पटना जिला के गौरीचक पुलिस स्टेशन अंतर्गत आने वाले लक्ष्मीचक गांव में मंगलवार की रात संपत्ति की रंजिश को लेकर चली गोलियों के बाद हिंसक वारदात सामने आई है। हथियारबंद अपराधियों ने स्थानीय निवासी सुरेश सिंह उर्फ मास्टर को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, हालांकि वे इस जानलेवा हमले में बाल-बाल बच गए। वारदात को अंजाम देकर भाग रहे हमलावरों को ग्रामीणों ने खदेड़कर दबोच लिया, जिसकी परिणति में उग्र भीड़ की पिटाई से एक आरोपी की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है।
लक्ष्मीचक में हमला और उग्र भीड़ का एक्शन
मंगलवार की देर रात घटी इस घटना के अनुसार, तीन सशस्त्र बदमाश लक्ष्मीचक गांव पहुंचे और वहां मौजूद सुरेश सिंह उर्फ मास्टर पर अचानक कई राउंड फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले के बावजूद किस्मत से सुरेश सिंह को एक भी गोली नहीं लगी और वे पूरी तरह सुरक्षित रहे। गोलीबारी की आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत हरकत में आ गए। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों हमलावर मौके से फरार होने की कोशिश करने लगे, लेकिन सतर्क ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए उनका पीछा शुरू कर दिया।
भागने के दौरान भीड़ ने दो हमलावरों को घेरकर पकड़ लिया और उनकी जमकर पिटाई कर दी, जबकि उनका तीसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकलने में कामयाब रहा। ग्रामीणों के गुस्से का शिकार बने दोनों बदमाशों की पहचान सूरज कुमार और विवेक कुमार के रूप में हुई है।
पुलिस का हस्तक्षेप और अस्पताल में मौत
फायरिंग और मारपीट की सूचना मिलते ही गौरीचक और पास के परसा बाजार थाने की पुलिस टीम भारी बल के साथ लक्ष्मीचक गांव पहुंची। पुलिस कर्मियों ने उग्र ग्रामीणों के चंगुल से दोनों लहूलुहान आरोपियों को छुड़ाया और तत्काल इलाज के लिए पीएमसीएच (Patna Medical College and Hospital) पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों की देखरेख के दौरान सूरज कुमार ने घावों के कारण दम तोड़ दिया। वहीं दूसरे घायल आरोपी विवेक कुमार का अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है।
चोरी की बाइक और कारतूस बरामद, जांच में जुटी एफएसएल
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए पटना के सदर पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी-2 (SDPO-2) रंजन कुमार ने बताया कि वारदात के बाद पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया है। मौके से पुलिस को दो जिंदा कारतूस, एक इस्तेमाल किया गया खोखा और हमलावरों द्वारा इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है। प्रारंभिक छानबीन में खुलासा हुआ है कि बरामद की गई यह बाइक फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र से चोरी की गई थी।
घटनास्थल पर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (Forensic Science Laboratory) की टीम को बुलाया गया, जिसने मौके से नमूने एकत्र किए हैं। इसके साथ ही वारदात के रूट पर लगे आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को भी खंगाला जा रहा है ताकि पूरी घटना का सिलसिलेवार ब्योरा जुटाया जा सके।
इलाके में पुलिस बल तैनात, फरार आरोपी की तलाश जारी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती तफ्तीश से यह साफ हुआ है कि इस खूनी संघर्ष के पीछे जमीन का पुराना विवाद ही मुख्य वजह है। वारदात के बाद लक्ष्मीचक और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बने तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस की विशेष टीमें फरार तीसरे आरोपी की संभावित ठिकानों पर गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं। सदर SDPO-2 रंजन कुमार ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच पूरी होते ही हिंसा और गोलीबारी में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।



















