बिहार के मौसम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य में पिछले तीन सप्ताह से मानसून की सुस्त चाल के चलते भीषण गर्मी और उमस का माहौल बना हुआ था, लेकिन अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 24 जिलों में आज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने का अनुमान है। राजधानी पटना सहित 14 अन्य जिलों में भी दिन भर बादल छाए रहने की संभावना बनी हुई है।
बारिश थमने का कारण
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में ओडिशा तट के निकट एक कम दबाव का क्षेत्र निर्मित हुआ है। इस सिस्टम की वजह से मानसूनी हवाओं का रुख दक्षिण दिशा की ओर मुड़ गया है। इसके अलावा, बिहार के आसपास किसी मजबूत पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता नहीं होने और किसी भी प्रभावी मौसम प्रणाली के अभाव के कारण पिछले कुछ समय से मानसून की गतिविधियां धीमी पड़ गई थीं, जिसकी वजह से राज्य में बारिश का सिलसिला काफी समय तक रुका रहा।
12 जुलाई तक भारी बारिश का रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में अगले 7 दिनों यानी 12 जुलाई तक भारी बारिश का रेड अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले 48 घंटों के भीतर प्रदेश के अधिकांश इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। उम्मीद है कि आगामी 7 से 10 दिनों में मानसून की सक्रियता और बढ़ेगी, जिससे लोगों को लंबे समय से झेलनी पड़ रही प्रचंड गर्मी और उमस से काफी राहत मिलेगी। इससे पहले राज्य में सूखे जैसे हालात पैदा हो गए थे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 6 जुलाई तक बिहार में सामान्य बारिश का आंकड़ा 230.1 मिमी होना चाहिए था, जबकि वास्तव में केवल 103 मिमी बारिश ही दर्ज की गई। यह सामान्य से 52 से 55 प्रतिशत तक कम है।
इन जिलों में रहेगा अलर्ट
आज जिन 24 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, उनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और शिवहर मुख्य रूप से शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, सारण, वैशाली, मधुबनी, दरभंगा और समस्तीपुर में भी चेतावनी दी गई है। उत्तर और पूर्वी बिहार के सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, बांका, भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज जिले भी इस संभावित आंधी-पानी के दायरे में हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले दो दिनों तक मानसून की रफ्तार में हल्की कमी रह सकती है, लेकिन हवा में नमी की मात्रा बहुत अधिक रहेगी। उमस भरे इस माहौल में हीट इंडेक्स अधिक रहने के कारण लोगों को वास्तविक तापमान से कहीं ज्यादा गर्मी महसूस होगी। हालांकि, इस संक्षिप्त अवधि के बाद व्यापक स्तर पर होने वाली बारिश मौसम को खुशनुमा बना देगी।











