सिनेमा जगत के इतिहास में कुछ तारीखें ऐसी दर्ज हो जाती हैं, जिन्हें बॉक्स ऑफिस के लिहाज से बेहद ठंडा या बदकिस्मत माना जाने लगता है। 21 सितंबर भी हिंदी फिल्म उद्योग के लिए एक ऐसा ही दिन रहा है, जब बड़े से बड़े सितारों की फिल्में टिकट खिड़की पर दर्शकों को खींचने में नाकाम रहीं। गोविंदा और अक्षय कुमार के पुराने टकराव से लेकर करीना कपूर, अभय देओल और शाहिद कपूर की रिलीज तक, इस तारीख पर बड़े प्रोजेक्ट्स औंधे मुंह गिरे या फिर महज औसत कमाई तक ही सिमट कर रह गए।
साल 2001 का मुकाबला जब आमने-सामने आए गोविंदा और अक्षय कुमार
इस सिलसिले की सबसे चर्चित शुरुआत 21 सितंबर 2001 को देखने को मिली थी, जब सिनेमाघरों में दो बड़े अभिनेताओं की सीधी टक्कर हुई। एक तरफ थे कॉमेडी के सरताज गोविंदा और दूसरी तरफ एक्शन स्टार अक्षय कुमार। इस बड़े क्लैश में किसी भी कलाकार को धमाकेदार कामयाबी हासिल नहीं हुई और यह तारीख दोनों ही सितारों के लिए उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही।
उस दिन निर्देशक जोड़ी अब्बास मस्तान की थ्रिलर एक्शन फिल्म अजनबी रिलीज हुई थी। इस फिल्म में अक्षय कुमार के साथ बॉबी देओल, बिपाशा बसु और करीना कपूर मुख्य भूमिकाओं में थे। सस्पेंस और एक्शन से भरपूर होने के बावजूद यह मल्टीस्टारर फिल्म टिकट खिड़की पर कोई बड़ा रिकॉर्ड नहीं बना सकी और जैसे-तैसे केवल एक औसत कमाई करने वाली फिल्म ही साबित हो पाई।
दूसरी ओर, उसी दिन गोविंदा की फिल्म क्योंकि मैं झूठ नहीं बोलता भी सिनेमाघरों में उतरी। डेविड धवन के निर्देशन में बनी इस कॉमेडी फिल्म में गोविंदा के साथ सुष्मिता सेन, रंभा, सतीश कौशिक और अनुपम खेर जैसे जाने-माने चेहरे मौजूद थे। गोविंदा और अक्षय कुमार का एक ही दिन आमने-सामने आना बॉक्स ऑफिस के गणित में भारी भूल साबित हुआ। इस टकराव का खामियाजा दोनों को उठाना पड़ा, जहां अजनबी औसत रह गई, वहीं गोविंदा की कॉमेडी फिल्म टिकट खिड़की पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई।
2007 में करीना कपूर और अभय देओल का आमना-सामना
तारीखों का यह अजीब संयोग 21 सितंबर 2007 को भी दोहराया गया, जब दो बिल्कुल अलग मिजाज की फिल्में एक ही दिन सिनेमाघरों में टकराईं। इस बार मुकाबला करीना कपूर और अभय देओल के प्रोजेक्ट्स के बीच देखने को मिला, जिसका नतीजा एक बार फिर निराशाजनक ही रहा।
निर्देशक मधुर भंडारकर के निर्देशन में बनी फिल्म हीरोइन, करीना कपूर के जन्मदिन के मौके पर पर्दे पर उतारी गई थी। फिल्म में करीना कपूर के अभिनय की काफी सराहना की गई और बाद के दिनों में इसे एक कल्ट क्लासिक का दर्जा भी मिला। हालांकि रिलीज के वक्त टिकट खिड़की पर यह फिल्म कोई करिश्मा नहीं दिखा सकी और महज एक औसत दर्जे का कारोबार करके ही सिमट गई।
उसी तारीख को रिलीज हुई अभय देओल की फिल्म मनोरमा सिक्स फीट अंडर का हाल तो और भी बुरा रहा। नवदीप सिंह द्वारा निर्देशित यह फिल्म एक अमेरिकी सिनेमाई कहानी पर आधारित थी। इस प्रोजेक्ट में राइमा सेन, गुल पनाग, कुलभूषण खरबंदा और नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे सशक्त कलाकार शामिल थे। समीक्षकों की तारीफों के बावजूद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पूरी तरह डिजास्टर साबित हुई और अपनी लागत भी नहीं निकाल पाई।
2021 में शाहिद कपूर और नवाजुद्दीन सिद्दीकी को भी नहीं मिली राहत
साल 2021 में 21 सितंबर के दिन एक बार फिर बॉलीवुड ने फिल्मों की रिलीज का जोखिम उठाया, लेकिन नतीजा पहले जैसा ही रहा। इस दिन शाहिद कपूर और श्रद्धा कपूर अभिनीत फिल्म बत्ती गुल मीटर चालू सिनेमाघरों में रिलीज की गई थी।
श्री नारायण सिंह के निर्देशन में तैयार हुई इस सामाजिक ड्रामा फिल्म में यामी गौतम, सुप्रिया पिलगांवकर और फरीदा जलाल भी अहम किरदारों में नजर आए थे। बिजली की समस्याओं पर केंद्रित यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पूरी तरह गुल साबित हुई और दर्शकों को आकर्षित करने में नाकाम रही।
दिलचस्प संयोग यह रहा कि उसी दिन नवाजुद्दीन सिद्दीकी की मुख्य भूमिका वाली फिल्म मंटो भी पर्दे पर आई थी। नवाजुद्दीन सिद्दीकी दरअसल बत्ती गुल मीटर चालू और मंटो दोनों ही फिल्मों का हिस्सा थे। उर्दू के मशहूर लेखक सआदत हसन मंटो के जीवन और संघर्ष पर आधारित मंटो भी टिकट खिड़की पर औंधे मुंह गिरी और फ्लॉप फिल्मों की फेहरिस्त में शामिल हो गई।



















