मेघालय के राज्यपाल सी.एच. विजयशंकर ने राज्यभर में युवा विकास के कार्यों को और अधिक गति देने और संगठन की गतिविधियों को मजबूती प्रदान करने के वास्ते दो लाख रुपये की सालाना वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। यह आर्थिक मदद सीधे राज्यपाल कार्यालय की ओर से प्रदान की जाएगी ताकि युवा सशक्तिकरण के कार्यक्रमों में पैसों की कमी आड़े न आए।
शिलोंग में आयोजित हुआ भव्य समारोह
राज्यपाल, जो कि मेघालय भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के मुख्य संरक्षक भी हैं, उन्होंने शनिवार को शिलोंग स्थित लोक भवन में आयोजित संगठन के स्थापना दिवस समारोह और राज्य पुरस्कार रैली 2026 को संबोधित करते हुए यह महत्वपूर्ण घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने युवा निर्माण में जुटी ऐसी संस्थाओं की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि उनकी योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने और आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त धन का होना बेहद जरूरी है।
ग्रामीण क्षेत्रों तक आंदोलन को बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने स्काउट्स और गाइड्स से आह्वान किया कि वे अपनी जिम्मेदारियों को समझें और देश के एक जिम्मेदार नागरिक बनें। उन्होंने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने, एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाने और समाज के जरूरतमंद लोगों की हरसंभव मदद करने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा उन्होंने संगठन के नेताओं, शिक्षकों और वालंटियर्स से यह भी अपील की कि वे मिलकर काम करें ताकि मेघालय के दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में भी इस आंदोलन को मजबूती मिल सके और अनुशासन व राष्ट्र निर्माण की भावना से ओतप्रोत एक नई पीढ़ी तैयार की जा सके।
पुरस्कार वितरण और ऐतिहासिक इकाई का सम्मान
अपने संबोधन में उन्होंने राज्यभर में संगठन द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों की सराहना की, विशेष तौर पर जून 2026 में शिलोंग में आयोजित हुए नेशनल लेवल ट्राइबल मीट का जिक्र किया जिससे अलग-अलग क्षेत्रों के युवाओं के बीच आपसी समझ और मेलजोल को बढ़ावा मिला। इसके साथ ही उन्होंने केजेपी गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल गाइड यूनिट को ऐतिहासिक इकाई के रूप में मान्यता मिलने पर बधाई दी और राज्य में इसके लंबे योगदान को सराहा। समारोह के दौरान उन्होंने बीएसजी झंडा स्टिकर भी जारी किए और कुल 241 मेधावी प्राप्तकर्ताओं को प्रतिष्ठित राज्य पुरस्कार प्रदान किए, जिसमें 77 स्काउट्स, तीन रोवर्स और 161 गाइड्स शामिल रहे। उन्होंने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए अपनी ट्रेनिंग का इस्तेमाल समाज की भलाई के लिए करने की सलाह दी।



















