संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली एनडीए और एनए परीक्षा-II 2026 के माध्यम से देश की तीनों सेनाओं यानी थलसेना, नौसेना और वायुसेना में कुल 394 पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण रक्षा परीक्षा के आयोजन में अब एक महीने से भी कम समय शेष बचा है, क्योंकि परीक्षा की निर्धारित तिथि 13 सितंबर 2026 है। यदि कोई उम्मीदवार भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना देख रहा है, तो अब नए विषयों या कठिन अध्यायों में उलझने के बजाय अपनी मौजूदा तैयारी को अंतिम और मजबूत रूप देने का बिल्कुल सही समय आ चुका है।
एनडीए चयन प्रक्रिया और अंतिम दिनों की रणनीति
इस प्रतिष्ठित परीक्षा की चयन प्रक्रिया कुल तीन चरणों में पूरी होती है, जिनमें लिखित परीक्षा, एसएसबी इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट शामिल हैं। लिखित परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के बाद ही उम्मीदवारों को सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड के पर्सनैलिटी और इंटेलिजेंस टेस्ट के लिए आमंत्रित किया जाता है। परीक्षा से ठीक पहले के लगभग 25 दिन बेहद निर्णायक होते हैं, जहां प्रभावी टाइम मैनेजमेंट, निरंतर रिवीजन और मॉक टेस्ट का अभ्यास सफलता तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। यह समझना जरूरी है कि सीमित समय में किस प्रकार पढ़ाई का खाका तैयार किया जाए ताकि पहली ही कोशिश में इस कठिन परीक्षा को आसानी से पास किया जा सके।
परीक्षा का पैटर्न और अंकों का पूरा गणित
लिखित परीक्षा को मुख्य रूप से दो अलग-अलग भागों में विभाजित किया गया है। पहला प्रश्न पत्र पूरी तरह से गणित का होता है, जो कुल 300 अंकों का होता है और इसे हल करने के लिए 2 घंटे 30 मिनट का समय मिलता है। दूसरा प्रश्न पत्र जनरल एबिलिटी टेस्ट यानी GAT का होता है, जो कुल 600 अंकों का होता है और इसके लिए भी 2 घंटे 30 मिनट की समयावधि तय की गई है। GAT के इस पेपर में अंग्रेजी खंड के लिए 200 अंक और सामान्य ज्ञान के लिए 400 अंक निर्धारित किए गए हैं। सामान्य ज्ञान खंड के भीतर विभिन्न विषयों का वेटेज इस प्रकार रहता है कि फिजिक्स को 25 प्रतिशत, केमिस्ट्री को 15 प्रतिशत, जनरल साइंस को 10 प्रतिशत, इतिहास को 20 प्रतिशत, भूगोल को 20 प्रतिशत और करेंट अफेयर्स को 10 प्रतिशत हिस्सा मिलता है। इसके साथ ही यह भी ध्यान रखना अनिवार्य है कि किसी भी गलत उत्तर के लिए एक तिहाई यानी 1/3 अंक की नेगेटिव मार्किंग भी की जाएगी।
एक महीने की स्मार्ट तैयारी का चार चरणों वाला प्लान
परीक्षा में बहुत कम वक्त बचा है, इसलिए अब तक जो भी पढ़ाई की जा चुकी है, पूरा ध्यान केवल उसी को मजबूत करने पर केंद्रित रखना चाहिए। इसके लिए एक सुनियोजित चार-स्टेज प्लान अपनाया जा सकता है। शुरुआती 10 दिनों के दौरान पूरे सिलेबस और सभी जरूरी फॉर्मूलों को दोबारा अच्छी तरह री-चेक कर लेना चाहिए। गणित के प्रमुख विषयों जैसे सेट्स, ट्रिग्नोमेट्री, डिफरेंसिएशन, इंटीग्रेशन और स्टैटिस्टिक्स का रिवीजन बहुत गहराई से करना आवश्यक है, जबकि अंग्रेजी के लिए बेसिक ग्रामर, वोकैब और रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन की नियमित प्रैक्टिस करनी चाहिए।
इसके बाद के 10 दिनों में उन हिस्सों पर विशेष जोर देना चाहिए जो कमजोर नजर आते हैं। मॉक टेस्ट हल करते समय जिन विषयों या विशेष सवालों में बार-बार नंबर कट रहे हैं, उन्हें अपनी नोटबुक से दोबारा निकालकर पढ़ना चाहिए। गणित की शॉर्ट ट्रिक्स और पिछले वर्षों के कटऑफ का विश्लेषण करना इस चरण में बहुत मददगार साबित होता है। अगले 7 दिनों तक बिल्कुल परीक्षा जैसा माहौल बनाकर तैयारी करनी चाहिए और तय समय सीमा के भीतर ही हर दिन एक पूरा मॉक टेस्ट हल करना चाहिए। टेस्ट पूरा होने के बाद अपनी गलतियों का गहन विश्लेषण करना जरूरी है ताकि यह पहचाना जा सके कि किन सवालों पर बेवजह ज्यादा समय बर्बाद हो रहा है।
अंतिम 3 दिनों के दौरान केवल और केवल लाइट रिवीजन पर ही ध्यान केंद्रित रखना चाहिए। इस आखिरी चरण में किसी भी नई किताब या किसी नए कठिन टॉपिक को छूने की गलती बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। इस दौरान केवल अपने शॉर्ट नोट्स, गणित के महत्वपूर्ण फॉर्मूलों और करेंट अफेयर्स का ही रिवीजन करना उचित रहता है। रोजाना एक से दो मॉक टेस्ट देने से परीक्षा के दौरान उत्पन्न होने वाले मानसिक दबाव को संभालने की शानदार आदत विकसित होती है और प्रश्नों को तेजी से हल करने की गति भी बढ़ती है।
तैयारी के दौरान इन गलतियों से बनाएं दूरी
यूपीएससी एनडीए और एनए परीक्षा की तैयारी की इस आखिरी प्रक्रिया के दौरान कुछ खास सावधानियां बरतना बहुत जरूरी है। परीक्षा के अंतिम दिनों में नया सिलेबस शुरू करने से हमेशा बचना चाहिए। इसके अलावा, रातों तक जागकर अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए क्योंकि परीक्षा हॉल में एक शांत और तरोताजा दिमाग होना सबसे ज्यादा जरूरी है। किसी एक ही कठिन सवाल पर जरूरत से ज्यादा समय गंवाने की भूल न करें, बल्कि ऐसे कठिन सवालों को तुरंत खाली छोड़कर आगे बढ़ जाना बुद्धिमानी होती है। इसके अलावा, सही उत्तरों को मार्क करते समय ओएमआर शीट को भरने में किसी भी प्रकार की असावधानी या गलती नहीं होनी चाहिए।


















