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किन्नौर में टुम्बर खड्ड की बाढ़ से बहा चितकुल-दुमती पुल, सीमा क्षेत्र का संपर्क टूटाबिहार
18 घंटे पहले· 0

किन्नौर में टुम्बर खड्ड की बाढ़ से बहा चितकुल-दुमती पुल, सीमा क्षेत्र का संपर्क टूटा

किन्नौर में रविवार शाम टुम्बर खड्ड में अचानक आई बाढ़ ने चितकुल-दुमती पुल बहा दिया, जिससे भारत-तिब्बत सीमा क्षेत्र का सड़क संपर्क टूट गया, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

किन्नौर जिले में रविवार शाम अचानक आई फ्लैश फ्लड ने रानीकांडा के पास टुम्बर खड्ड में इतना तेज बहाव ला दिया कि चितकुल और दुमती को जोड़ने वाला पुल पूरी तरह बह गया, जिससे हिमाचल प्रदेश के इस आदिवासी जिले में भारत-तिब्बत सीमा वाले इलाके का संपर्क टूट गया।

मलबा जा गिरा बासपा नदी में

अधिकारियों के मुताबिक खड्ड में पानी का बहाव इतना तेज था कि पुल का ढांचा टिक नहीं पाया और उसका मलबा बहते हुए बासपा नदी में जा मिला। पुल टूटने से इस सीमावर्ती इलाके तक सड़क संपर्क फिलहाल कट गया है, जिसका सीधा असर सुरक्षाबलों की आवाजाही और जरूरी सामान की सप्लाई पर पड़ रहा है।

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बड़ी अनहोनी टली, कोई हताहत नहीं

राहत की बात यह रही कि जिस वक्त बाढ़ आई, पुल पर न तो कोई व्यक्ति था और न ही कोई गाड़ी, इसलिए किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। सांगला के तहसीलदार ने पुष्टि की कि इस घटना में जान या माल का कोई नुकसान नहीं हुआ और स्थानीय प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।

बीआरओ ने शुरू किया नुकसान का जायजा

सीमा सड़क संगठन यानी बीआरओ ने सड़क और पुल को हुए नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और उम्मीद है कि सीमा क्षेत्र तक आवाजाही फिर से बहाल करने के लिए मरम्मत का काम जल्द शुरू होगा। इस बीच जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों और यात्रियों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान नदी-नालों से दूर रहें और सिर्फ जिला प्रशासन तथा भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी की तरफ से जारी सलाह पर ही भरोसा करें।

आईएमडी ने दी और भारी बारिश की चेतावनी

यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब हिमाचल प्रदेश में मानसून पहले से ही सक्रिय है। आईएमडी पहले ही राज्य में व्यापक बारिश, कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बरसात और कई जिलों में फ्लैश फ्लड तथा भूस्खलन की आशंका जता चुका है। यह चेतावनी 20 जुलाई सुबह 8:30 बजे तक लागू रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी हरियाणा के ऊपर बने ऊपरी हवाओं के चक्रवाती घेरे और हिमालय की तलहटी के करीब खिसक रही मानसून ट्रफ की वजह से मौसम सक्रिय बना हुआ है, जिससे अगले 24 घंटों में राज्यभर में बारिश और तेज होने की आशंका है।

पुल टूटने से पहले वाले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई, जिसमें धर्मशाला में सबसे ज्यादा 82.2 मिमी बरसात हुई, जो मानसून की सक्रियता को दिखाता है। आईएमडी के मुताबिक चंबा, कांगड़ा, शिमला और मंडी में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि ऊना, बिलासपुर, सोलन, हमीरपुर, कुल्लू और सिरमौर में कहीं-कहीं भारी बारिश की आशंका है। किन्नौर में भी कुछ जगहों पर मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के लोगों से अगले 24 घंटों तक सतर्क रहने की अपील की है क्योंकि मानसून की सक्रियता अभी बनी रहने वाली है।

सवाल-जवाब

चितकुल और दुमती के बीच पुल को क्या हुआ?
रविवार शाम टुम्बर खड्ड में आई फ्लैश फ्लड में पुल बह गया और उसका मलबा बासपा नदी में जा मिला।
क्या इस हादसे में कोई हताहत हुआ?
नहीं, हादसे के वक्त पुल पर कोई व्यक्ति या वाहन नहीं था, इसलिए किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
यह पुल इतना अहम क्यों है?
यह पुल भारत-तिब्बत सीमा से जुड़े किन्नौर के इलाके को जोड़ता है और सुरक्षाबलों की आवाजाही तथा जरूरी सामान की सप्लाई के लिए इस्तेमाल होता है।
मरम्मत का काम कौन कर रहा है?
सीमा सड़क संगठन यानी बीआरओ ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और जल्द ही सड़क व पुल की मरम्मत शुरू करेगा।
आईएमडी की चेतावनी कब तक लागू है?
यह चेतावनी 20 जुलाई सुबह 8:30 बजे तक लागू रहेगी।
पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश कहां दर्ज हुई?
धर्मशाला में सबसे ज्यादा 82.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
किन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा है?
चंबा, कांगड़ा, शिमला और मंडी में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
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