बॉलीवुड इंडस्ट्री में किसी भी फिल्म की रिलीज डेट का चुनाव उसकी सफलता तय करने में अहम भूमिका निभाता है। हालांकि, भारतीय सिनेमा के इतिहास के पन्नों को पलटें तो 9 अगस्त की तारीख एक बहुत ही बदकिस्मत दिन के रूप में सामने आती है। साल 1996 से लेकर 2019 तक के 23 वर्षों के लंबे दौर में 9 अगस्त को जितनी भी फिल्में थिएटर्स में प्रदर्शित हुईं, उन सभी का बॉक्स ऑफिस पर बेहद निराशाजनक हश्र हुआ। दिग्गज फिल्म निर्माताओं, नामी निर्देशकों और बड़े फिल्मी सितारों की उपस्थिति के बाद भी 9 अगस्त को रिलीज हुई कोई भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर टिक नहीं पाई और वे सब की सब या तो फ्लॉप साबित हुईं या फिर पूरी तरह से डिजास्टर रहीं।
1996 का बॉक्स ऑफिस झटका: 'दिल तेरा दीवाना' और 'खामोशी'
साल 1996 में 9 अगस्त के दिन दो बड़ी फिल्में एक साथ सिनेमाघरों में रिलीज हुई थीं, लेकिन दोनों ही दर्शकों को आकर्षित करने में नाकाम रहीं। इनमें से पहली फिल्म लॉरेंस डिसूजा के निर्देशन में बनी रोमांटिक थ्रिलर 'दिल तेरा दीवाना' थी। इस फिल्म का निर्माण पहलाज निहलानी ने किया था और इसकी कहानी तथा स्क्रीनप्ले एस. खान, नवाब आरजू और राज बलदेव राज द्वारा लिखा गया था। फिल्म में सैफ अली खान और ट्विंकल खन्ना मुख्य भूमिकाओं में थे। इस कहानी में मुख्य किरदारों के बीच प्यार पनपता है, लेकिन परिस्थितियां उनके रिश्ते को उलझा देती हैं। आसपास मौजूद लोगों की साजिशें और गलतफहमियां कहानी को आगे बढ़ाती हैं। यह फिल्म सिनेमाघरों में बुरी तरह असफल रही और आज के आर्थिक आंकड़ों तथा मुद्रास्फीति के हिसाब से समायोजन के बाद भी इसका कलेक्शन केवल 39 करोड़ रुपये ही बैठता है।
उसी दिन यानी 9 अगस्त 1996 को निर्देशक और लेखक संजय लीला भंसाली की चर्चित फिल्म 'खामोशी: द म्यूजिकल' भी रिलीज हुई थी। इस फिल्म को हिंदी सिनेमा की उन चुनिंदा रचनाओं में गिना जाता है जहां संगीत और मानवीय भावनाओं का गहरा तालमेल देखने को मिला। फिल्म की स्टारकास्ट में नाना पाटेकर, मनीषा कोइराला, सलमान खान और सीमा बिस्वास जैसे बड़े नाम शामिल थे। भंसाली ने इस कहानी को संगीत के ताने-बाने के साथ प्रस्तुत किया था, मगर थिएटर्स में दर्शकों की ओर से इसे बहुत ही ठंडा प्रतिसाद मिला। व्यावसायिक रूप से यह फिल्म भी पिछड़ गई और आज की महंगाई के अनुसार एडजस्टमेंट करने के बाद इसका कुल कारोबार करीब 62 करोड़ रुपये ही रहा।
2002 में तीन बड़ी फिल्मों का निराशाजनक प्रदर्शन
छह साल बाद, 9 अगस्त 2002 की तारीख एक बार फिर तीन अलग-अलग फिल्मों के लिए फ्लॉप साबित हुई। इनमें सबसे बड़ा नाम 'मुझसे दोस्ती करोगे!' का था, जो यश राज फिल्म्स के बैनर तले बनी एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म थी। इस फिल्म का निर्माण यश चोपड़ा ने किया था और निर्देशन की कमान कुणाल कोहली ने संभाली थी। फिल्म में ऋतिक रोशन, रानी मुखर्जी, करीना कपूर और उदय चोपड़ा मुख्य किरदारों में नजर आए थे। लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर मात्र 7 करोड़ रुपये का ही कलेक्शन कर सकी और फ्लॉप करार दी गई। हालांकि, आज के समय की महंगाई के हिसाब से अगर इसकी कमाई का आकलन करें, तो यह आंकड़ा लगभग 62 करोड़ रुपये के आसपास होता है।
