अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में चीनी युआन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सीमित दायरे में मजबूती के रुझान के साथ कारोबार कर रहा है। यूनाइटेड ओवरसीज बैंक के रणनीतिकार क्वेक सेर लेंग के बाजार विश्लेषण के अनुसार डॉलर के मुकाबले अपतटीय चीनी युआन (USD/CNH) में हालिया गिरावट के बाद स्थिरता की स्थिति बनी हुई है। मुद्रा जोड़ी 6.7008 के निचले स्तर तक फिसलने के बाद 6.7041 पर बंद हुई थी। आने वाले समय में बाजार की चाल काफी हद तक एक निर्धारित दायरे के भीतर सिमटे रहने की संभावना जताई गई है।
डॉलर के मुकाबले युआन की 24 घंटे की तकनीकी स्थिति
दैनिक कारोबार के संदर्भ में पिछले सत्र के दौरान उम्मीद जताई जा रही थी कि अमेरिकी डॉलर 6.7085 और 6.7230 के बीच कारोबार करेगा। हालांकि यह अनुमान सटीक साबित नहीं हुआ और डॉलर गिरकर 6.7008 के निचले स्तर तक पहुंच गया। इसके बाद पूरे कारोबारी सत्र के दौरान मुद्रा सीमित दायरे में ही घूमती रही। दिन के अंत में डॉलर 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 6.7041 पर बंद हुआ था।
विश्लेषण के अनुसार नीचे की ओर बने हल्के दबाव के बावजूद यह गति इतनी मजबूत नहीं है कि लगातार तेज गिरावट का संकेत दे सके। दैनिक आधार पर अमेरिकी डॉलर का कारोबार 6.7000 से 6.7105 के दायरे में रहने का अनुमान लगाया गया है। इस दायरे में युआन को मजबूती मिलने की गुंजाइश बनी हुई है, लेकिन किसी बड़े एकतरफा बदलाव के संकेत फिलहाल तकनीकी संकेतकों पर नजर नहीं आ रहे हैं।
मध्यम और लंबी अवधि में विनिमय दर का अनुमान
अगले एक से तीन हफ्तों के परिदृश्य पर नजर डालें तो मुद्रा विश्लेषक अपने पूर्व अनुमान पर कायम हैं। पिछले मंगलवार यानी 29 सितंबर को जब हाजिर दर 6.7110 पर थी, तब यह रेखांकित किया गया था कि फिलहाल अमेरिकी डॉलर 6.6950 से 6.7270 के दायरे में कारोबार करेगा। मौजूदा तकनीकी संरचना को देखते हुए आने वाले हफ्तों के लिए भी यही दायरा बरकरार रहने का अनुमान है।
एक से तीन महीने के व्यापक दृष्टिकोण से देखा जाए तो जब तक USD/CNH तकनीकी क्लाउड की ऊपरी सीमा यानी 6.7815 के नीचे कारोबार कर रहा है, तब तक इसके धीरे-धीरे नीचे फिसलने की संभावना बनी रहेगी। लंबी अवधि में युआन की यह मजबूती तकनीकी प्रतिरोध स्तरों के बने रहने पर निर्भर करेगी।
प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में हलचल
अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्रा जोड़ों में भी अमेरिकी डॉलर की गतिशीलता का असर साफ देखा जा रहा है। सोमवार को देर से एशियाई व्यापार में AUD/USD पर नया बिकवाली का दबाव देखा गया और यह 0.6900 की ओर फिसल गया। अमेरिकी डॉलर में आई नई मजबूती और पश्चिम एशिया के साथ-साथ रूस-यूक्रेन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनावों के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर दबाव में रहा। अब बाजार का ध्यान कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड और ऑस्ट्रेलियाई रिजर्व बैंक (RBA) की आगामी अपेक्षाओं पर टिका है।
वहीं दूसरी ओर USD/JPY ने शुरुआती नुकसान की भरपाई करते हुए एशियाई सत्र में 158.00 का स्तर फिर से छू लिया और यह जोड़ी एक सप्ताह पुराने दायरे में ही बनी रही। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें घटने के बावजूद भू-राजनीतिक अनिश्चितता डॉलर को सहारा दे रही है। हालांकि बैंक ऑफ जापान (BoJ) की सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों और बाजार में संभावित सरकारी हस्तक्षेप के जोखिम के कारण जापानी येन को भी समर्थन मिल सकता है, जिससे इस जोड़ी की तेजी सीमित रह सकती है।
सोने और क्रिप्टोकरेंसी बाजार का हाल
कमोडिटी बाजार में सोने पर शुक्रवार की गिरावट का असर सोमवार की शुरुआत में भी दिखा और पीली धातु प्रति ट्रॉय औंस 4,100 डॉलर के प्रमुख स्तर के करीब आ गई। सोने में यह नरमी अमेरिकी डॉलर की लगातार बढ़त और पूरी यील्ड कर्व में अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के फिर से बढ़ने के कारण देखने को मिली है।
डिजिटल संपत्तियों के क्षेत्र में बिटकॉइन सोमवार को 86,000 डॉलर से ऊपर के स्तर पर सीमित दायरे में कंसोलिडेट कर रहा है। इसके विपरीत अन्य ऑल्टकॉइन्स में सकारात्मक रुख नजर आया है, जहां एथेरियम बढ़कर 2,700 डॉलर के पार निकल गया है और रिपल 1.52 डॉलर के ऊपर स्थिर बना हुआ है।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक के सामने मौद्रिक नीति का असमंजस
यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के समक्ष इस समय असामान्य आर्थिक परिस्थितियां खड़ी हैं। सामान्य परिस्थितियों में जब मुद्रास्फीति अपने तय लक्ष्य से लगभग दोगुनी रफ्तार से चल रही हो, तो केंद्रीय बैंक के पास ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सीधा रास्ता होता है।
हालांकि वर्तमान समय में हालात काफी जटिल हैं क्योंकि बॉन्ड बाजार पहले ही अपनी ओर से कुछ वित्तीय सख्ती कर चुका है। बॉन्ड यील्ड में इस बदलाव के चलते यूरोपीय सेंट्रल बैंक के सामने नीतिगत फैसले लेने में एक गंभीर असमंजस की स्थिति बन गई है।















