुनने वाले की आँखें नम कर दीं। ये गाने बताते हैं कि उनकी आवाज़ हर तरह की भावना को उतनी ही गहराई से बयां कर सकती है।
भोजपुरी को मिली एक नई सिनेमाई पहचान
जब श्रेया घोषाल ने भोजपुरी फिल्मों में गाना शुरू किया, तो उन्होंने यह साबित कर दिया कि इस भाषा के गानों में भी उतनी ही गहराई, सुरीलापन और सिनेमाई भव्यता है जितनी किसी भी बड़ी भाषा में। 80 से ज़्यादा भोजपुरी गानों का उनका सफर इस बात की जीती-जागती मिसाल है।






