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डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी कब्जे वाले दावे पर भड़का ईरान, कहा होर्मुज पर मालिकाना हक हमारा ही रहेगादुनिया
15 अग॰ 2026, 3:20 pm (74 दिन पहले)· 2

डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी कब्जे वाले दावे पर भड़का ईरान, कहा होर्मुज पर मालिकाना हक हमारा ही रहेगा

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने के दावे पर ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है। तेहरान ने स्पष्ट किया कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर केवल ईरान का अधिकार रहेगा।

ईरान ने शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने का दावा किया था। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान का था, ईरान का है और हमेशा ईरान का ही रहेगा। यह तीखी प्रतिक्रिया ट्रंप के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका जल्द ही इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को अपने क्षेत्र का हिस्सा बना लेगा, जिसे ईरान ने एक काल्पनिक विचार करार देकर खारिज कर दिया है।

ईरान का वाशिंगटन को करारा जवाब

ट्रंप के बयानों का जवाब देते हुए ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विस्तृत पोस्ट जारी की। ग़रीबाबादी ने ट्रंप के उस दावे का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान को हराने के बाद अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को अपना क्षेत्र घोषित करेगा। ईरानी उप विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि इतने महत्वपूर्ण जलमार्ग पर अधिकार न तो सोशल मीडिया ट्वीट से, न ही एयरक्राफ्ट कैरियर से, न ही किसी प्रशासनिक आदेश या चुनावी भाषण से हासिल किया जा सकता है।

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काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा कि वाशिंगटन को अब रणनीतिक और भारी हार की सच्चाई को स्वीकार कर लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक अमेरिकी प्रशासन इस सच्चाई को स्वीकार नहीं करता और अपनी काल्पनिक गलतफहमियों को दूर नहीं करता, तब तक ईरान अपनी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखेगा। उन्होंने साफ किया कि इस जलडमरूमध्य को खोलने या बंद करने का फैसला केवल ईरान के आदेश पर ही होगा।

न्यूयॉर्क रैली में ट्रंप का बयान और व्हाइट हाउस का स्पष्टीकरण

इस पूरे विवाद की शुरुआत न्यूयॉर्क की एक पुलिस अकादमी में आयोजित एक राजनीतिक रैली के दौरान हुई। रैली को संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने हंसते हुए कहा था कि ईरान को पूरी तरह से हराने के बाद जल्द ही होर्मुज को संयुक्त राज्य अमेरिका का क्षेत्र घोषित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि ईरान युद्ध में बुरी तरह हार रहा है। ट्रंप ने आगे तर्क दिया कि अपनी गाड़ियों के पेट्रोल के लिए थोड़ी ज्यादा कीमत चुकाना इस बात को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सही है कि एक बहुत बुरे देश के हाथ में परमाणु हथियार न आने पाएं।

ट्रंप के इस बयान के बाद उपजे विवाद के बीच व्हाइट हाउस के एक अज्ञात अधिकारी ने स्थिति साफ करने की कोशिश की। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ट्रंप का यह बयान केवल एक मजाक था और इसे गंभीर नीतिगत फैसले के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

ट्रुथ सोशल पर दावे और नौसैनिक घेराबंदी

व्हाइट हाउस की सफाई से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर भी इसी तरह की बातें लिखी थीं। बुधवार को की गई एक पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है और वे इसे अपने कंट्रोल में ही रखेंगे। उन्होंने अमेरिकी नौसैनिक उपस्थिति की तारीफ करते हुए इसे स्टील की दीवार बताया था और कहा था कि ईरान इस घेराबंदी के सामने कुछ नहीं कर सकता।

तेहरान की सैन्य कमान और राजनयिकों की चेतावनी

ट्रंप के इन दावों को तेहरान की सैन्य कमान ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। ईरान की सेंट्रल मिलिट्री कमांड 'खातम-अल-अंबिया' के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोलफ़गारी ने सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक वीडियो संदेश में कहा कि अमेरिका का यह दावा पूरी तरह से झूठा और मनगढ़ंत है कि होर्मुज से जहाज सामान्य रूप से गुजर रहे हैं।

इब्राहिम ज़ोलफ़गारी ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पहले की तरह ही इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के पूरे प्रबंधन और सैन्य नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि ईरान की सेना की मंजूरी और सीधी निगरानी के बिना किसी भी कमर्शियल जहाज या तेल टैंकर का इस जलमार्ग से सुरक्षित गुजरना न तो पहले संभव था और न ही भविष्य में संभव होगा। इसके साथ ही ईरान के वरिष्ठ राजनयिक अब्बास अरागची ने भी X पर पोस्ट कर अमेरिका की आलोचना की और कहा कि खुफिया तंत्र की नाकामी के कारण अमेरिका लंबे समय से इस क्षेत्र और स्थिति का गलत अंदाजा लगाता रहा है।

सवाल-जवाब

डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर क्या दावा किया था?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को हराने के बाद अमेरिका जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करेगा और वहां नौसैनिक घेराबंदी मजबूत रखेगा।
ट्रंप के दावे पर ईरान के उप विदेश मंत्री ने क्या प्रतिक्रिया दी?
काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा कि होर्मुज पर ट्वीट, नौसैनिक जहाजों या भाषणों से कब्जा नहीं किया जा सकता और जब तक अमेरिका हार स्वीकार नहीं करता, नाकेबंदी जारी रहेगी।
क्या व्हाइट हाउस ने ट्रंप के बयान पर कोई स्पष्टीकरण जारी किया?
हां, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बाद में साफ किया कि ट्रंप उस समय केवल मजाक कर रहे थे।
ईरान की सैन्य कमान खातम-अल-अंबिया का इस मामले पर क्या कहना है?
सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोलफ़गारी ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से ईरान के नियंत्रण में है और बिना ईरानी अनुमति के कोई भी व्यापारिक जहाज या टैंकर वहां से सुरक्षित नहीं गुजर सकता।
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टिप्पणियाँ 2

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·74 दिन पहले

डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान और व्हाइट हाउस के स्पष्टीकरण के बीच का विरोधाभास अमेरिकी विदेश नीति में अनिश्चितता को उजागर करता है। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक मार्ग पर ऐसे हल्के बयान वैश्विक तेल बाजारों में घबराहट पैदा कर सकते हैं। ईरान द्वारा नौसैनिक नाकेबंदी और जवाबी बयानों से मध्य पूर्व में तनाव और गहराने की पूरी आशंका है, जिससे आने वाले दिनों में कूटनीतिक मोर्चे पर चुनौतियां और बढ़ेंगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·74 दिन पहले

कार्लोस मेंडोज़ा के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, यदि हम भू-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य से देखें तो होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़ है, जहाँ से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल आपूर्ति संचालित होती है। व्हाइट हाउस द्वारा इसे महज़ मज़ाक करार देना कूटनीतिक स्तर पर अनिश्चितता को और गहराता है। ईरान की तरफ से नौसैनिक नाकेबंदी और वाशिंगटन के आक्रामक बयानों के बीच यह गतिरोध अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर रहा है। आने वाले समय में ओपेक देशों के रुख और समुद्री सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती पर वैश्विक समुदाय की पैनी नजर होगी।

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