नई दिल्ली: बॉलीवुड में अपनी फिल्मों को लेकर चर्चा में रहने वाली अभिनेत्री जाह्नवी कपूर ने हाल ही में फिल्म ‘पेड्डी’ से जुड़े विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी है. इस फिल्म में महिलाओं को जिस तरह से दिखाया गया था, उसे लेकर उन्होंने अपनी गंभीर चिंता जताई है. जाह्नवी ने लोकप्रिय शो ‘कॉफी विद करण’ के नवीनतम एपिसोड में शिरकत की, जहां उन्होंने अपनी प्रोफेशनल जिम्मेदारी और इस पूरे मामले से जुड़ी चिंताओं पर खुलकर चर्चा की. अभिनेत्री ने स्वीकार किया कि वह इस विवाद पर बात करने को लेकर काफी हिचकिचा रही थीं, क्योंकि इस प्रोजेक्ट के पीछे कई लोगों की कड़ी मेहनत जुड़ी हुई थी. हालांकि, समय के साथ उन्हें महसूस हुआ कि इस स्थिति में अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करना और महिलाओं पर फिल्म के असर को समझना बेहद जरूरी है.
फिल्म के विवाद और मन पर पड़े बोझ का किया जिक्र
जाह्नवी कपूर ने बातचीत के दौरान बताया कि उनके मन में इस पूरे मामले को लेकर कई तरह की बातें चल रही थीं. उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर बोलने से इसलिए बच रही थीं क्योंकि टीम के तमाम सदस्यों ने इस पर बहुत मेहनत की थी. उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि क्या प्रतिक्रिया दी जाए या इस पर कुछ कहना भी चाहिए या नहीं. अभिनेत्री ने कहा कि जो कुछ भी हुआ, उसकी नैतिक जिम्मेदारी वह खुद लेती हैं. उनके मन पर इस बात का भारी बोझ है कि इस तरह की कहानियों का समाज और विशेषकर महिलाओं पर कितना नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.
शूटिंग के दौरान असहजता और आत्ममंथन की बात
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए जाह्नवी ने माना कि वह शर्म का भाव हमेशा उनके साथ रहेगा. उन्होंने खुद से सवाल किया कि क्या वह इस मामले में और अधिक सतर्क रह सकती थीं या कड़ा विरोध जता सकती थीं. उन्होंने खुद को इस बात के लिए कोसा भी कि उन्हें और अधिक सावधानी बरतनी चाहिए थी. शूटिंग के अपने अनुभव को याद करते हुए उन्होंने बताया कि यह पूरा सफर उनके लिए काफी असहज करने वाला था और उन्हें हर कदम पर बेचैनी महसूस हो रही थी. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वह डायरेक्टर के साथ काम करते समय चीजों को थोड़ा आसान बनाने का प्रयास कर रही थीं, लेकिन अब उन्हें लगता है कि उन्हें अपनी विशेषाधिकार स्थिति का इस्तेमाल करके कड़ा विरोध दर्ज कराना चाहिए था.



















