उत्तराखंड के पर्वतीय अंचल नैनीताल में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने पर्यटन उद्योग की रफ्तार रोक दी है। सप्ताहांत के दौरान पर्यटकों की चहल-पहल से गुलजार रहने वाली प्रसिद्ध मॉल रोड और प्रमुख दर्शनीय स्थल इन दिनों सुनसान पड़े हैं। पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन की आशंका, उफान पर आती नदियां और अनिश्चित मौसम के समाचारों ने पर्यटकों को अपनी यात्राएं टालने पर मजबूर कर दिया है। इस स्थिति के चलते नैनीताल के होटल, जलपान गृह, टैक्सी सेवा, नौकायन और पटरी दुकानदारों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
पहाड़ों में लगातार बरसती आफत से वीरान हुए पर्यटन स्थल
नैनीताल में आमतौर पर मानसून के समय पर्यटकों की संख्या घट जाती है, परंतु इस वर्ष शुरुआती बरसात के बावजूद सप्ताहांत पर अच्छी संख्या में सैलानी पहुंच रहे थे। मौसम अनुकूल रहने से व्यापारी वर्ग को बेहतर व्यापार की उम्मीद थी। हालांकि, हालिया दिनों में रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश ने परिदृश्य को पूरी तरह से परिवर्तित कर दिया है। पर्यटकों के न आने से स्थानीय बाजारों की रौनक गायब हो गई है और चारों ओर सन्नाटा पसरा हुआ है।
स्थानीय फड़ एवं पटरी व्यवसायी परवेज खान के अनुसार, अचानक बिगड़े मौसम ने छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने बताया कि पहाड़ों की भौगोलिक स्थिति और मार्ग अवरुद्ध होने की खबरों से लोगों के दिलों में भय का वातावरण बन गया है। दुकानों पर ग्राहकों का सर्वथा अभाव है, जिससे दैनिक खर्चा निकालना भी कठिन चुनौती बन गया है। पर्यटकों की घटती आवक के कारण शहर की व्यावसायिक गतिविधियां थम सी गई हैं।
कारोबार पर पड़ा 75 फीसदी का असर, सता रही आजीविका की चिंता
नैनीताल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट ने क्षेत्र के वर्तमान हालातों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पर्वतीय इलाकों में बरसात का होना स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन लगातार जारी अतिवृष्टि ने पर्यटन गतिविधियों पर गहरा आघात किया है। उनके अनुसार, कुछ समय पूर्व तक ऑफ-सीजन के बावजूद सप्ताहांत पर होटलों में अच्छी बुकिंग दर्ज की जा रही थी।
दिग्विजय सिंह बिष्ट ने स्पष्ट किया कि पड़ोसी देश नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा और तत्पश्चात क्षेत्र में शुरू हुई अनवरत वर्षा के संयुक्त प्रभाव से पर्यटन उद्योग को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। मौजूदा समय में नैनीताल का पर्यटन व्यवसाय करीब 75 प्रतिशत तक ठप हो चुका है और केवल 25 प्रतिशत काम ही शेष बचा है। होटल संचालकों से लेकर पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी इस समय गंभीर आर्थिक संकट और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं।
प्रशासन से पारदर्शी एडवाइजरी और मार्ग स्थिति सार्वजनिक करने की मांग
पर्यटन क्षेत्र को संकट से उबारने और सैलानियों का भ्रम दूर करने के लिए होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष ने स्थानीय प्रशासन से एक विस्तृत एवं आधिकारिक एडवाइजरी जारी करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि पहाड़ियों में तेज बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और कुछ स्थानों पर भूस्खलन से यातायात बाधित हुआ है। सही जानकारी न मिलने के कारण पर्यटकों के मन में अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है।
प्रशासन को चाहिए कि वह मुख्य मार्गों की स्थिति, यातायात सुगमता और सुरक्षित पर्यटन स्थलों की विस्तृत जानकारी नियमित अंतराल पर सार्वजनिक करे। जब पर्यटकों को अधिकृत स्रोतों से सड़क सुरक्षा और खुले मार्गों की सटीक सूचना प्राप्त होगी, तब वे निर्भीक होकर नैनीताल भ्रमण की योजना बना सकेंगे। स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अभाव में सैलानी यात्रा करने से कतरा रहे हैं।
शहर सुरक्षित होने का दावा और सोशल मीडिया पर फर्जी अफवाहों से बचने की अपील
दिग्विजय सिंह बिष्ट ने सैलानियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि भारी वर्षा के बावजूद नैनीताल शहर पूरी तरह से सुरक्षित है। यदि किसी मार्ग पर मलबा आने से यातायात रुकता है, तो प्रशासनिक तंत्र द्वारा उसे कुछ ही घंटों के भीतर साफ करके आवाजाही बहाल कर दी जाती है। शहर के आंतरिक क्षेत्र और दर्शनीय स्थल पर्यटकों की अगवानी के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही भ्रामक सामग्रियों पर चिंता जताई। बिष्ट ने पर्यटकों से अपील की कि वे इंटरनेट पर वायरल होने वाले पुराने अथवा अन्य दुर्गम स्थानों के वीडियो देखकर भयभीत न हों। कई बार असामाजिक तत्वों या पुरानी सामग्रियों द्वारा नैनीताल का नाम जोड़कर झूठी अफवाहें फैलाई जाती हैं, जिसका सीधा दुष्परिणाम स्थानीय कारोबार पर पड़ता है। उन्होंने आग्रह किया कि केवल शासकीय एवं प्रशासनिक तंत्र द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।



















