हिंदी सिनेमा के रिलीज कैलेंडर में 15 सितंबर की तारीख बेहद अनोखे और चौंकाने वाले आंकड़ों से जुड़ी है। वर्ष 1995 से लेकर 2017 तक के 22 सालों के सफर पर नजर डालें तो इस दिन जब भी सिनेमाघरों के पर्दे खुले, बॉक्स ऑफिस पर निर्माताओं को भारी मायूसी का सामना करना पड़ा। इस खास तारीख पर टिकट खिड़की पर दर्शकों की भारी बेरुखी देखने को मिली और इस दौरान रिलीज की गईं ज्यादातर फिल्में या तो लागत निकालने में नाकाम रहीं या फिर पूरी तरह से डिजास्टर की श्रेणी में चली गईं।
1995 का बॉक्स ऑफिस टकराव और मिथुन चक्रवर्ती की सफलता
साल 1995 में 15 सितंबर के दिन दो बड़ी फिल्में आमने-सामने थीं। इनमें पहली थी अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की मुख्य भूमिका वाली एक्शन-ड्रामा फिल्म जल्लाद। इस तारीख के इतिहास में दर्ज दर्जनों प्रोजेक्ट्स के बीच यह इकलौती ऐसी फिल्म साबित हुई जिसने सिनेमाघरों में अपनी साख बचाई। कहानी में मिथुन चक्रवर्ती ने दोहरी भूमिका निभाई थी, जिसमें उनके खूंखार खलनायक वाले अंदाज और जबरदस्त अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा। टिकट खिड़की पर सकारात्मक रुझान के दम पर यह फिल्म सेमी-हिट का तमगा हासिल करने में कामयाब रही।
इसी तारीख यानी 15 सितंबर 1995 को अभिनेता अयूब खान और अभिनेत्री साक्षी शिवानंद की फिल्म संजय भी बड़े पर्दे पर उतारी गई थी। हालांकि, एक तरफ जहां मिथुन चक्रवर्ती की जल्लाद दर्शकों को खींच रही थी, वहीं दूसरी तरफ संजय की कमजोर पटकथा दर्शकों को प्रभावित नहीं कर पाई। सिनेमा प्रेमियों ने इस फिल्म में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई, जिसके चलते यह टिकट खिड़की पर पूरी तरह डिजास्टर साबित हुई।
साल 2000 में बड़े सितारों की फिल्मों का हश्र
पांच साल बाद 15 सितंबर 2000 को बॉक्स ऑफिस पर फिर से हलचल हुई, लेकिन नतीजा बेहद निराशाजनक रहा। इस दिन एक्शन से भरपूर फिल्म काली टोपी लाल रुमाल रिलीज हुई, जिसमें मिथुन चक्रवर्ती के साथ अभिनेता कमल सदाना मुख्य किरदारों में नजर आए थे। भले ही मिथुन ने 1995 में इसी तारीख को सफलता का स्वाद चखा था, लेकिन इस बार फिल्म का कमजोर प्रोडक्शन और ढीली पटकथा दर्शकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। इसका परिणाम यह हुआ कि यह एक्शन फिल्म अपने पहले सप्ताहांत में ही पूरी तरह बिखर गई और डिजास्टर बन गई।
उसी दिन यानी 15 सितंबर 2000 को निर्देशक राकेश रोशन के निर्देशन में बनी बहुप्रतीक्षित फिल्म कारोबार भी दर्शकों के सामने आई। इस प्रोजेक्ट में अनिल कपूर, ऋषि कपूर और जूही चावला जैसे दिग्गज और लोकप्रिय सितारे शामिल थे। इसके बावजूद, निर्माण में कई सालों की लंबी देरी के कारण फिल्म अपनी ताजगी खो चुकी थी। दर्शकों ने सिनेमाघरों में इसे सिरे से खारिज कर दिया और इतने बड़े नामों के बावजूद कारोबार टिकट खिड़की पर बहुत बुरी तरह फ्लॉप हो गई।
2017 का ट्रिपल क्लैश भी नहीं तोड़ पाया सूखा
लंबे अरसे बाद 15 सितंबर 2017 को एक बार फिर बॉलीवुड में बड़ा मुकाबला देखने को मिला, जब तीन अलग-अलग जॉनर की फिल्में एक ही दिन रिलीज हुईं। इनमें सबसे चर्चित थी निर्देशक हंसल मेहता द्वारा निर्देशित और अभिनेत्री कंगना रनौत अभिनीत फिल्म सिमरन। इस फिल्म को लेकर दर्शकों और समीक्षकों में भारी उम्मीदें बंधी थीं। कंगना के स्वाभाविक अभिनय की लोगों ने तारीफ तो की, लेकिन फिल्म का दूसरा हिस्सा यानी सेकंड हाफ बेहद कमजोर साबित हुआ, जिसकी वजह से यह बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई।
सिमरन के साथ ही उस दिन अभिनेता फरहान अख्तर की लखनऊ सेंट्रल और ऋषि कपूर तथा परेश रावल अभिनीत फिल्म पटेल की पंजाबी शादी भी रिलीज हुई थी। लखनऊ सेंट्रल जहां जेल के कैदियों द्वारा बनाए गए एक म्यूजिकल बैंड की कहानी पर केंद्रित थी, वहीं पटेल की पंजाबी शादी एक पारिवारिक कॉमेडी ड्रामा थी। अफसोस की बात यह रही कि दोनों ही फिल्में सिनेमाघरों में दर्शकों को आकर्षित करने में नाकाम रहीं और ट्रेड पंडितों ने इन दोनों ही प्रोजेक्ट्स को बॉक्स ऑफिस पर करारी फ्लॉप घोषित कर दिया।
स्टार पावर और भारी बजट भी रहे नाकाम
बॉलीवुड का इतिहास गवाह है कि 15 सितंबर की तारीख पर रिलीज होने वाली फिल्मों के लिए न तो बड़ा बजट काम आया और न ही नामी गिरामी सितारों का स्टार पावर। साल 1995 में मिथुन चक्रवर्ती की जल्लाद के बाद से लेकर 2017 तक कोई भी दूसरी फिल्म इस दिन रिलीज होकर सफलता की दहलीज पार नहीं कर सकी है।















