महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई के चेंबूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आरसीएफ पुलिस स्टेशन इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक चौबीस वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका की पहचान विष्णुमाया के रूप में की गई है, जिसकी जान कथित तौर पर उसके ही प्रेमी की करतूत के कारण चली गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के बॉयफ्रेंड को दबोच लिया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। शुरुआती तफ्तीश में यह बात सामने निकलकर आई है कि आरोपी को अपनी प्रेमिका के चरित्र पर गहरा शक था, जिसके चलते उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
घटनाक्रम के अनुसार, पच्चीस से छब्बीस अगस्त की दरमियानी रात को विष्णुमाया चेंबूर की मैसूर कॉलोनी स्थित बंगला नंबर सत्तावन-ए में अचेत अवस्था में पाई गई थी। परिवार के लोगों की नजर जब उसकी इस हालत पर पड़ी, तो उन्होंने बिना कोई वक्त गंवाए उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी और इलाज के दौरान ही उसने दम तोड़ दिया। इस अचानक हुई मौत के बाद जब पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपनी स्वतंत्र जांच का दायरा बढ़ाया, तो आसपास के लोगों से पूछताछ की गई और तमाम परिस्थितियों के आधार पर साक्ष्यों को खंगाला गया। पुलिस की इस शुरुआती जांच में जो तथ्य हाथ लगे, वे बेहद चौकाने वाले थे और इनसे इस संदिग्ध मौत का राज खुलकर सामने आ गया।
आरोपी को पांच दिन की पुलिस रिमांड
जांच के दौरान पुलिस को इस बात के पुख्ता संकेत मिले कि विष्णुमाया को किसी और ने नहीं बल्कि उसके अपने प्रेमी आशीष मगर ने ही सुनियोजित तरीके से जहर मिला हुआ सॉफ्ट ड्रिंक पिलाया था। आरोपी ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने और इस पूरे मामले को एक सामान्य अथवा प्राकृतिक मौत का रूप देने की भरपूर कोशिश की थी। उसने पुलिस और परिजनों को यह यकीन दिलाने का प्रयास किया कि युवती की मौत किसी बीमारी या सामान्य कारणों से हुई है। हालांकि, जैसे-जैसे पुलिस की तफ्तीश आगे बढ़ी और कड़ियों को जोड़ा गया, वैसे-वैसे आशीष मगर की संदिग्ध भूमिका साफ होती चली गई। इसके बाद आरसीएफ पुलिस ने बिना कोई और वक्त गंवाए आरोपी आशीष मगर को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से अदालत ने उसे पाँच दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
वर्तमान में पुलिस इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए गहनता से छानबीन कर रही है। अधिकारियों का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि आखिर वह जहरीला पदार्थ आरोपी ने कहाँ से और कैसे हासिल किया था। इसके अलावा यह भी खंगाला जा रहा है कि उस जहर को सॉफ्ट ड्रिंक में किस प्रकार मिलाया गया और इस खूनी खेल के पीछे उसकी वास्तविक मानसिक स्थिति व मंशा क्या थी। पुलिस इस आपराधिक षड्यंत्र से जुड़े अन्य तमाम पहलुओं, तकनीकी साक्ष्यों और मौके पर उपलब्ध हर एक सबूत का बारीकी से विश्लेषण कर रही है ताकि अदालत में मजबूत चार्जशीट पेश की जा सके।
पुणे में भी सामने आई थी हत्या की एक और वारदात
इसी तरह की एक अन्य खौफनाक वारदात महाराष्ट्र के ही पुणे शहर से भी प्रकाश में आई है, जहाँ एक पति ने अपनी पत्नी के प्रेमी की चाकू गोदकर हत्या कर दी। यह सनसनीखेज घटना गुरुवार की रात करीब नौ बजे अंजाम दी गई। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस खूनी संघर्ष में जान गंवाने वाले शख्स की पहचान अमर पवार के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी दीपक पाल की पत्नी और मृतक अमर पवार के बीच पिछले चार लंबे वर्षों से अवैध प्रेम संबंध चल रहे थे। इस विवाद की पृष्ठभूमि में यह बात भी सामने आई कि घटना से ठीक तीन से चार दिन पहले अमर पवार उस महिला को अपने साथ सारोला ले आया था और उसे किसी तरह उसके मूल गृह राज्य उत्तर प्रदेश भेजने की फिराक में था।
जब इस बात की भनक महिला के पति दीपक पाल को लगी, तो दोनों के बीच गुस्से की आग भड़क उठी और अमर पवार के साथ उसकी तीखी बहस शुरू हो गई। यह मामूली कहासुनी देखते ही देखते इतनी बढ़ गई कि गुस्से से आगबबूला होकर दीपक पाल ने अपने पास मौजूद चाकू से अमर पवार की गर्दन पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। इस अचानक हुए घातक हमले में अमर गंभीर रूप से जख्मी हो गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में भी त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा है और दोनों ही घटनाओं ने कानून-व्यवस्था और आपसी रिश्तों में बढ़ती कड़वाहट को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



















