अप्रैल से जून तिमाही के दौरान भारत की सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की विकास दर 7.8 प्रतिशत दर्ज किए जाने के बाद से राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल मच गई है। अर्थव्यवस्था के इन मजबूत आंकड़ों ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की मजबूती को साबित कर दिया है, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए विपक्षी नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। सत्तारूढ़ दल का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में अंधी हो चुकी कांग्रेस पार्टी अब देश की विकास यात्रा और अंतरराष्ट्रीय छवि को भी नुकसान पहुंचाने से नहीं चूक रही है। राजधानी स्थित पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष के तमाम दावों को खारिज करते हुए कहा कि पिछले कुछ समय से देश की अर्थव्यवस्था को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि 7.8 प्रतिशत की यह शानदार विकास दर उन सभी लोगों के मुंह पर करारा तमाचा है जो देश में आर्थिक बदहाली की झूठी कहानियां गढ़ रहे थे।
आर्थिक समझ और पुरानी नीतियों पर सवाल
रविशंकर प्रसाद ने आगे आक्रामक तेवर दिखाते हुए विपक्ष के शीर्ष नेतृत्व की आर्थिक समझ पर भी गहरे सवाल खड़े किए। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि बिना किसी जमीनी हकीकत या ठोस अध्ययन के केवल दूसरों के तैयार किए गए बयानों को पढ़ना आदत बन चुका है। सत्ता पक्ष का यह भी तर्क है कि वर्ष 2013 के दौरान जब देश में कांग्रेस नीत सरकार थी, तब भारत दुनिया की सबसे कमजोर अर्थव्यवस्थाओं की उस सूची में शामिल था जिसे नाजुक अर्थव्यवस्था माना जाता था। इसके विपरीत, वर्तमान प्रशासन ने अपनी दूरदर्शी नीतियों और सुधारों के बल पर देश को इस मुकाम पर पहुंचाया है कि आज अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की रफ़्तार से आगे बढ़ रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जनता को संदेश
आर्थिक मोर्चे पर मिली इस बड़ी सफलता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद मोर्चा संभालते हुए देश की जनता के नाम एक संदेश जारी किया। दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक तनाव, युद्ध के हालात और वैश्विक स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला में आ रही बाधाओं के बावजूद हासिल की गई इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने देश के मेहनतकश नागरिकों, उद्यमियों और कामगारों को दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश के माध्यम से उन्होंने नकारात्मकता फैलाने वाले तत्वों परोक्ष रूप से निशाना साधा। प्रधानमंत्री का यह स्पष्ट संदेश था कि इन मजबूत आंकड़ों ने देश के भीतर जानबूझकर फैलाए जा रहे निराशा के उस दौर को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है जो लगातार प्रगति को कमतर आंकने की कोशिश कर रहा था।
सार्वजनिक माफी की मांग और वित्तीय प्रबंधन की सराहना
इस पूरे घटनाक्रम के बीच बीजेपी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कुशल वित्तीय प्रबंधन और देश के उद्योग जगत के योगदान की खुलकर सराहना की है। पार्टी की ओर से यह कड़ी मांग रखी गई है कि वैश्विक मंचों पर भारतीय अर्थव्यवस्था की साख को बट्टा लगाने और उसका उपहास उड़ाने के लिए राहुल गांधी को देश की जनता से बिना किसी शर्त के माफी मांगनी चाहिए।



















