बिहार की राजधानी पटना से सटे बाढ़ क्षेत्र के बेढना गांव में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां शराब में जहरीला पदार्थ मिलाकर चार युवकों की हत्या कर दी गई। 30 अगस्त को हुई इस सनसनीखेज घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 48 घंटे के भीतर पूरे मामले की गुत्थी सुलझा ली है। पटना के ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि पूरी साजिश के पीछे प्रेम प्रसंग और आपसी पुरानी रंजिश मुख्य वजह थी। पुलिस ने इस कार्रवाई में मुख्य साजिशकर्ता लाली कुमार और जहर की व्यवस्था करने वाले सब्जी विक्रेता रुदल कुमार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग आरोपी को भी हिरासत में लिया गया है।
शराब की दावत में जहर मिलाकर दिया वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में यह बात स्पष्ट हुई है कि आरोपी लाली कुमार ने सोची-समझी रणनीति के तहत चारों युवकों को अपने पास शराब पीने के लिए आमंत्रित किया था। युवकों के पहुंचने से पहले ही लाली ने बाजार से खरीदे गए घातक जहर को शराब की बोतल में अच्छी तरह मिला दिया था। जैसे ही युवकों ने शराब का सेवन किया, उनकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी और संदिग्ध परिस्थितियों में चारों की जान चली गई। घटना के वैज्ञानिक प्रमाण जुटाने और आधिकारिक पुष्टि के लिए पुलिस ने मृतकों के विसरा और घटनास्थल से बरामद शराब के नमूनों को फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) जांच के लिए भेज दिया है। ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार ने बताया कि एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद जहर के सटीक प्रकार और रासायनिक तत्वों का आधिकारिक खुलासा हो सकेगा।
दो साल लंबा प्रेम प्रसंग और तानों का रंजिश भरा प्रतिशोध
पुलिस की पूछताछ और गहन जांच के दौरान इस दर्दनाक घटना का मुख्य कारण सामने आया। मृतक नीशू कुमार का मुख्य आरोपी लाली कुमार की बहन के साथ पिछले दो से ढाई वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी प्रेम संबंध को लेकर दोनों परिवारों और युवकों के बीच लंबे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई थी। नीशू कुमार और उसके दोस्त अक्सर लाली कुमार को इस प्रेम संबंध को लेकर चिढ़ाया करते थे और ताने मारते थे। लगातार मिल रहे तानों और अपमान के कारण लाली कुमार के मन में गहरा प्रतिशोध और गुस्सा भर गया था। इसी नाराजगी में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर नीशू और उसके दोस्तों को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। शुरुआती दौर में पुलिस को अंदेशा था कि हत्या की वजह किसी पुराने मुकदमे की गवाही हो सकती है, लेकिन जब पुलिस ने हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की तो लाली कुमार ने कबूल किया कि उसने तानों और प्रेम प्रसंग के प्रतिशोध में ही इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया है।
विशेष जांच दल का गठन और 48 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी
चार युवकों की मौत की घटना की गंभीरता को देखते हुए बाढ़ पुलिस प्रशासन ने तुरंत एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। इस विशेष टीम में बाढ़ क्षेत्र के कई थानों के अध्यक्षों के अलावा जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) के विशेषज्ञों को शामिल किया गया था। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर त्वरित छापेमारी की और 48 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी लाली कुमार को दबोच लिया। इसके साथ ही जहर का इंतजाम कराने में मददगार रहे स्थानीय सब्जी विक्रेता रुदल कुमार को भी गिरफ्तार कर कानून के कटघरे में खड़ा किया गया। घटना में शामिल एक नाबालिग को भी निरुद्ध कर बाल सुधार गृह भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के अन्य सभी संभावित पहलुओं की भी बारीकी से जांच की जा रही है ताकि अदालत में आरोपियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।



