2002 में इसी मनहूस तारीख पर रिलीज होने वाली दूसरी फिल्म हंसल मेहता के निर्देशन में बनी सस्पेंस थ्रिलर 'छल' थी। नितिन पाटिल, उदय शाह और उमंग पाहवा द्वारा निर्मित इस फिल्म में के.के. मेनन, जया सील, नवेद असलम और श्री वल्लभ व्यास ने अहम भूमिकाएं निभाई थीं। विजू शाह के संगीत से सजी यह फिल्म भी दर्शकों को आकर्षित करने में नाकाम रही और बॉक्स ऑफिस पर पूरी तरह पस्त हो गई।
इसी दिन 9 अगस्त 2002 को प्रदर्शित हुई तीसरी फिल्म 'एनकाउंटर: द किलिंग' थी। यह एक क्राइम-ड्रामा फिल्म थी जिसका निर्माण और निर्देशन अजय फणसेकर ने किया था। फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, दिलीप प्रभावलकर और तारा देशपांडे जैसे दिग्गज अभिनेताओं ने काम किया था। दमदार अभिनय क्षमता वाले कलाकारों के होने के बावजूद यह फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक नहीं खींच सकी और इसकी कुल कमाई महज कुछ लाख रुपये में सिमट कर रह गई।
2019 में तीन अलग-अलग शैलियों की फिल्में भी रहीं नाकाम
साल 2019 में 9 अगस्त के दिन एक बार फिर तीन अलग-अलग शैलियों की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर टकराईं और तीनों ही व्यावसायिक रूप से असफल रहीं। इस दिन प्रशांत सिंह के निर्देशन में बनी रोमांटिक कॉमेडी 'जबरिया जोड़ी' सिनेमाघरों में आई थी। बालाजी मोशन पिक्चर्स से जुड़ी इस फिल्म को शोभा कपूर, एकता कपूर और शैलेश आर. सिंह ने प्रोड्यूस किया था। फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और परिणीति चोपड़ा की जोड़ी मुख्य भूमिका में थी। बिहार की पृष्ठभूमि पर आधारित होने के बावजूद यह फिल्म दर्शकों का दिल नहीं जीत सकी और केवल 16 करोड़ रुपये की कमाई करके महाफ्लॉप साबित हुई।
9 अगस्त 2019 को ही रिलीज हुई दूसरी फिल्म 'मुश्किल' थी, जो एक हॉरर जॉनर की फिल्म थी। राजीव एस. रुइया द्वारा निर्देशित और बिग बैट फिल्म्स के बैनर तले रविंदर जीत दरिया द्वारा निर्मित इस फिल्म में रजनीश दुग्गल, कुणाल रॉय कपूर, नाजिया हुसैन और पूजा बिष्ट मुख्य भूमिकाओं में थे। यह हॉरर फिल्म दर्शकों को डराने में नाकाम रही और बॉक्स ऑफिस पर एक बहुत बड़ी डिजास्टर बन गई।
इसी तारीख को प्रदर्शित होने वाली तीसरी फिल्म 'प्रणाम' थी। संजीव जायसवाल के निर्देशन में बनी इस फिल्म में राजीव खंडेलवाल ने मुख्य भूमिका निभाई थी, जबकि उनके साथ समीक्षा, विक्रम गोखले, अतुल कुलकर्णी, अभिमन्यु सिंह, अनिरुद्ध दवे और शाजी चौधरी नजर आए थे। अनिल सिंह और नितिन मिश्रा द्वारा निर्मित यह फिल्म प्रचार की कमी और कमजोर प्रतिक्रिया के चलते कब थिएटर्स में आई और कब उतर गई, किसी को पता भी नहीं चला।



















