नब्बे और दो हजार के दशक में भारतीय सिनेमा पर एकछत्र राज करने वाले अभिनेता गोविंदा लंबे समय से सिल्वर स्क्रीन से दूर थे। वह दौर था जब उनकी फिल्में एक के बाद एक ब्लॉकबस्टर साबित हो रही थीं और निर्देशकों के बीच उन्हें साइन करने की होड़ मची रहती थी। हालांकि, पिछले कुछ सालों से प्रशंसकों ने उन्हें बड़े पर्दे पर देखने का बेसब्री से इंतजार किया है, और अब यह इंतजार समाप्त होने को है। करीब सात वर्षों के लंबे ब्रेक के बाद गोविंदा एक बार फिर जोरदार वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने खुद पुष्टि की है कि वह 'रूपा' नामक फिल्म के साथ अपना अगला सफर शुरू करेंगे।
सात साल के लंबे अंतराल के बाद वापसी
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गोविंदा ने अपने इस आगामी प्रोजेक्ट की आधिकारिक घोषणा की। इस कार्यक्रम में उनके साथ एक नई अभिनेत्री भी देखी गईं, जो फिल्म में उनके साथ मुख्य भूमिका निभाती नजर आएंगी। अपने फिल्मी करियर की इस नई शुरुआत पर बात करते हुए गोविंदा ने कहा कि बीते वक्त में जिन लोगों ने उन्हें नजरअंदाज किया, उसी अनुभव ने उन्हें और अधिक परिपक्व और मजबूत बनाया है। इसे नियति का एक हिस्सा मानते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वह हमेशा जीवन में नई शुरुआत की संभावनाओं में आस्था रखते आए हैं।
लोगों की उपेक्षा को माना अपनी नियति
फिल्म के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए गोविंदा ने स्वीकार किया कि कई बार लोगों द्वारा अनदेखा किया जाना उनके नसीब में ही था। उन्होंने बताया कि अक्सर लोग चर्चा करते थे कि अब वह पर्दे पर दोबारा नहीं दिखेंगे, लेकिन उन्होंने हर बार खुद को नई दिशा दी। गोविंदा ने ईश्वर से कामना की कि उनकी यह फिल्म उन ऊंचाइयों को छुए जिसकी उन्होंने कल्पना की है। उन्होंने आशा जताई कि यह प्रोजेक्ट कुछ ऐसा कमाल करेगा जिसकी उम्मीद किसी ने नहीं की होगी।
युवाओं को समर्पित है 'रूपा'
गोविंदा ने बताया कि 'रूपा' का कथानक विशेष रूप से युवा पीढ़ी के लिए तैयार किया गया है। उन्हें पूरा विश्वास है कि जब युवा इस फिल्म को सिनेमाघरों में देखेंगे, तो यह उन्हें अपने सपनों के प्रति प्रोत्साहित करेगी और उनका यह भरोसा और पुख्ता होगा कि मेहनत से सपने सच होते हैं। हालांकि उन्होंने इस फिल्म के बारे में फिलहाल ज्यादा विवरण देने से इनकार किया। इसी के साथ उन्होंने अंक शास्त्र या न्यूमेरोलॉजी के प्रति अपने गहरे विश्वास का भी जिक्र किया और साझा किया कि '14' का अंक उनके जीवन में बेहद प्रभावशाली रहा है।
अंक 14 का उनके जीवन में महत्व
अपने लकी नंबर के बारे में गोविंदा ने खुलासा किया कि उन्हें न्यूमेरोलॉजी पर अटूट भरोसा है और उनका नाम भी इसी विज्ञान पर आधारित है। 14 साल की उम्र से ही वह इन अंकों के प्रभाव को मानने लगे थे। उन्होंने बताया कि ईश्वर की कृपा से उन्होंने एक ही सप्ताह में 14 फिल्मों पर हस्ताक्षर किए थे और 14 साल तक लगातार सुपरस्टारडम का दौर देखा। इसके बाद, पर्दे पर वापसी से पहले भी उन्होंने 14 वर्षों का संघर्ष किया है। इन दिनों गोविंदा अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी सुर्खियों में हैं, जहां उनकी पत्नी सुनीता आहूजा लगातार उन पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर होने के गंभीर आरोप लगाती रही हैं। हाल ही में 'लॉकअप 2' कार्यक्रम के दौरान भी सुनीता ने गोविंदा के अतीत के कई अफेयर होने का दावा किया और कहा कि रिश्ते को बचाने के लिए उन्हें बहुत कुछ सहना पड़ता है।











