बॉलीवुड में शुक्रवार का दिन किसी भी फिल्म का भाग्य लिखता है, मगर कैलेंडर पर कुछ तारीखें ऐसी भी हैं जिन्हें सुनते ही प्रोड्यूसर और डिस्ट्रीब्यूटर के माथे पर बल पड़ जाते हैं। ट्रेड एक्सपर्ट्स ऐसी तारीखों से दूरी बनाकर चलते हैं जिनका रिकॉर्ड लगातार फीका रहा हो, और इस मामले में 17 जून का नाम सबसे ऊपर है। इस तारीख को बॉलीवुड की सबसे 'अनलकी' डेट कहा जाए तो गलत नहीं होगा। 1994 से 2016 तक के दो दशकों में जिस भी फिल्मकार ने इस दिन अपनी फिल्म दांव पर लगाई, उसके हाथ या तो भारी आर्थिक चोट लगी या फिर दर्शकों का ठंडा रवैया। आंकड़े गवाह हैं कि इस तारीख पर रिलीज हुई एक भी फिल्म 'हिट' या 'ब्लॉकबस्टर' का दर्जा नहीं छू पाई।
उड़ता पंजाब (17 जून 2016, एवरेज)
अभिषेक चौबे की 2016 की यह फिल्म पर्दे पर आने से पहले ही सेंसरशिप को लेकर बॉलीवुड के इतिहास के सबसे बड़े विवादों में से एक में उलझ गई थी। पंजाब में नशे की भयावह समस्या को बेपर्दा करती इस फिल्म में शाहिद कपूर, आलिया भट्ट, करीना कपूर और दिलजीत दोसांझ की दमदार स्टारकास्ट थी। एक्टिंग की चौतरफा सराहना हुई और दर्शकों व समीक्षकों के बीच जबरदस्त चर्चा भी रही। लेकिन जब फिल्म 17 जून को थिएटरों तक पहुंची तो इतने भारी हाइप के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं दिखा सकी। प्रिंट लीक होने का विवाद और थिएटर में कम दर्शक, इन दोनों ने मिलकर ब्लॉकबस्टर बनने की पूरी संभावना रखने वाली इस फिल्म को महज 'एवरेज' की रेटिंग पर समेट दिया।
आतिश (17 जून 1994, एवरेज)
संजय गुप्ता के निर्देशन में बनी यह स्टाइलिश एक्शन थ्रिलर 90 के दशक की एक चर्चित फिल्म थी, जिसमें संजय दत्त, आदित्य पंचोली, रवीना टंडन और करिश्मा कपूर मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म के गाने और एक्शन सीक्वेंस युवाओं के बीच खूब लोकप्रिय हुए। हॉलीवुड फिल्म 'ए बेटर टुमॉरो' से प्रेरित इस फिल्म से कल्ट हिट बनने की उम्मीद की जा रही थी। 17 जून 1994 को रिलीज के बाद ओपनिंग तो मजबूत रही, मगर लंबी रेस में फिल्म टिक नहीं सकी और 'एवरेज' बनकर रह गई।
भेजा फ्राई 2 (17 जून 2011, एवरेज से नीचे)
साल 2007 में आई 'भेजा फ्राई' एक कल्ट कॉमेडी बन गई थी और विनय पाठक का किरदार 'भारत भूषण' घर घर पहचाना जाने लगा था। इसी कामयाबी को भुनाने के इरादे से मेकर्स ने सीक्वल 'भेजा फ्राई 2' को 17 जून 2011 को रिलीज किया। इस बार बजट बड़ा था और शूटिंग विदेश में हुई थी, लेकिन दर्शकों को पहले हिस्से वाली सादगी और ओरिजिनल ह्यूमर इसमें नदारद लगा। नतीजा यह रहा कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पिट गई और इसे 'बिलो एवरेज' का ठप्पा मिला।
बचके रहना रे बाबा (17 जून 2005, फ्लॉप)
रेखा, मल्लिका शेरावत और परेश रावल से सजी यह एक एडल्ट कॉमेडी थी। उस दौर में मल्लिका शेरावत की लोकप्रियता को देखते हुए मेकर्स को भरोसा था कि सिंगल स्क्रीन पर फिल्म अच्छा कारोबार करेगी। मगर कमजोर कहानी और लचर स्क्रीनप्ले के चलते दर्शकों ने इसे सिरे से नकार दिया। 17 जून 2005 को आई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई।
ऑलवेज कभी कभी (17 जून 2011, डिजास्टर)
इस फिल्म के साथ शाहरुख खान की प्रोडक्शन कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट का नाम जुड़ा था। सतीश कौशिक के निर्देशन में बनी इस यूथ सेंट्रिक फिल्म से अली फजल ने अपना डेब्यू किया था। खुद शाहरुख खान ने एक गाने में कैमियो किया और फिल्म का जोरदार प्रमोशन भी हुआ, लेकिन 17 जून 2011 को रिलीज के बाद दर्शक थिएटर का रुख ही नहीं कर पाए। फिल्म का म्यूजिक भले मामूली रूप से चला, मगर बॉक्स ऑफिस पर यह बड़ी डिजास्टर साबित हुई।
बिन बुलाए बाराती (17 जून 2011, डिजास्टर)
मल्टी स्टारर फिल्मों के नाकाम होने की एक और मिसाल इसी तारीख को सामने आई। आफताब शिवदासानी, प्रियंका कोठारी, राजपाल यादव और जॉनी लीवर जैसे कलाकारों से सजी यह फिल्म बेहद पुराने अंदाज में बनी थी। इसका स्क्रीनप्ले इतना उबाऊ था कि दर्शकों ने इसे पहले ही दिन ठुकरा दिया और ट्रेड ने इसे सीधे 'डिजास्टर' करार दे दिया।
धनक (17 जून 2016, डिजास्टर)
नेशनल अवॉर्ड विजेता निर्देशक नागेश कुकुनूर की 'धनक' दो बच्चों की एक खूबसूरत और भावुक कहानी थी, जो शाहरुख खान से मिलने की चाह में राजस्थान के रेगिस्तान का सफर तय करते हैं। इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में इसे शानदार समीक्षाएं मिलीं, लेकिन कमर्शियल बॉक्स ऑफिस और 17 जून की तारीख के 'श्राप' ने इस कलात्मक फिल्म को भी नहीं छोड़ा। सही डिस्ट्रीब्यूशन न मिलने और थिएटरों में शो की कमी के कारण फिल्म को पूरी तरह आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा और यह भी 'डिजास्टर' की सूची में जा बैठी।













