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ग्रेजुएशन के बाद तलाक की कठिन परिस्थितियों से गुजरकर हिंदी सिनेमा की आइकॉनिक मां बनीं लीला चिटनिसबॉलीवुड
9 सित॰ 2026, 4:12 am (50 दिन पहले)· 3

ग्रेजुएशन के बाद तलाक की कठिन परिस्थितियों से गुजरकर हिंदी सिनेमा की आइकॉनिक मां बनीं लीला चिटनिस

कर्नाटक के धारवाड़ में जन्मीं लीला चिटनिस ने विपरीत परिस्थितियों में अभिनय की दुनिया में कदम रखा। चार बच्चों की जिम्मेदारी और तलाक के संघर्ष के बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा में स्टारडम हासिल किया और पर्दे की यादगार मां बनीं।

भारतीय सिनेमा के इतिहास में ऐसी बहुत कम हस्तियां हुई हैं जिन्होंने सामाजिक बंदिशों को तोड़कर सफलता के नए मानक स्थापित किए। 9 सितंबर 1909 को कर्नाटक के धारवाड़ में एक मराठी ब्राह्मण परिवार में जन्मीं लीला चिटनिस का शुरुआती नाम लीला नागरकर था। जिस दौर में महिलाओं के लिए अभिनय को एक सम्मानजनक करियर नहीं माना जाता था, उस दौर में उन्होंने पर्दे पर अपनी खास पहचान बनाई। वह अपने समय की बॉलीवुड की सबसे पढ़ी-लिखी अभिनेत्री मानी जाती हैं, जिन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से भारतीय फिल्म जगत में एक नया मुकाम हासिल किया।

साहित्यिक परिवेश और उच्च शिक्षा की मिसाल

लीला चिटनिस के पिता अंग्रेजी साहित्य के प्रोफेसर थे, जिसके कारण उन्हें बचपन से ही घर में बौद्धिक और शैक्षणिक माहौल मिला। 20वीं सदी की शुरुआत में जब समाज में लड़कियों को बुनियादी स्कूली शिक्षा देने पर भी हिचकिचाहट होती थी और उच्च शिक्षा की कल्पना भी दुर्लभ थी, तब लीला ने आर्ट्स विषय में बीए की डिग्री हासिल की। उनकी यह शैक्षणिक उपलब्धि उस समय के सामाजिक परिदृश्य में एक क्रांतिकारी कदम थी। यही वजह है कि उन्हें महाराष्ट्र की पहली ग्रेजुएट महिलाओं में गिना जाता है और आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे शिक्षित अभिनेत्रियों के रूप में उन्हें याद किया जाता है।

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कम उम्र में विवाह और व्यक्तिगत जीवन का संघर्ष

उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद लीला चिटनिस का जीवन आसान नहीं रहा। महज 16 वर्ष की आयु में उनका विवाह डॉ. गजानन यशवंत चिटनिस के साथ कर दिया गया। विवाह के पश्चात वह पारिवारिक जिम्मेदारियों में व्यस्त हो गईं और चार बच्चों की मां बनीं। इस दौरान उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भी सक्रिय भागीदारी निभाई। हालांकि, उनका वैवाहिक जीवन सुखद नहीं रह सका। उनके पति को शराब की गंभीर लत थी, जिसने उनके रिश्ते में तनाव पैदा कर दिया। समस्याओं और मतभेदों के बढ़ने के कारण आखिरकार दोनों का रिश्ता टूट गया और उन्होंने तलाक ले लिया।

शिक्षण से थिएटर और सिल्वर स्क्रीन तक का सफर

तलाक के बाद चार बच्चों के पालन-पोषण और आर्थिक जरूरतों को पूरा करने की जिम्मेदारी पूरी तरह से लीला चिटनिस के कंधों पर आ गई। इस कठिन समय में उन्होंने हार नहीं मानी और शुरुआत में कुछ समय के लिए एक शिक्षिका के रूप में कार्य किया। इसके बाद उनका रुझान मंच की ओर हुआ और वह नाट्य मनवंतर जैसे प्रतिष्ठित थिएटर ग्रुप से जुड़ गईं। थिएटर के मंच ने उन्हें अभिनय की बारीकियों को गहराई से समझने का अवसर दिया, जिससे उनके लिए सिनेमा के दरवाजे खुले। वर्ष 1935 में उन्होंने फिल्म श्री सत्यनारायण से हिंदी सिनेमा में अपना डेब्यू किया। इसके बाद 1937 की फिल्म जेंटलमैन डाकू से उन्हें पहचान मिली। वर्ष 1939 में रिलीज हुई फिल्म कंगन उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई, जो एक सिल्वर जुबली हिट रही और इसने उन्हें दौर की शीर्ष अभिनेत्रियों में स्थापित कर दिया।

दिग्गजों की मां के किरदार और लक्स विज्ञापन का ऐतिहासिक कीर्तिमान

1940 के दशक के अंतिम वर्षों में फिल्म उद्योग में उनके करियर ने एक नया मोड़ लिया, जब उन्हें मुख्य भूमिकाओं के बजाय सहायक भूमिकाओं में ढलना पड़ा। उन्होंने इस बदलाव को सहर्ष स्वीकार किया और पर्दे पर मां के किरदारों को एक नई जीवंतता प्रदान की। फिल्म शहीद में उन्होंने पहली बार मां की भूमिका निभाई थी। इसके बाद उन्होंने आवारा, नया दौर, साधना, हम दोनों, गंगा जमुना और गाइड जैसी ऐतिहासिक फिल्मों में मां के किरदार निभाए। उन्होंने पर्दे पर दिलीप कुमार, राज कपूर, भारत भूषण और देव आनंद जैसे दिग्गज अभिनेताओं की मां की भूमिकाएं निभाईं। इसके अलावा, लीला चिटनिस के नाम एक और अद्वितीय कीर्तिमान दर्ज है, वह प्रसिद्ध साबुन ब्रांड लक्स का विज्ञापन करने वाली पहली भारतीय अभिनेत्री बनी थीं।

सवाल-जवाब

लीला चिटनिस का जन्म कब और कहां हुआ था?
लीला चिटनिस का जन्म 9 सितंबर 1909 को कर्नाटक के धारवाड़ में एक मराठी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनका शुरुआती नाम लीला नागरकर था।
लीला चिटनिस की शैक्षणिक योग्यता क्या थी?
लीला चिटनिस के पिता अंग्रेजी साहित्य के प्रोफेसर थे और उन्होंने आर्ट्स में बीए की डिग्री हासिल की थी। वह महाराष्ट्र की पहली महिला ग्रेजुएट्स में से एक थीं।
उन्होंने शिक्षक की नौकरी छोड़कर अभिनय की दुनिया में कदम क्यों रखा?
पति से तलाक के बाद अपने चार बच्चों के पालन-पोषण के लिए उन्होंने पहले शिक्षिका के रूप में काम किया और फिर बेहतर आर्थिक अवसरों के लिए थिएटर और फिल्मों का रुख किया।
लीला चिटनिस ने किन प्रमुख फिल्मों में मां के यादगार किरदार निभाए?
उन्होंने शहीद, आवारा, नया दौर, साधना, हम दोनों, गंगा जमुना और गाइड जैसी ऐतिहासिक फिल्मों में मां के किरदार निभाए।
लीला चिटनिस के नाम कौन सा अनोखा विज्ञापन रिकॉर्ड दर्ज है?
लीला चिटनिस प्रसिद्ध साबुन ब्रांड लक्स का विज्ञापन करने वाली पहली भारतीय अभिनेत्री बनी थीं।
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