बॉलीवुड अभिनेता इमरान हाशमी एक बार फिर अपने पुराने और लोकप्रिय अंदाज में बड़े पर्दे पर लौट आए हैं। उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म आवारापन 2 को 14 अगस्त के दिन सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया गया, जिसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। बॉक्स ऑफिस पर सनी देओल की फिल्म बंटवारा 1947 के साथ सीधी टक्कर होने के बावजूद, आवारापन 2 ने अपनी रिलीज के महज दो दिनों के भीतर 50 करोड़ रुपये की कमाई का आंकड़ा पार कर लिया है। इस शानदार सफलता के बीच फिल्म के निर्माता विशेष भट्ट ने एक बड़ा खुलासा किया है कि इस प्रोजेक्ट की शुरुआत में कोई भी डिस्ट्रीब्यूटर इसे खरीदने के लिए तैयार नहीं था।
कड़े मुकाबले के बीच बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन
14 अगस्त को रिलीज हुई आवारापन 2 ने सिनेमाघरों में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। बॉक्स ऑफिस पर सनी देओल की बड़ी फिल्म बंटवारा 1947 के साथ हुए क्लैश के बावजूद, इमरान हाशमी के पुराने अवतार को देखने के लिए दर्शक भारी संख्या में थिएटर्स का रुख कर रहे हैं। फिल्म ने शुरुआती दो दिनों में ही 50 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है। प्रशंसकों द्वारा मिल रहे इस जबरदस्त रिस्पॉन्स ने साबित कर दिया है कि कहानी और दमदार प्रदर्शन के बल पर फिल्में हर कड़े मुकाबले को मात दे सकती हैं।
निर्माता विशेष भट्ट ने खुद लगाया अपना पैसा
फिल्म की इस बड़ी सफलता के बीच निर्माता विशेष भट्ट ने जूम को दिए अपने साक्षात्कार में निर्माण के समय आई वित्तीय चुनौतियों पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि आवारापन 2 को बनाने के शुरुआती दौर में बाजार में कोई भी खरीदार या डिस्ट्रीब्यूटर इस फिल्म को खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहा था। विशेष भट्ट ने कहा, "अगर आप ऐसी फिल्मों को पसंद करेंगे तो मैं किसी भी कीमत पर ऐसी फिल्में बनाता रहूंगा।"
विशेष भट्ट ने स्पष्ट किया कि यदि वह यह फिल्म केवल तुरंत मुनाफा कमाने के उद्देश्य से बना रहे होते, तो डिस्ट्रीब्यूटर्स भी इसमें रुचि दिखाते। हालांकि उस समय बाजार में इस फिल्म का कोई खरीदार नहीं था, इसलिए उन्होंने अपनी जेब से पैसा लगाकर इस प्रोजेक्ट को पूरा किया। जब फिल्म पूरी तरह बनकर तैयार हो गई, तब जाकर बाजार की नींद खुली और डिस्ट्रीब्यूटर्स इसे खरीदने आगे आए। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर दर्शक इस तरह की सिनेमाई कहानियों को थिएटर में जाकर सपोर्ट करेंगे, तभी फिल्म निर्माता ऐसी अलग फिल्में बनाने का जोखिम उठा पाएंगे।
2007 की कल्ट क्लासिक से सीक्वल तक का सफर
साल 2007 में प्रदर्शित हुई मूल फिल्म आवारापन अपनी रिलीज के समय बॉक्स ऑफिस पर कोई खास व्यावसायिक सफलता हासिल नहीं कर सकी थी। हालांकि समय बीतने के साथ दर्शकों ने इसके निर्देशन, संगीत और अभिनय की सराहना की और यह फिल्म सिनेमा प्रेमियों के बीच एक कल्ट क्लासिक बन गई। जब विशेष भट्ट ने इसके दूसरे भाग आवारापन 2 के निर्माण की योजना बनाई, तो ट्रेड डिस्ट्रीब्यूटर्स को इसके व्यावसायिक भविष्य पर भरोसा नहीं था। वे एक फ्लॉप फिल्म के सीक्वल पर दांव लगाने से कतरा रहे थे। यही वजह थी कि कोई भी डिस्ट्रीब्यूटर इसमें दिलचस्पी नहीं दिखा रहा था, लेकिन दर्शकों के मौजूदा प्यार ने सभी ट्रेड अनुमानों को गलत साबित कर दिया है।
इसी तरह भारतीय सिनेमा में फिल्मों के भारी-भरकम बजट और वित्तीय गणित की चर्चा बनी रहती है, जैसा कि यश द्वारा फिल्म रामायण के 4000 करोड़ रुपये के कथित बजट और भारत की सबसे महंगी फिल्म होने के गणित पर दी गई स्पष्टता में देखने को मिला था। फिल्म निर्माण में जोखिम और दर्शकों के समर्थन का यह तालमेल हमेशा से बॉक्स ऑफिस का मुख्य आधार रहा है।
फिल्म की स्टार कास्ट और निर्माण से जुड़ी बातें
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2007 में आई पहली आवारापन का निर्देशन नितिन कक्कड़ ने किया था और विशेष भट्ट इसके निर्माता थे। उस फिल्म में इमरान हाशमी ने शिवम पंडित का यादगार और आइकॉनिक किरदार निभाया था, जिसे दर्शकों ने काफी सराहा था। अब आवारापन 2 में इमरान हाशमी एक बार फिर शिवम पंडित के उसी चर्चित रूप में वापस लौटे हैं। इस सीक्वल में उनके साथ मुख्य भूमिकाओं में दिशा पाटनी, शबाना आजमी और सुविंदर विक्की जैसे प्रतिभाशाली कलाकार नजर आ रहे हैं, जिनकी मौजूदगी ने कहानी को और अधिक प्रभावशाली बना दिया है।



















