फिल्म जगत में अक्सर सितारों के काम के साथ उनके बोलने के तरीकों और लहजे पर भी सार्वजनिक बहस छिड़ जाती है। अभिनेत्री रश्मिका मंदाना को लंबे समय से उनके उच्चारण को लेकर ऑनलाइन मंचों पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। इसी बीच मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर खुलकर अभिनेत्री के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन लोगों पर निशाना साधा है जो दूसरों की भाषा और शैली को लेकरनकारात्मक टिप्पणियां करते हैं और खुद को श्रेष्ठ मानते हैं।
जावेद अख्तर का सोशल मीडिया पर तीखा प्रहार
जावेद अख्तर ने X पर लिखा कि जो लोग तमिल अभिनेत्री रश्मिका के उच्चारण से परेशान हैं, उन्हें खुद तमिल भाषा की कुछ पंक्तियां पढ़कर देखनी चाहिए जो दुनिया की सबसे प्राचीन और समृद्ध भाषाओं में गिनी जाती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि फिर यह देखना दिलचस्प होगा कि वे उन कठिन पंक्तियों का कितना सटीक उच्चारण कर पाते हैं। जावेद अख्तर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाषा के नाम पर दिखाया जाने वाला यह झूठा अहंकार और भाषाई श्रेष्ठता का पाखंड किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
ट्रोलिंग के बावजूद अभिनय के दायरे को न बांधने का फैसला
हाल ही में 'कॉफी विद करण' सीजन 9 के एक एपिसोड के दौरान रश्मिका मंदाना अपने पति विजय देवरकोंडा के साथ उपस्थित थीं। इस कार्यक्रम में उन्होंने उस निरंतर ट्रोलिंग के बारे में खुलकर चर्चा की जिसका सामना उन्हें अपने फिल्मी सफर के दौरान करना पड़ा है। अभिनेत्री का कहना है कि उनके करियर के शुरुआती दिनों से ही उन्हें अलग-अलग कारणों से निशाना बनाया गया है। कभी उनकी परफॉर्मेंस पर सवाल उठाए गए तो कभी उनकी भाषा और अभिनय शैली पर अंगुली उठाई गई। हालांकि उन्होंने हमेशा इस बात का विशेष ध्यान रखा कि इन नकारात्मक राय की वजह से उनके पेशेवर फैसलों पर कोई असर न पड़े और न ही वे खुद को किसी एक खास इंडस्ट्री तक सीमित रखें।
विविध भाषाओं और सिनेमा में काम करने की इच्छा
रश्मिका मंदाना ने बातचीत में साझा किया कि वे अपनी कला को किसी एक दायरे में नहीं बांधना चाहती थीं। उनकी चाहत हमेशा से यह थी कि वे हर भाषा में खुलकर बोल सकें और देश के अलग-अलग फिल्म उद्योगों में समान रूप से सक्रिय रहें। यही वजह है कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत से ही विभिन्न शैलियों की फिल्मों को चुनना शुरू कर दिया था। आज जब वे 'एनिमल' और 'गर्लफ्रेंड' जैसी बिल्कुल भिन्न प्रकार की फिल्मों का हिस्सा बनती हैं, तो एक कलाकार के रूप में उन्हें बेहद संतुष्टि मिलती है क्योंकि वे अलग-अलग तरह के जटिल किरदार निभाने की अपनी इच्छा को पूरा कर पा रही हैं।
हिंदी संवादों और लहजे को लेकर लगातार चर्चा
सोशल मीडिया पर कई बार रश्मिका के हिंदी संवाद बोलने के तरीके को लेकर लोगों ने खास ध्यान आकर्षित किया है और कुछ दर्शकों ने हिंदी सिनेमा में उनके उच्चारण पर भी सवाल खड़े किए हैं। साल 2025 में आई हॉरर-कॉमेडी 'थम्मा' और साल 2026 में रिलीज हुई 'कॉकटेल 2' के बाद इस तरह की बहसों को एक बार फिर तूल मिल गया। इसके बावजूद अभिनेत्री ने अपनी पेशेवर प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए साफ किया कि वे आलोचनाओं से हताश होने के बजाय अपने काम पर ध्यान केंद्रित करना पसंद करती हैं।
आगामी प्रोजेक्ट्स और फिल्मी सफर
अपने अभिनय सफर को आगे बढ़ाते हुए रश्मिका मंदाना कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाली हैं। वह बहुचर्चित फिल्म 'एनिमल' के सीक्वल 'एनिमल पार्क' में गीतांजलि के किरदार को एक बार फिर पर्दे पर जीवंत करती दिखेंगी। इसके अलावा उनके पास अल्लू अर्जुन के साथ आने वाली फिल्म 'राका' भी शामिल है, जिससे उनके प्रशंसकों को उनकी बहुमुखी प्रतिभा का एक और नया रूप देखने को मिलेगा।


















