काला सागर के जलक्षेत्र में एक व्यापारिक मालवाहक जहाज भीषण आग की चपेट में आने के बाद समुद्र में समा गया। इस पोत पर भारतीय और अजरबैजानी नागरिक मौजूद थे। दो लोगों की जान चली गई, जिनमें जहाज के कप्तान भी शामिल हैं, जबकि ग्यारह अन्य लोगों को आपातकालीन बचाव दल ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के समय यह जहाज रोमानिया के विशेष आर्थिक क्षेत्र से गुजर रहा था और उस पर मक्के की खेप लदी हुई थी।
रोमानियाई जलक्षेत्र में बचाव अभियान
रोमानिया के गृह मंत्रालय की ओर से साझा किए गए विवरण के अनुसार, तटरक्षक बल को सोमवार सुबह स्थानीय समयानुसार लगभग 11 बजे जहाज में आग भड़कने की सूचना प्राप्त हुई थी। उस वक्त यह व्यापारिक पोत रोमानिया के तुलचिया जिले के स्फांतुल घोर्गे से करीब 55 किलोमीटर दक्षिण की दिशा में समुद्री सीमा के भीतर मौजूद था। संकट का संदेश मिलते ही आसपास मौजूद बचाव नौकाओं और राहत कर्मियों को तुरंत रवाना किया गया।
समुद्र में चलाए गए राहत अभियान के दौरान कुल 11 लोगों को बचा लिया गया। बचाए गए लोगों में से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल था, जिसे हेलीकॉप्टर की मदद से तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। रोमानियाई नौवहन प्राधिकरण ने इस मालवाहक पोत की पहचान रोयाद ममादोव के रूप में की है। यह जहाज सेंट किट्स एंड नेविस के ध्वज तले पंजीकृत होकर यात्रा कर रहा था।
यूक्रेन से इटली की यात्रा पर था पोत
शिपिंग ट्रैकिंग आंकड़ों के अनुसार, रोयाद ममादोव एक सामान्य कार्गो श्रेणी का पोत था। यह तुर्किये के स्वामित्व वाला जहाज था और यूक्रेन के इजमाइल बंदरगाह से मक्के की खेप लेकर इटली के लिए रवाना हुआ था। काला सागर के रास्ते यूरोपीय गंतव्य तक पहुंचने के दौरान यह अचानक हादसे का शिकार हो गया।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा करते हुए कहा कि दो रूसी ड्रोनों ने इस नागरिक मालवाहक जहाज को सीधा निशाना बनाया, जिसके चलते इसमें भीषण आग लग गई और अंततः पोत पानी में डूब गया। उन्होंने पुष्टि की कि जहाज पर भारतीय और अजरबैजानी नागरिक सवार थे और इसके कप्तान की मृत्यु हो गई है, जबकि एक अन्य व्यक्ति की स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। रूस की ओर से इस पूरे मामले और ड्रोन हमले के दावों पर तत्काल कोई औपचारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।
व्यापारिक गलियारे में बढ़ता संकट
रोमानियाई अधिकारियों ने अभी आधिकारिक तौर पर आग लगने के सटीक तकनीकी कारण की घोषणा नहीं की है। दोनों देशों के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से काला सागर का यह महत्वपूर्ण व्यापारिक जलमार्ग वाणिज्यिक नौवहन के लिए निरंतर खतरनाक बनता जा रहा है। दुनिया भर में अनाज और खाद्य सामग्रियों की आपूर्ति के लिहाज से यह समुद्री मार्ग अत्यंत संवेदनशील माना जाता है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के अनुसार, उनका देश काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों के सुरक्षित आवागमन और तनाव घटाने के लिए विभिन्न उपायों पर जोर देता रहा है। इस तरह नागरिक जहाजों को नुकसान पहुंचने से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन में काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं।




















