यूरोप पहुंचने की चाहत में अटलांटिक महासागर के रास्ते जोखिम भरी यात्रा पर निकले प्रवासियों की एक और दुखद घटना सामने आई है। पश्चिमी अफ्रीकी देश सेनेगल के उत्तर-पश्चिमी तट के नजदीक प्रवासियों से भरी एक छोटी नाव पलट गई, जिससे कम से कम 21 लोगों की जान चली गई। इस भीषण हादसे में केवल एक ही व्यक्ति को जिंदा बचाया जा सका है, जबकि नाव पर कुल कितने लोग सवार थे, इसका सटीक आंकड़ा अभी पूरी तरह साफ नहीं हो सका है। सेनेगल के अधिकारियों के अनुसार, सामने आई मृतकों की संख्या अभी शुरुआती दौर का आंकड़ा है और समुद्र के भीतर लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
गृह मंत्रालय का बयान और तलाशी अभियान
सेनेगल के गृह मंत्रालय की ओर से शनिवार देर रात एक आधिकारिक बयान जारी किया गया, जिसमें इस बात की पुष्टि की गई कि दुर्घटनास्थल से 21 शवों को बाहर निकाला जा चुका है और हादसे में सिर्फ एक शख्स को बचाया जा सका है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मुश्किल वक्त में मृतकों के परिजनों की हरसंभव सहायता की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बचाव और तलाशी का काम अभी रोका नहीं गया है, इसलिए आने वाले समय में मरने वालों का यह आंकड़ा और अधिक बढ़ सकता है।
डकार और सेंट लुई के बीच हुआ दर्दनाक हादसा
यह पूरी घटना डकार और सेंट लुई शहर के बीच स्थित इलाके में हुई है। जानकारी के अनुसार, शनिवार को लूमपूल के रेत के टीलों के करीब प्रवासियों को ले जा रही पिरोग किस्म की नाव पलट गई। यह क्षेत्र सेनेगल के केबेमेर विभाग के अंतर्गत आता है। पिरोग मूल रूप से एक छोटी और सपाट तली वाली नाव होती है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर पश्चिमी अफ्रीका के तटीय क्षेत्रों में मछली पकड़ने के लिए या छोटी समुद्री दूरियां तय करने के लिए किया जाता है। हालांकि, जब इस प्रकार की छोटी नावों में क्षमता से कहीं अधिक लोगों को भरकर अवैध रूप से यूरोप की तरफ रवाना किया जाता है, तो महासागर में जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। सेनेगल के स्थानीय अखबार ‘ले सोलेइल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले अधिकांश लोग इसी विभाग के लियोना और थिप्पे जिलों के निवासी थे।
एक दिन पहले रोके गए थे 142 प्रवासी
इस हादसे से ठीक एक दिन पहले यानी शुक्रवार को सेनेगल के सुरक्षा बलों ने स्पेन की ओर बढ़ने का प्रयास कर रही एक अन्य छोटी नाव को बीच रास्ते में ही रोक लिया था। उस नाव में कुल 142 प्रवासी सवार थे। स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, उस समूह में 23 महिलाएं, दो छोटे शिशु और दो अन्य बच्चे भी शामिल थे। पकड़े गए प्रवासियों में सेनेगल के अलावा गाम्बिया, गिनी-बिसाऊ, गिनी और नाइजीरिया देश के नागरिक भी शामिल थे। इस लगातार बढ़ती घटनाओं के बाद सेनेगल सरकार ने सक्रिय मानव तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए अपनी कार्रवाई और तेज करने की बात कही है। गृह मंत्रालय के बयान में दोहराया गया है कि सरकार इस तरह के आपराधिक नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए पड़ोसी देशों के साथ आपसी सहयोग को भी मजबूत किया जा रहा है।
स्पेन के कैनरी द्वीप पर बढ़ा प्रवासियों का दबाव
अफ्रीका से यूरोप पहुंचने की फिराक में जुटे लोगों की संख्या में लगातार इजाफा होने के कारण स्पेन के कैनरी द्वीप समूह पर भी भारी दबाव देखने को मिल रहा है। शनिवार को अल हिएरो द्वीप के प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रवासियों की लगातार बढ़ती आमद को देखते हुए आधिकारिक तौर पर आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी। स्थानीय प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर महीने की शुरुआत से लेकर अब तक लगभग 30 नावों के जरिए 3,300 से अधिक लोग इस द्वीप पर पहुंच चुके हैं। कैनरी द्वीप भौगोलिक रूप से स्पेन का ही एक हिस्सा है और अटलांटिक महासागर में अफ्रीका के उत्तर-पश्चिमी तट के पास स्थित है, जिस वजह से पश्चिमी अफ्रीका से यूरोप जाने वाले प्रवासियों के लिए यह एक मुख्य मार्ग बना हुआ है।
समुद्री गश्त बढ़ने से और खतरनाक हुआ रास्ता
अवैध प्रवासन को रोकने के लिए सेनेगल, मॉरिटानिया और मोरक्को की सरकारों ने समुद्र में अपनी गश्त काफी बढ़ा दी है। इस सख्ती के कारण मानव तस्करों ने अब अपनी रणनीति बदल दी है और वे नावों को गाम्बिया, गिनी-बिसाऊ तथा गिनी के तटों की तरफ से रवाना कर रहे हैं। तस्करों द्वारा अपनाए गए इस नए रास्ते के कारण यूरोप तक पहुंचने का यह समुद्री सफर पहले से कहीं अधिक लंबा और जानलेवा बन गया है। इस तरह की छोटी और असुरक्षित नावों में लंबी समुद्री यात्राएं करना हमेशा से बेहद जोखिम भरा साबित होता है। समुद्र में खराब मौसम, ऊंची और खतरनाक लहरें, नाव में तय क्षमता से अधिक लोगों का बैठना और पर्याप्त मात्रा में खाने-पीने की चीजों का अभाव अक्सर यात्रियों की मौत का कारण बनता है।


















