नागालैंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है और राज्य सरकार ने सभी संबंधित विभागों तथा जिला प्रशासन को सतर्क रहने का निर्देश दिया है, क्योंकि बारिश की वजह से जगह-जगह भूस्खलन की गंभीर घटनाएं सामने आ रही हैं।
यह निर्देश ऐसे समय आया है जब मॉन जिले में हुए एक भूस्खलन हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। सुपोंगमेरेन ने मॉन भूस्खलन त्रासदी पर गहरा दुख जताया और सरकार से तुरंत राहत और सहायता पहुंचाने की मांग की। हादसे से प्रभावित परिवारों तक जल्द मदद पहुंचे, इसके लिए उन्होंने प्रशासन से तेजी दिखाने को कहा।
सरकार की तैयारी और चेतावनी
राज्य सरकार ने साफ किया है कि लगातार बारिश को देखते हुए किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी अधिकारियों को पूरी तरह मुस्तैद रहना होगा। संवेदनशील और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा प्राथमिकता है, और प्रशासन को राहत व बचाव कार्यों के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
पूर्वोत्तर भारत में मानसून का बढ़ता खतरा
नागालैंड जैसे पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून के दौरान भारी बारिश से भूस्खलन की घटनाएं आम होती जा रही हैं, जिससे सड़कें बाधित होती हैं और गांवों का संपर्क टूट जाता है। ऐसे में सरकार का यह ताजा निर्देश आने वाले दिनों में संभावित खतरे को कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।



















