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बैंक ऑफ जापान की ब्याज दर वृद्धि के बाद येन में भारी हलचल, हस्तक्षेप के डर से डॉलर फिसलाबाज़ार
21 सित॰ 2026, 3:11 pm (37 मिनट पहले)· 1

बैंक ऑफ जापान की ब्याज दर वृद्धि के बाद येन में भारी हलचल, हस्तक्षेप के डर से डॉलर फिसला

बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत दरों को बढ़ाकर 1.25% करने के बाद वैश्विक मुद्रा बाजारों में भारी अस्थिरता देखने को मिली है, जहां डॉलर के मुकाबले जापानी येन में तीखा उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया।

वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस समय केंद्रीय बैंकों की नीतियों और भू-राजनीतिक तनावों के बीच विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में खासी हलचल देखी जा रही है। जापानी केंद्रीय बैंक, बैंक ऑफ जापान ने मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की है। 7-2 के बहुमत से लिए गए इस फैसले के तहत दर को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया गया। यह निर्णय काफी हद तक बाजार की पूर्व उम्मीदों के अनुरूप था, जिसकी प्रतीक्षा निवेशक पिछले कई हफ्तों से कर रहे थे। हालांकि, इस दर वृद्धि के बावजूद निवेशकों ने नीतिगत बैठक के रुख को अपेक्षाकृत नरम आंका, जिससे मुद्रा बाजार में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव शुरू हो गया।

नीतिगत निर्णय के तुरंत बाद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में तेज कमजोरी देखी गई। मुद्रा जोड़ी USD/JPY 156 के स्तर से उछलकर 158 के पार निकल गई। इसके बाद न्यूयॉर्क कारोबारी सत्र के दौरान बैंक ऑफ जापान द्वारा संभावित हस्तक्षेप के संकेत मिले। वहां कथित तौर पर केंद्रीय बैंक की तरफ से दर जांच किए जाने की चर्चाओं के बीच डॉलर तेजी से नीचे आया और 157 के स्तर से नीचे फिसल गया। इस घटनाक्रम ने साफ कर दिया कि नीति निर्माताओं को येन के बहुत तेजी से कमजोर होने पर गंभीर आपत्ति है और वे बाजार पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।

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मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव और हस्तक्षेप का साया

एमयूएफजी के विश्लेषक माइकल वान के अनुसार, बैंक ऑफ जापान की नीतिगत बैठक के बाद वित्तीय बाजारों का पूरा ध्यान लगातार USD/JPY की चाल पर बना हुआ है। न्यूयॉर्क सत्र के दौरान अधिकारियों द्वारा लिए गए दर जांच के कदमों ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि जापानी अधिकारी मुद्रा के अत्यधिक टूटने से असहज थे। हालांकि केंद्रीय बैंक ने नीतिगत दरों में 25 आधार अंकों की वृद्धि करके 1.25% तक पहुंचाया और दरों में बढ़ोतरी की गति तेज की, फिर भी शुरुआती प्रतिक्रिया में निवेशकों ने बैठक के समग्र लहजे को कुछ कारणों से नरम माना। वित्तीय बाजारों में अक्सर केवल वास्तविक फैसला मायने नहीं रखता, बल्कि यह भी बेहद महत्वपूर्ण होता है कि फैसले से ठीक पहले बाजार में क्या संभावनाएं आंकी गई थीं।

एशियाई कारोबारी सत्र में सोमवार को USD/JPY एक बार फिर 157.00 के नीचे दबाव में कारोबार करता दिखा। शुक्रवार को की गई दर जांच के बाद आधिकारिक बाजार हस्तक्षेप के जोखिम मंडरा रहे हैं, जिसने जापानी येन को हल्की मजबूती प्रदान की। इसके अलावा, जापान में स्थानीय अवकाश के कारण कारोबारी अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष तथा पश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक तनाव के चलते अमेरिकी डॉलर की गिरावट भी सीमित रही है, जिससे इस जोड़ी को नीचे के स्तरों पर एक सहारा मिला हुआ है।

