बिहार के वैशाली जिले से एक बेहद दर्दनाक और पारिवारिक रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। यहां महज जमीन पर लगे एक केले के पेड़ को काटने की रंजिश में एक भतीजे ने अपने ही सगे चाचा पर धारदार हथियार से हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। इस हिंसक वारदात में बीच-बचाव करने आई चाची भी बुरी तरह जख्मी हो गई हैं, जिन्हें नाजुक हालत में इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में गहरा तनाव और आक्रोश व्याप्त है।
वारदात की पृष्ठभूमि और पूरा मामला
यह सनसनीखेज मामला वैशाली जिले के सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस्माइलपुर गांव का है। पीड़ित आमोद राम देर रात अपने घर के बाहर बैठे हुए थे। इसी दौरान उनके सगे भाई महावीर राम और भतीजे चंदन राम वहां पहुंचे। दोनों विवादित जमीन पर लगे केले के पेड़ को काटने की जिद पर अड़े थे। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों तरफ से तीखी बहस होने लगी और देखते ही देखते यह मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।
धारदार हथियार से हमला और मौत
आरोप है कि विवाद के उग्र होते ही भतीजे चंदन राम ने अपना आपा खो दिया और अपने पास रखे एक धारदार हथियार हंसुआ से अपने चाचा आमोद राम पर ताबड़तोड़ प्रहार करना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर आमोद राम की पत्नी अपने पति की जान बचाने के लिए दौड़कर बीच-बचाव करने पहुंचीं। लेकिन हमलावर भतीजे ने उन पर भी रहम नहीं खाया और उन पर भी जानलेवा हमला कर लहूलुहान कर दिया। गंभीर रूप से घायल दोनों पति-पत्नी जमीन पर गिर पड़े। स्थानीय ग्रामीणों और परिवार के अन्य सदस्यों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत हाजीपुर सदर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने आमोद राम को मृत घोषित कर दिया। वहीं, उनकी पत्नी की हालत बेहद नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देकर उन्हें बेहतर चिकित्सा के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) रेफर कर दिया।
ग्रामीणों का प्रदर्शन और सड़क जाम
इस खूनी वारदात की खबर फैलते ही पूरे गांव के लोग आक्रोशित हो उठे। रविवार की सुबह गुस्साए परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने मृतक के शव को हाजीपुर-लालगंज एसएच-74 पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क जाम कर प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग थी कि हत्या के मुख्य आरोपी चंदन राम और उसके पिता महावीर राम को अविलंब गिरफ्तार किया जाए। इस चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम जनता को भारी यातायात जाम का सामना करना पड़ा। घटना की सूचना पाकर वैशाली के पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद उत्तेजित लोगों को समझाने का प्रयास किया और अपराधियों के खिलाफ निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद लोगों ने जाम हटाया।
जमीनी विवाद और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल भेज दिया है। गांव वालों का कहना है कि दोनों परिवारों के बीच काफी समय से जमीन का एक हिस्सा विवादित था, और यह मामला न्यायालय में भी विचाराधीन चल रहा था। इसी विवादित भूखंड पर लगे केले के पेड़ को काटने के चलते यह खूनी संघर्ष हुआ। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है। फरार आरोपी चंदन राम और उसके पिता महावीर राम की धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का आश्वासन है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।













