सिनेमाघरों में 2 अक्टूबर के मौके पर उतरी विजय सलगांवकर की रहस्यमयी कहानी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में पूरी तरह कामयाब साबित हो रही है। रिलीज के शुरुआती तीन दिनों का भरपूर फायदा उठाते हुए 170 करोड़ से अधिक की कमाई करने के बाद, इस फिल्म ने अपने पहले कार्यदिवस यानी सोमवार को भी अपनी पकड़ ढीली नहीं पड़ने दी। कार्यदिवस होने के बावजूद घरेलू टिकट खिड़की पर दोहरे अंकों में टिकटों की बिक्री दर्ज की गई, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि दर्शकों के बीच इस फ्रेंचाइजी का क्रेज किस कदर बना हुआ है।
सोमवार की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन
सप्ताहांत बीतने के बाद आमतौर पर फिल्मों के टिकट बिक्री में तेज गिरावट दर्ज की जाती है, मगर चौथे दिन भी दर्शकों की आमद मजबूत बनी रही। शुरुआती कारोबार के आंकड़ों के अनुसार, इस मूवी ने पहले सोमवार को देश भर के सिनेमाघरों से 21 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है। पूरे दिन में कुल 16,254 शो चलाए गए, जिनमें दर्शकों की मौजूदगी की दर 24 फीसदी दर्ज की गई। इस ताजा कमाई के जुड़ने के साथ ही भारतीय बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की कुल जमा पूंजी अब 197.50 करोड़ रुपये हो चुकी है, यानी यह 200 करोड़ के मील के पत्थर से महज कुछ कदम की दूरी पर है। दूसरी तरफ, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी क्षेत्रों को मिलाकर फिल्म ने पहले ही 300 करोड़ रुपये का विशाल आंकड़ा पार कर लिया है।
ओपनिंग वीकेंड के चौंकाने वाले आंकड़े
फिल्म के सफर की शुरुआत पहले ही दिन 62 करोड़ रुपये की धमाकेदार ओपनिंग के साथ हुई थी। दूसरे दिन यानी शनिवार को कारोबार में आंशिक नरमी देखने को मिली और टिकट खिड़की पर 53.50 करोड़ रुपये आए। इसके बाद रविवार को दर्शकों ने एक बार फिर थिएटर्स का रुख किया, जिसके चलते फिल्म ने 61 करोड़ रुपये का भारी-भरकम व्यापार किया। पहले सप्ताहांत में जुटाए गए इस विशाल आंकड़े के दम पर इस थ्रिलर ने बड़े बजट की चर्चित फिल्मों जैसे 'वॉर' और 'टाइगर 3' के शुरुआती रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इतना ही नहीं, महज चार दिनों के भीतर इसने 'आवारापन 2' की कुल जीवनकाल कमाई को भी पछाड़ दिया है। अब व्यापार विश्लेषकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बाकी कार्यदिवसों में यह गति कितनी बरकरार रहती है।
कहानी का सस्पेंस और कलाकारों की जुगलबंदी
'दृश्यम: द कंक्लूजन' के जरिए दर्शकों को एक बार फिर विजय सलगांवकर के उस तनावपूर्ण संसार में ले जाया गया है, जहां वह अपने प्रियजनों की सुरक्षा की खातिर कानून व्यवस्था और पुलिसिया जांच के चक्रव्यूह से उलझता है। इस तीसरे भाग में पारिवारिक संवेदनाओं और थ्रिलर के पुराने ताने-बाने को एक नए स्तर पर पहुंचाया गया है, और विशेष रूप से इसके अंतिम मोड़ की सिनेमा प्रेमियों द्वारा खूब सराहना की जा रही है। मुख्य भूमिका में अजय देवगन ने एक बार फिर विजय के गंभीर किरदार को पर्दे पर जीवंत किया है। उनके साथ नंदिनी के रूप में श्रिया सरन और अंजू के किरदार में इशिता दत्ता ने अपने जाने-पहचाने अंदाज को जारी रखा है।
दमदार सहयोगी कास्ट और निर्माण पक्ष
कहानी में तनाव को बढ़ाने के लिए पूर्व आईजी मीरा देशमुख के किरदार में तब्बू ने भी प्रभावशाली वापसी की है। इस ताजा किस्त में नए चेहरों के रूप में प्रकाश राज और जयदीप अहलावत की धमाकेदार एंट्री कराई गई है, जो कथानक में नया रोमांच जोड़ते हैं। इनके अलावा रजत कपूर, सौरभ शुक्ला और कमलेश सावंत जैसे अनुभवी अभिनेताओं ने भी अहम किरदारों में अपनी छाप छोड़ी है। इस बहुचर्चित सस्पेंस ड्रामा की कमान निर्देशक अभिषेक पाठक ने संभाली है, जिन्होंने साल 2022 में आई ब्लॉकबस्टर 'दृश्यम 2' का भी निर्देशन किया था। पैनोरमा स्टूडियोज और स्टार स्टूडियो18 के संयुक्त बैनर तले बनी यह फिल्म अपने शुरुआती चार दिनों के असाधारण प्रदर्शन के चलते साल 2026 की सबसे अधिक कमाई करने वाली चुनिंदा फिल्मों की कतार में शामिल हो चुकी है।



















