इजराइल में चुनावी परिणाम के बाद राजनीतिक गतिरोध, जानिए सरकार गठन के चार संभावित रास्तेनेतन्याहू की डूबती नैया को मैंने बचाया, इजरायली चुनाव पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावापश्चिम दिल्ली में पुलिस का बड़ा अभियान, 72 घंटों में 185 वाहन बरामद और 46 शातिर गिरफ्तारसुबह के नाश्ते में बनाएं टेस्टी और हेल्दी वेजी ओट्स टिक्की, जानिए आसान विधिटेनिस को अलविदा बोले स्टेन वावरिंका, स्विस इंडोर में हार के साथ खत्म हुआ करियरबिहार में हर साल बीस हजार शिक्षकों की होगी भर्ती, ट्रांसफर नीति और प्रदर्शन से जुड़ी बड़ी बातेंजयपुर में बड़ी वारदात, स्कूटी से बीस लाख रुपये उड़ा ले गए शातिर बदमाशपहाड़ों से दिल्ली पढ़ने आई नैना का कॉलेज में उड़ा मजाक, फिर ऐसे आरव ने बदली पूरी कहानीदिल्ली के सरकारी स्कूलों में 828 प्रिंसिपल और वाइस-प्रिंसिपल पदों के लिए आवेदन शुरू, 14 अगस्त तक मौकामनदीप सिंह की शानदार हैट्रिक, एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में भारत ने बांग्लादेश को 13-0 से रौंदा
हिंद-प्रशांत में रणनीतिक पकड़ मजबूत कर रहे भारत और जापान, अब बारूदी सुरंगों के खात्मे पर होगा कामदुनिया
29 अक्तू॰ 2026, 2:50 pm (2 मिनट पहले)· 0

हिंद-प्रशांत में रणनीतिक पकड़ मजबूत कर रहे भारत और जापान, अब बारूदी सुरंगों के खात्मे पर होगा काम

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी ने फिलीपींस के सेबू में हुई बैठक के दौरान रक्षा सहयोग को और बढ़ाने पर सहमति जताई है। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, बारूदी सुरंगों का मुकाबला करने और संयुक्त रूप से नौसैनिक जहाज डिजाइन करने की संभावनाओं पर चर्चा की।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा समीकरणों को नया आकार देते हुए भारत और जापान ने अपने रक्षा संबंधों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। फिलीपींस के सेबू शहर में आयोजित एडीएफएम-प्लस बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मुलाकात जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी से हुई। इस उच्चस्तरीय संवाद में दोनों एशियाई दिग्गजों ने इंडो-पैसिफिक रीजन में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई और कई अहम रणनीतिक मुद्दों पर सहमति बनाई।

समुद्री सुरक्षा और तकनीकी साझेदारी पर जोर

बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु समुद्री सुरक्षा और तकनीकी सहयोग को बढ़ाना रहा। दोनों देशों के बीच नौसैनिक जहाजों के डिजाइन तैयार करने और उनके निर्माण में संयुक्त सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से विचार विमर्श किया गया। इसके अलावा, समुद्र के भीतर बिछाई जाने वाली बारूदी सुरंगों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने की क्षमताओं को उन्नत करने पर भी विशेष जोर दिया गया। रणनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह का सहयोग दोनों देशों की सामरिक आवश्यकताओं को पूरा करने में मददगार साबित होगा, जिसमें भारतीय नौसेना के उप प्रमुख की हालिया जापान यात्रा ने भी अहम भूमिका निभाई है।

ये भी पढ़ें

वायु सेनाओं के बीच बढ़ता सामंजस्य

समुद्र के साथ-साथ आसमान में भी भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग लगातार गहरा हो रहा है। दोनों नेताओं ने अपनी वायु सेनाओं के बीच चल रहे तालमेल की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। हाल ही में संपन्न हुए 'वीर गार्जियन 26' युद्धाभ्यास का विशेष रूप से उल्लेख किया गया, जिसमें पहली बार जापानी लड़ाकू विमानों ने भारत की धरती पर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया था। इस अभ्यास के दौरान जापान की वायु आत्मरक्षा सेना के प्रमुख का भारत दौरा भी हुआ था, जिसे दोनों देशों के द्विपक्षीय सैन्य संबंधों में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।

वायु सेनाओं के इस बढ़ते जुड़ाव से दोनों देशों के बीच रक्षा मामलों में आपसी समझ और रणनीतिक समन्वय और अधिक मजबूत हुआ है। रक्षा क्षेत्र के अधिकारियों का मानना है कि भविष्य में इस तरह के संयुक्त अभ्यास क्षेत्रीय सुरक्षा को स्थिरता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

रक्षा उद्योगों की साझेदारी और आगामी कूटनीतिक बैठकें

सैन्य साजो-सामान के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए टोक्यो में हाल ही में भारत-जापान डिफेंस इंडस्ट्री फोरम का आयोजन किया गया था। इस मंच पर दोनों देशों की लगभग 40 प्रमुख कंपनियों ने हिस्सा लिया था और रक्षा उपकरणों के सह-उत्पादन तथा साझेदारी की संभावनाओं को तलाशा गया था।

इस गतिशीलता को आगे बढ़ाते हुए, राजनाथ सिंह और शिंजिरो कोइज़ुमी ने इस साल के अंत में टोक्यो में होने वाली बैठकों की तैयारियों को तेज करने पर सहमति जताई है। इसके तहत भारत-जापान विदेश और रक्षा मंत्रियों की चौथी '2 प्लस 2' वार्ता के साथ-साथ दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की द्विपक्षीय बैठक भी टोक्यो में आयोजित की जाएगी। इस उच्चस्तरीय कूटनीतिक तंत्र के माध्यम से दोनों देश अपने सामरिक रिश्तों को एक नए स्तर पर ले जाने की योजना बना रहे हैं।

सवाल-जवाब

भारत और जापान के रक्षा मंत्रियों की बैठक कहाँ हुई थी?
यह बैठक फिलीपींस के सेबू शहर में एडीएमएम-प्लस बैठक के दौरान हुई थी।
बैठक में किन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई?
चर्चा का मुख्य केंद्र समुद्री सुरक्षा, नौसैनिक जहाजों के संयुक्त डिजाइन और निर्माण तथा बारूदी सुरंगों से निपटने की क्षमता बढ़ाना था।
भारत-जापान वायु सेना अभ्यास का क्या नाम है?
इस वायु सेना अभ्यास का नाम 'वीर गार्जियन 26' है।
भारत-जापान डिफेंस इंडस्ट्री फोरम का आयोजन कहाँ हुआ था?
इस डिफेंस इंडस्ट्री फोरम का आयोजन टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में हुआ था।
इस साल कौन सी महत्वपूर्ण कूटनीतिक बैठक टोक्यो में प्रस्तावित है?
इस साल के अंत में टोक्यो में भारत-जापान विदेश और रक्षा मंत्रियों की चौथी '2 प्लस 2' वार्ता और रक्षा मंत्रियों की बैठक आयोजित की जाएगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp