भारतीय संगीत जगत में पुरानी धुनों का नया रूप प्रस्तुत करना कोई नई बात नहीं है, लेकिन किसी एक ही लोकगीत की धुन का चार दशकों के अंतराल में अलग-अलग शैलियों में इस्तेमाल होना वाकई दिलचस्प है। वर्ष 1975 में रिकॉर्ड किए गए एक प्रसिद्ध पंजाबी लोकगीत ने बॉलीवुड में ऐसा ही एक लंबा और यादगार सफर तय किया। यह सुरीली धुन पहले 1990 की एक चर्चित बॉलीवुड फिल्म के रोमांटिक गाने में ढली और फिर 39 वर्षों बाद 2014 में एक हाई-एनर्जी क्लब आइटम नंबर के रूप में उभरी।
1975 की मूल रचना: आशिक हुसैन जट्ट का लोकगीत
इस पूरे संगीतमय सफर की शुरुआत 1975 में हुई थी, जब गायक आशिक हुसैन जट्ट ने अपना पंजाबी लोकगीत 'मैनूं पार लंगा दे' रिकॉर्ड किया था। इस पंजाबी पंक्ति का शाब्दिक अर्थ होता है "मुझे पार लगा दो"। अपनी सादगी, गहराई और भावनात्मक धुन के कारण यह रचना पंजाबी लोक संगीत प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय हुई। इस गाने की धुन में ऐसी मिठास और आकर्षण था कि समय-समय पर संगीतकारों ने इसे नए अंदाज में रीक्रिएट और सैंपल किया।
1990 में शेषनाग का रोमांटिक गीत: मंदाकिनी और ऋषि कपूर
वर्ष 1990 में आई फिल्म 'शेषनाग' के जरिए इस धुन ने पहली बार हिंदी सिनेमा के बड़े पर्दे पर दस्तक दी। फिल्म के मशहूर गीत 'तेरा हाथ ना छोड़ूंगी' में आशिक हुसैन जट्ट के इसी पंजाबी लोकगीत का सैंपल इस्तेमाल किया गया था। इस गाने को मशहूर गायिका अलका याज्ञनिक ने अपनी सुरीली आवाज दी थी, जबकि इसके भावुक बोल गीतकार आनंद बक्शी ने लिखे थे। प्रसिद्ध संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने इस धुन को बेहद खूबसूरती से अरेंज किया था। पर्दे पर यह गाना अभिनेता ऋषि कपूर और अभिनेत्री मंदाकिनी पर फिल्माया गया था, जहां दर्शकों ने दोनों गानों की संगीतमय समानता को साफ तौर पर महसूस किया।
सफरी बॉयज और नया संगीतमय रंग
बॉलीवुड के अलावा इस अमर धुन का आकर्षण स्वतंत्र पंजाबी संगीत जगत में भी बना रहा। सफरी बॉयज बैंड के गायक बलविंदर सफरी ने 1975 की इस मूल रचना को अपने आधुनिक और नए अंदाज में पेश किया। उनके इस नए रूपांतरण ने नई पीढ़ी के बीच लोकगीत की धुन को जीवित रखा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी संगीत प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
2014 में 'लवली': दीपिका पादुकोण का धमाकेदार आइटम नंबर
वर्ष 1975 की मूल रिकॉर्डिंग के ठीक 39 साल बाद, 2014 में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म 'हैप्पी न्यू ईयर' में इसी धुन ने एक बार फिर वापसी की। फिल्म के सुपरहिट गाने 'लवली' में इस धुन को रीक्रिएट और सैंपल किया गया। गायिका कनिका कपूर की आवाज में सजे इस गाने पर अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने एक ऊर्जावान आइटम नंबर किया, जिसमें उनके साथ अभिनेता शाहरुख खान भी नजर आए थे। दिलचस्प बात यह है कि इस गाने की शुरुआत दर्शकों के "मोहिनी मोहिनी" चिल्लाने की आवाज से होती है, जो माधुरी दीक्षित के 1988 के मशहूर सुपरहिट गाने 'एक दो तीन' की याद दिलाती है। इस तरह एक आध्यात्मिक और भावनात्मक पंजाबी लोकगीत 39 साल बाद बॉलीवुड का एक विशाल आइटम डांस नंबर बन गया।



















