बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन अपने चाहने वाले प्रशंसकों से जुड़ने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने देते हैं और हर खास अवसर पर उन्हें बधाई संदेश जरूर भेजते हैं। इस बार भी दिवाली के पावन पर्व पर उन्होंने अपने आधिकारिक ब्लॉग के माध्यम से फैंस को खास अंदाज में याद किया है। हालांकि, इस बार बधाई देने के साथ उन्होंने एक ऐसी बात भी साझा की जिससे उनके शुभचिंतकों की चिंता बढ़ सकती है। अभिनेता ने बताया कि वह सभी लोगों की शुभकामनाओं और संदेशों का व्यक्तिगत रूप से जवाब देना चाहते थे, लेकिन उनकी वर्तमान शारीरिक स्थिति और स्वास्थ्य समस्याएं उन्हें इसकी इजाजत नहीं दे रही हैं। रविवार तड़के उन्होंने अपने ब्लॉग पर फैंस के साथ ये बातें साझा कीं और अपनी असमर्थता जताई।
दिवाली की बधाई और संदेशों का तांता
दिवाली और चतुर्दशी के इस खास अवसर पर अमिताभ बच्चन ने अपने संदेश में सभी को प्यार, आदर और शुभ मंगल की प्रार्थनाएं भेजीं। उन्होंने भगवान की कृपा हमेशा अपने चारों तरफ बनाए रखने की कामना की। अपने ब्लॉग में उन्होंने जिक्र किया कि देश-विदेश से उनके चाहने वाले उन्हें लगातार बधाइयां और उपहार भेज रहे हैं। उपहारों की संख्या इतनी अधिक हो गई है कि अब उन्हें अपने घर में संभालने और रखने के लिए जगह कम पड़ने लगी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन भेंटों को कायदे से न रखना उनका निरादर माना जाएगा, इसलिए वे लोगों द्वारा भेजे गए इस स्नेह का पूरा सम्मान करते हैं। साथ ही, वे अपनी तरफ से पत्रों के जरिए इन शुभकामनाओं का जवाब देने का लगातार प्रयास भी कर रहे हैं।
स्वास्थ्य समस्याओं के कारण मांगी माफी
संदेशों का तुरंत और पूरा जवाब न दे पाने की वजह बताते हुए अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में अपनी पीड़ा और मौजूदा परिस्थितियों का खुलकर जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि वे खुद अपने हाथों से पत्र लिखकर सबका उत्तर देना चाह रहे थे, लेकिन जिस हाथ से वे लिखते हैं, उसमें कुछ कष्ट और तकलीफ महसूस हो रही है, जिसकी वजह से काम में देरी हो रही है। इस देरी के लिए उन्होंने अपने प्रशंसकों से क्षमा प्रार्थी होने की बात कही। उन्होंने अपने अंदाज में लिखा कि पिछले कुछ दिनों से परिस्थितियां ऐसी बन गई हैं कि बार-बार माफी मांगने की नौबत आ रही है, तो ऐसे में वक्त गंवाए बिना क्षमा मांग लेनी चाहिए।
अभिनेता ने आगे विस्तार से लिखा कि गलती न होने पर भी क्षमा मांगने से इंसान छोटा नहीं होता, बल्कि अगला व्यक्ति या तो उसे अस्वीकार कर उसका तिरस्कार करेगा या फिर उस भावना को समझ जाएगा। यदि सामने वाला व्यक्ति क्षमा को समझ जाता है, तो मन प्रसन्नचित हो जाता है, और अगर नहीं मानता है तो उसका मन उचाट ही रहता है। उन्होंने पाठकों और फैंस के सामने एक सवाल छोड़ा कि इंसान को संतुष्टि और शांति स्वीकार करनी चाहिए या फिर मन में चुभन रखनी चाहिए।
जलसा के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा और हालिया हालात
अमिताभ बच्चन भले ही इन दिनों स्वास्थ्य संबंधी कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका हर रविवार को अपने प्रशंसकों से मिलने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। पिछले हफ्ते भी बिग बी ने अपने आवास 'जलसा' के बाहर आकर अपने चाहने वालों का अभिवादन किया था। हालांकि, इस दौरान उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम देखने को मिले और वे एक सुरक्षात्मक कांच के घेरे या केबिन के अंदर नजर आए।
सुरक्षा के इन कड़े इंतजामों के पीछे एक बड़ी वजह हाल ही में सामने आई धमकियां हैं। पिछले दिनों अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के बाद मुंबई मेयर कार्यालय को एक ई-मेल भेजा गया था, जिसमें एक स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी भी दी गई थी। इसी धमकी भरे ई-मेल में गत 31 अक्टूबर को बांद्रा स्थित अमिताभ बच्चन के आवास 'जलसा' को भी ग्रेनेड से उड़ाने की बात कही गई थी, जिसके बाद से ही उनके घर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक कड़ा कर दिया गया है।



