अन्य वैश्विक मुद्राओं और सोने की स्थिति

विदेशी मुद्रा बाजार में अन्य प्रमुख जोड़ियों की बात करें तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी AUD/USD सोमवार को एशियाई सत्र के दौरान 0.7100 के ऊपर स्थिर बना रहा। अमेरिकी डॉलर जुलाई के अंत के बाद के अपने उच्चतम स्तर से थोड़ा पीछे हटने के बाद स्थिर हो गया है, जिसे वैश्विक अनिश्चितताओं से समर्थन मिल रहा है। दूसरी ओर, चीन के केंद्रीय बैंक पीबीओसी द्वारा लोन प्राइम रेट्स में कोई बदलाव न किए जाने और यथास्थिति बनाए रखने से ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर कुछ दबाव बना। हालांकि, रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा आने वाले समय में एक और ब्याज दर वृद्धि की संभावनाओं ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूती प्रदान की है, विशेषकर आगामी ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन से पहले कारोबारी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।

कमोडिटी बाजार में सोने पर बिकवाली का दबाव बना रहा। यूरोपीय कारोबारी सत्र के पहले हिस्से में सोना कमजोर रुख के साथ 4,350 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था, जिसमें दिन के दौरान 0.50% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद, यह कीमती धातु पिछले बुधवार को बने छह सप्ताह के निचले स्तर से काफी ऊपर बनी हुई है। निवेशक और ट्रेडर इस समय पश्चिम एशिया के संकट से जुड़े ताजा घटनाक्रमों और मुद्रास्फीति पर उनके संभावित असर का इंतजार कर रहे हैं। महंगाई का यह रुख आगे चलकर ब्याज दरों के दृष्टिकोण को प्रभावित करेगा, जो अंततः बिना ब्याज देने वाली इस बुलियन संपत्ति की दिशा तय करेगा।

क्रिप्टो बाजार की रिकवरी और सॉवरेन बॉन्ड बाजार में चिंताएं

डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में प्राइवेसी आधारित क्रिप्टोकरेंसी ज़ेडकैश यानी Zcash में शानदार उछाल दर्ज किया गया। पिछले सप्ताह 40% से अधिक की तेजी दर्ज करने के बाद यह टोकन 1,500 डॉलर के स्तर के ऊपर कारोबार कर रहा है। इस तेजी को बड़े संस्थागत निवेशकों के प्रवाह और समग्र क्रिप्टो बाजार में आई मजबूती से बड़ा समर्थन मिला। विशेष रूप से, ग्रेस्केल के ZEC केंद्रित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी ईटीएफ में पिछले सप्ताह 98.21 मिलियन डॉलर का शुद्ध निवेश दर्ज हुआ। इसके साथ ही नेटवर्क के डेवलपर्स आगामी NU7 अपग्रेड पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य निजी भुगतान की गति और दक्षता को बढ़ाना है।

तीसरी तिमाही के अंतिम हफ्तों में प्रवेश करते हुए वैश्विक वित्तीय बाजार एक बेहद असामान्य स्थिति का सामना कर रहे हैं। अनिश्चितता और भारी उतार-चढ़ाव ने समूचे बाजार को अपनी चपेट में ले रखा है, लेकिन इसके विपरीत कच्चे तेल की कीमतें गिर रही हैं। साथ ही सोमवार को यूरोपीय और अमेरिकी शेयर बाजारों के हरे निशान में खुलने के आसार नजर आए। इस बीच सबसे बड़ा तनाव सॉवरेन बॉन्ड बाजारों में केंद्रित है, जहां शुक्रवार देर शाम यूरोप और अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में दोबारा उछाल आया, जिससे बॉन्ड निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई है।

सवाल-जवाब

बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों में कितना बदलाव किया है?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 25 आधार अंक बढ़ाकर 1.00% से 1.25% कर दिया है।
दर वृद्धि के बाद USD/JPY में क्या हलचल देखी गई?
नीतिगत फैसले के बाद USD/JPY 156 के स्तर से बढ़कर 158 के पार चला गया, लेकिन दर जांच की खबरों के बाद यह गिरकर 157 से नीचे आ गया।
सोने के बाजार में क्या रुझान दर्ज किया गया?
सोने की कीमत यूरोपीय सत्र में 0.50% से अधिक गिरकर लगभग 4,350 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
ज़ेडकैश क्रिप्टोकरेंसी में हालिया तेजी का क्या कारण है?
ज़ेडकैश 1,500 डॉलर के ऊपर पहुंच गया, जिसे संस्थागत निवेश, ग्रेस्केल ईटीएफ में 98.21 मिलियन डॉलर की आमद और आगामी NU7 अपग्रेड से बल मिला।
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