बिहार के गोपालगंज जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक सिरफिरे युवक ने अपने ही परिवार से 2 लाख रुपये ऐंठने की खातिर खुद के अपहरण का झूठा नाटक रच डाला। पुलिस ने जब इस पूरे वाकये की गहराई से पड़ताल की, तो सस्पेंस से भरी इस कहानी का भंडाफोड़ हो गया। श्रीपुर थाना क्षेत्र के जंगलों से पुलिस ने आरोपी छोटेलाल सिंह को उसके मोबाइल फोन के साथ धर दबोचा। जांच में सच सामने आने के बाद पुलिस ने युवक के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसते हुए उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
अपहरण की खबर से मचा हड़कंप और पुलिस की तुरंत कार्रवाई
यह पूरा मामला मंगलवार का है, जब श्रीपुर थाना क्षेत्र में सूचना फैली कि मिश्र बतरहा बाजार से छोटेलाल सिंह नामक युवक का अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया है। मिश्र बतरहा बाजार फुलवरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। जैसे ही परिजन और स्थानीय लोग इस खबर से घबराए, पुलिस प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया। श्रीपुर थानाध्यक्ष ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए बिना कोई समय गंवाए घटनास्थल और आसपास के इलाकों का जायजा लिया। पुलिस ने मिश्र बतरहा बाजार तथा उससे जुड़ी मुख्य सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए। साथ ही स्थानीय दुकानदारों और प्रत्यक्षदर्शियों से गहन पूछताछ की गई ताकि अपहरणकर्ताओं का कोई सुराग मिल सके। मामले की पूरी रिपोर्ट तुरंत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सौंपी गई।
एसपी के आदेश पर बनी विशेष जांच टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनय तिवारी ने तुरंत एक्शन लिया। एसपी विनय तिवारी के स्पष्ट निर्देशों पर एक उच्चस्तरीय विशेष जांच टीम का गठन किया गया। इस विशेष टीम की कमान हथुआ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), श्रीपुर थानाध्यक्ष और जिला सूचना इकाई (डीआईयू) की संयुक्त टीम को सौंपी गई। जांच टीम ने घटना स्थल के आसपास के क्षेत्र में नाकेबंदी की और तकनीकी निगरानी बढ़ा दी। डीआईयू टीम ने मोबाइल सर्विलांस और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स की मदद से संदिग्ध नंबरों और लोकेशन को ट्रैक करना शुरू किया। इसके साथ ही इंसानी खुफिया तंत्र यानी मुखबिरों को भी मुस्तैद किया गया ताकि हर छोटी-से-छोटी जानकारी जुटाई जा सके।
जंगल से पकड़ा गया खुद को अपहृत बताने वाला युवक
पुलिस की दिन-रात की मेहनत और तकनीकी छानबीन का नतीजा जल्द ही सामने आ गया। जांच के दौरान पुलिस टीम को एक गुप्त सूचना मिली कि खुद को अपहृत बताने वाला छोटेलाल सिंह कहीं बाहर किसी गिरोह के कब्जे में नहीं है, बल्कि वह श्रीपुर थाना क्षेत्र के ही एक घने जंगल में छिपा बैठा है। सूचना मिलते ही विशेष जांच टीम ने रणनीति बनाई और उस जंगल के इलाके की घेराबंदी कर ली। पुलिस टीम ने जंगल में ताबड़तोड़ छापेमारी की और झाड़ियों के बीच छिपे छोटेलाल सिंह को सकुशल बरामद कर लिया। उसके पास से उसका वह मोबाइल फोन भी जब्त किया गया, जिसका इस्तेमाल परिजनों को कॉल करने और फिरौती मांगने के लिए किया जा रहा था।
परिवार से 2 लाख ऐंठने का खुलासा और गिरफ्तारी
बरामदगी के बाद जब पुलिस अधिकारियों ने छोटेलाल सिंह से कड़ी पूछताछ शुरू की, तो उसने सच उगल दिया। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसके अपहरण का कोई वास्तविक मामला नहीं था, बल्कि उसने खुद ही इस पूरी साजिश का ताना-बाना बुना था। उसका मुख्य मकसद अपने ही परिवार के सदस्यों से डरा-धमकाकर 2 लाख रुपये की मोटी रकम वसूलना था। पुलिस ने मामले से जुड़े सभी तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और परिजनों के बयानों को दर्ज करते हुए छोटेलाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कागजी कार्रवाई और मेडिकल जांच के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
झूठी शिकायत दर्ज कराने वालों को पुलिस की कड़ी चेतावनी
इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए पुलिस प्रशासन ने समाज के लिए एक सख्त संदेश जारी किया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति यदि झूठे आपराधिक मामले दर्ज कराकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करेगा या सरकारी संसाधनों और समय का अनावश्यक दुरुपयोग कराएगा, तो उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। गोपालगंज पुलिस ने साफ कर दिया कि ऐसी फर्जी साजिशें रचकर कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।




















