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पटना मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से ओपीडी सेवाएं प्रभावित, जानें क्या हैं प्रमुख मांगेंबिहार
8 जुल॰ 2026, 10:32 am (45 दिन पहले)· 2

पटना मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से ओपीडी सेवाएं प्रभावित, जानें क्या हैं प्रमुख मांगें

पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) में जूनियर डॉक्टरों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार कर दिया है, जिससे मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) में स्वास्थ्य सेवाएं उस समय पूरी तरह से बाधित हो गईं जब जूनियर डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA) द्वारा लिए गए इस सख्त फैसले के कारण अस्पताल की ओपीडी (OPD) व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ गई है, जिससे दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इमरजेंसी को छोड़कर अन्य सभी चिकित्सा सेवाएं बाधित

अस्पताल प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि वर्तमान में केवल इमरजेंसी सेवाओं को ही इस प्रदर्शन से बाहर रखा गया है। इसके अलावा, अस्पताल के अन्य सभी विभागों की चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह से बंद कर दी गई हैं। रेजिडेंट डॉक्टरों के काम से दूर रहने के कारण ओपीडी में मरीजों की लंबी कतारें लगी हैं, लेकिन उन्हें परामर्श या जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है।

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जूनियर डॉक्टरों की मुख्य नाराजगी और मांगें

डॉक्टर लंबे समय से प्रशासन और सरकार की उपेक्षा से व्यथित हैं। उनकी प्रमुख नाराजगी के पीछे निम्नलिखित कारण बताए जा रहे हैं:

  • सुरक्षा इंतजाम: अस्पताल में डॉक्टरों के साथ बढ़ती हिंसा की घटनाओं को देखते हुए वे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद गंभीर हैं। उनकी मांग है कि अस्पताल में पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाए।
  • त्वरित कानूनी प्रक्रिया: डॉक्टरों के खिलाफ होने वाली हिंसा की किसी भी घटना पर पुलिस द्वारा तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की गई है।
  • वेतन और स्टाइपेंड का मुद्दा: पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों को मिलने वाले स्टाइपेंड और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के वेतन संशोधन में लगातार देरी हो रही है। डॉक्टरों का आरोप है कि उन्होंने बार-बार ज्ञापन सौंपे हैं, लेकिन उन पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
  • अस्पताल की आधारभूत संरचना: डॉक्टरों की मांग है कि अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता, आधुनिक मेडिकल उपकरणों, बेहतर जांच सुविधाओं, आईसीयू बेड की संख्या और एम्बुलेंस सेवाओं सहित बुनियादी ढांचे को तत्काल दुरुस्त किया जाए।

नर्सों ने समाप्त किया प्रदर्शन

इस बीच, अस्पताल से राहत की खबर भी आई है। अपनी मांगों को लेकर पूर्व में प्रदर्शन कर रही नर्सों ने काम पर वापस लौटने का निर्णय लिया है। अस्पताल अधीक्षक द्वारा मांगों को लेकर दिए गए ठोस आश्वासन के बाद उन्होंने अपना विरोध खत्म कर ड्यूटी संभाल ली है। हालांकि, जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल अभी भी जारी है, जिसके कारण अस्पताल में व्यवस्था को लेकर तनाव का माहौल बना हुआ है।

सवाल-जवाब

पटना मेडिकल कॉलेज में ओपीडी सेवाएं क्यों ठप हैं?
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन द्वारा अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की घोषणा करने के कारण अस्पताल की ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से बंद हो गई हैं।
क्या अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं चालू हैं?
जी हां, जूनियर डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवाओं को हड़ताल से मुक्त रखा है और वे अभी भी सक्रिय हैं।
जूनियर डॉक्टरों की मुख्य मांगें क्या हैं?
उनकी मांगों में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, हिंसा के मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज करना, स्टाइपेंड और वेतन संशोधन में देरी को ठीक करना, और अस्पताल में बेहतर बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना शामिल है।
क्या अस्पताल में नर्सें भी हड़ताल पर हैं?
नहीं, पहले प्रदर्शन कर रही नर्सों ने अधीक्षक के आश्वासन के बाद अपना विरोध समाप्त कर दिया है और वे वापस काम पर लौट आई हैं।
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