बॉलीवुड के सदाबहार सितारे अमिताभ बच्चन का करियर सिर्फ रोमांस, कॉमेडी और पारिवारिक ड्रामा तक सीमित नहीं रहा। पांच दशक से भी लंबे इस सफर में उन्होंने गैंगस्टर, पुलिस अफसर और अपराध की दुनिया से जुड़े किरदार भी उतनी ही शिद्दत से निभाए, जितने बाकी रोल। यही वजह है कि उनकी क्राइम और गैंगस्टर फिल्में आज भी OTT पर दर्शकों को घंटों बांधे रखती हैं और नई पीढ़ी के दर्शक भी इन्हें देखकर उनके मुरीद बन जाते हैं।
पांच दशकों में गढ़े कई रंग के किरदार
एंग्री यंग मैन की छवि से शुरू हुआ अमिताभ बच्चन का सफर आज भी उतना ही असरदार नजर आता है। इस दौरान उन्होंने ऐसे कई किरदार निभाए, जिन्हें देखकर लगता है कि यह भूमिका शायद उनके अलावा कोई और निभा ही नहीं सकता था। यही खासियत उनके फैंस को बार-बार इन फिल्मों की तरफ खींचती है, भले ही ये फिल्में सालों पहले रिलीज हो चुकी हों। रोमांस और सामाजिक विषयों वाली फिल्मों के बीच जब भी उन्होंने अपराध की दुनिया वाला कोई किरदार चुना, वह किरदार दर्शकों के जेहन में हमेशा के लिए बस गया।
नेटफ्लिक्स, जियोहॉटस्टार और यूट्यूब पर देखें ये फिल्में
अमिताभ बच्चन की बेहतरीन क्राइम फिल्में नेटफ्लिक्स, जियोहॉटस्टार समेत कई और OTT प्लेटफॉर्म पर मौजूद हैं, इसलिए इन्हें देखना दर्शकों के लिए अब बेहद आसान हो गया है। साल 1990 में आई फिल्म अग्निपथ को नेटफ्लिक्स पर देखा जा सकता है। निर्देशक मुकुल एस. आनंद की यह फिल्म अमिताभ के करियर की सबसे यादगार और सबसे ज्यादा चर्चित फिल्मों में शुमार होती है। साल 2005 में रिलीज हुई सरकार भी नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है और यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई थी, जिसके बाद इसके दो और सीक्वल सरकार राज और सरकार 3 भी बनाए गए। साल 2002 में आई आंखें में अमिताभ ने एक बैंक मैनेजर का किरदार निभाया था, जो बदला लेने के इरादे से तीन नेत्रहीन लोगों की मदद से बैंक डकैती की पूरी साजिश रचता है, इस फिल्म को यूट्यूब पर देखा जा सकता है। इसके अलावा साल 2016 में रिलीज हुई वज़ीर में अमिताभ व्हीलचेयर पर बैठे शतरंज के ग्रैंडमास्टर पंडित ओमकारनाथ धर के किरदार में नजर आए थे, इस फिल्म में क्राइम, थ्रिलर और सस्पेंस का दिलचस्प मेल देखने को मिलता है, और यह फिल्म नेटफ्लिक्स तथा प्राइम दोनों प्लेटफॉर्म पर मौजूद है।
एंग्री यंग मैन की छवि से बनीं कल्ट क्लासिक
1970 और 1980 के दशक में अमिताभ बच्चन ने जो एंग्री यंग मैन वाली छवि गढ़ी, उसने हिंदी सिनेमा को एक नई दिशा दी थी। उस दौर की दीवार, डॉन, काला पत्थर, अग्निपथ और सरकार जैसी फिल्मों में उनके किरदार सिर्फ अपराध या गैंगस्टर की दुनिया तक सीमित नहीं थे, बल्कि इनमें न्याय की तलाश, संघर्ष, बदले की आग और आत्मसम्मान जैसे गहरे भाव भी झलकते थे। यही वजह है कि दशकों बाद भी ये फिल्में बॉलीवुड की कल्ट फिल्मों में गिनी जाती हैं और हर बार नए सिरे से देखी जाती हैं।
दमदार आवाज और डायलॉग बने पहचान
इन फिल्मों में अमिताभ बच्चन की बुलंद आवाज और दमदार डायलॉग डिलीवरी ने उनके पूरे करियर को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया। उनके कई डायलॉग आज भी लोगों की जुबान पर चढ़े रहते हैं और आम बोलचाल का हिस्सा बन चुके हैं। शायद इसी वजह से दशकों बाद भी ये फिल्में नई पीढ़ी के दर्शकों को अपनी ओर खींच लेती हैं और OTT पर बार-बार देखी जाती हैं।
बार-बार देखे जाने लायक हैं ये किरदार
एक कलाकार के तौर पर अमिताभ बच्चन की यही खूबी उन्हें बाकी सितारों से अलग खड़ा करती है कि वे किसी भी जॉनर में उतरें, दर्शक उनके किरदार को भूल नहीं पाते। यही वजह है कि तीन दशकों में फैली उनकी ये क्राइम और गैंगस्टर फिल्में आज भी नेटफ्लिक्स, जियोहॉटस्टार और प्राइम पर स्क्रॉल करने वाले हर दर्शक के लिए एक भरोसेमंद और दमदार वॉचलिस्ट बनी रहती हैं।



















