बिहार के औरंगाबाद जिले के कुटुंबा थाना इलाके में इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां 15 साल की एक नाबालिग बच्ची के साथ दरिंदगी की गई। पीड़ित छात्रा सातवीं कक्षा में पढ़ाई करती है और चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी है। इस सनसनीखेज वारदात के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया और फौरन कदम उठाते हुए दो आरोपियों को धर दबोचा, जबकि तीसरे की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। घटना के बाद से ही इलाके में सनसनी फैली हुई है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, घटना के वक्त पीड़िता के पिता मजदूरी करने के लिए बाहर गए हुए थे, जबकि उसकी मां अपने छोटे भाई को लेकर अस्पताल गई हुई थी। पीड़िता पिछले दो-तीन दिनों से बुखार से पीड़ित थी और दवा लेने के लिए उसे अकेले ही कुटुंबा अस्पताल जाना पड़ रहा था। वह अपने घर से पैदल ही अस्पताल की तरफ रवाना हुई थी, लेकिन रास्ते में ही बदमाशों ने उसे अपनी हवस का शिकार बना लिया।
कार में खींचकर किया गया अपहरण
पीड़िता ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि जब वह अपने घर से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर पैदल चल रही थी, तभी अचानक पीछे से एक तेज रफ्तार कार आकर रुकी। उस गाड़ी में तीन लड़के सवार थे। आरोपियों ने गाड़ी रोककर उससे पूछताछ की कि वह कहां जा रही है। जब पीड़िता ने अपनी खराब तबीयत और कुटुंबा अस्पताल जाने की बात कही, तो उन तीनों ने उसे जबरन कार के भीतर खींच लिया। उसका मुंह तुरंत बंद कर दिया गया ताकि वह किसी भी तरह का शोर न मचा सके और मदद के लिए गुहार न लगा सके। इसके अलावा बदमाशों ने उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया ताकि वह किसी से संपर्क न साध सके।
हत्या की साजिश और दरिंदगी
पुलिस पूछताछ में पीड़िता ने जो रूट और जानकारी साझा की, उससे पता चला कि आरोपी उसे उसके घर से करीब 35 किलोमीटर दूर तक ले गए थे। जांच के मुताबिक, आरोपी उसे अंबा बाजार से एनएच 139 के रास्ते शंकरपुर आरओबी के करीब स्थित धावा गांव के मार्ग पर ले गए थे, जहां इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने न सिर्फ उसके साथ बेरहमी से मारपीट की बल्कि यौन हिंसा भी की। इस दौरान जब उसने आरोपियों को आपस में उसकी हत्या करने की योजना बनाते हुए सुना, तो उसने अपनी जान बख्शने के लिए उनके आगे बहुत गिड़गिड़ाया और मिन्नतें कीं।
घर के पास छोड़कर भागे आरोपी
अपराध को अंजाम देने के बाद आरोपी उसे वापस कार में बिठाकर उसके घर से लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर छोड़कर फरार हो गए। जाते वक्त उन्होंने उसका छीना हुआ मोबाइल फोन भी वापस लौटा दिया। इसके बाद पीड़िता ने किसी तरह अपने दादा-दादी को फोन कर मौके पर बुलाया और घर पहुंचकर आपबीती सुनाई। सोमवार को पीड़िता अपने माता-पिता के साथ कुटुंबा थाने पहुंची और लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
सामने आया अहम ऑडियो सबूत
इस पूरे मामले में पीड़िता के परिजनों ने पुलिस को एक ऑडियो क्लिप भी सौंपी है। परिजनों का दावा है कि यह ऑडियो कार के अंदर ही पीड़िता के मोबाइल फोन के जरिए रिकॉर्ड हो गया था। इस ऑडियो में पृष्ठभूमि में काफी तेज आवाज में एक भोजपुरी गाना बजता हुआ सुनाई दे रहा है और इसी दौरान एक आरोपी द्वारा कई अन्य लड़कियों को अपना शिकार बनाने की बात कही जा रही है। पुलिस इस ऑडियो की बारीकी से तकनीकी जांच कर रही है ताकि अन्य खुलासे भी सामने आ सकें।
एसआईटी का गठन और गिरफ्तारियां
इस दर्दनाक घटना की गंभीरता को देखते हुए औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा के निर्देश पर सदर-1 के एसडीपीओ आदित्य कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया है। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए नामजद तीन में से दो आरोपियों को उनके पैतृक गांव से ही गिरफ्तार कर लिया है। तीसरे फरार आरोपी की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। वहीं, दूसरी ओर मानसिक और शारीरिक रूप से टूटी पीड़िता को बेहतर इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है।



















