डार्विन में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने घरेलू टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेहद मजबूत पकड़ बना ली है। तीन दिनों का खेल समाप्त होने के बाद यह मुकाबला एक ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां मेहमान टीम ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज करने के मुहाने पर खड़ी है। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक मेजबान कंगारू टीम अपनी दूसरी पारी में 4 विकेट खोकर 161 रन ही बना सकी है और वह अब भी बांग्लादेश के पहली पारी के स्कोर से 67 रन पीछे है। खेल में अभी दो पूरे दिन शेष हैं, जिससे बांग्लादेशी टीम के पास कंगारुओं को उसी के घर में पछाड़ने का एक दुर्लभ और सुनहरा अवसर बन गया है।
पहली पारी का लेखा-जोखा: कमिंस का फैसला और बांग्लादेश का विशाल स्कोर
इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया था। हालांकि, बांग्लादेश के गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के आगे ऑस्ट्रेलियाई पहली पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। पूरी कंगारू टीम पहली पारी में महज 198 रनों पर सिमट गई। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेशी टीम ने अपनी पहली पारी में 426 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। बांग्लादेश के लिए अपना केवल दूसरा टेस्ट मैच खेल रहे युवा सलामी बल्लेबाज तंजीद हसन तमीम ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 101 रनों की शतकीय पारी खेली। उनकी इस पारी के दम पर बांग्लादेश ने पहली पारी के आधार पर 228 रनों की भारी बढ़त हासिल कर ली। इसके साथ ही बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में अपना दूसरा सबसे बड़ा स्कोर दर्ज किया। इससे पहले टीम ने साल 2006 में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 427 रन बनाए थे।
दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की लाचारी
पहली पारी में 228 रनों से पिछड़ने के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरी पारी में वापसी करेगी। लेकिन तीसरे दिन के खेल में भी कंगारू बल्लेबाज बांग्लादेशी गेंदबाजी का डटकर मुकाबला करने में नाकाम रहे। दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने 161 रन बनाने में अपने 4 महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए। ऑस्ट्रेलिया की ओर से ट्रेविस हेड का खराब फॉर्म दोनों पारियों में जारी रहा, जहां वे रन बनाने में पूरी तरह असमर्थ दिखे। फिलहाल ऑस्ट्रेलियाई टीम बांग्लादेश की पहली पारी की बढ़त को भी चुकता नहीं कर पाई है और अभी भी 67 रनों के घाटे में है। ऑस्ट्रेलिया के पास अब दूसरी पारी में केवल छह विकेट शेष बचे हैं, जबकि मैच में पूरे दो दिन का समय बाकी है। ऐसे में मेजबान टीम पर हार का बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
इतिहास रचने के मुहाने पर बांग्लादेशी क्रिकेट टीम
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच टेस्ट क्रिकेट के इतिहास को देखें तो दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 6 टेस्ट मैच खेले गए हैं और जारी डार्विन मुकाबला दोनों के बीच सातवां टेस्ट मैच है। इससे पहले खेले गए 6 मुकाबलों में से ऑस्ट्रेलिया ने 5 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा है। बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अब तक सिर्फ 1 टेस्ट मैच जीता है, जो उसने साल 2017 में ढाका के मैदान पर 20 रनों से अपने नाम किया था। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई धरती पर बांग्लादेश अब तक एक भी टेस्ट मैच जीतने में कामयाब नहीं रहा है।
साल 2003 के बाद पहला ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट दौरा
बांग्लादेश की टीम के लिए यह दौरा बेहद खास है क्योंकि टीम साल 2003 के बाद पहली बार ऑस्ट्रेलिया की धरती पर टेस्ट सीरीज खेलने आई है। जब साल 2003 में बांग्लादेशी टीम ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था, तब उसे सीरीज के दोनों टेस्ट मैचों में करारी हार का सामना करना पड़ा था। उसके बाद से दोनों टीमों के बीच ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर कोई टेस्ट सीरीज आयोजित नहीं हुई थी। अब 23 साल बाद बांग्लादेशी टीम ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट खेल रही है और डार्विन टेस्ट में जीत हासिल कर 2017 की ढाका जीत के बाद कंगारुओं के खिलाफ अपनी दूसरी टेस्ट जीत दर्ज करने के करीब पहुंच गई है। अगर दो दिनों के भीतर बांग्लादेशी गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया के बाकी 6 विकेट हासिल कर लेते हैं, तो यह ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर बांग्लादेश क्रिकेट की पहली ऐतिहासिक जीत होगी।



















