मुंबई में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई हालिया फायरिंग की घटना के बाद से ही अभिनेता लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। 18 अक्टूबर को उन पर जानलेवा हमला हुआ था जिसमें वह बाल-बाल बच गए थे। अब इस मामले में टाइगर श्रॉफ के आधिकारिक प्रवक्ता ने उन सभी मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया है जिनमें यह दावा किया जा रहा था कि एक्टर ने मुंबई क्राइम ब्रांच के सामने अपना बयान दर्ज कराया है और यह सवाल उठाया है कि उन्हें ही क्यों निशाना बनाया गया। कुछ खबरों में यह भी कहा गया था कि इस घटना के बाद अभिनेता काफी डरे हुए हैं और सदमे में हैं।
प्रवक्ता ने दावों को बताया पूरी तरह बेबुनियाद
टाइगर श्रॉफ की टीम ने मुंबई क्राइम ब्रांच के सामने अभिनेता के बयान देने वाली सभी खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि अभिनेता की तरफ से ऐसा कोई भी बयान सामने नहीं आया है। मीडिया में चल रही इन बातों को पूरी तरह से निराधार बताते हुए टीम ने साफ किया कि ऐसी कोई भी बातचीत या बयानबाजी कभी हुई ही नहीं है। प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा कि यह खबर पूरी तरह से झूठी है और टाइगर ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।
शुरुआती रिपोर्ट्स में किए गए थे कई बड़े दावे
इससे पहले विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि फायरिंग की इस खौफनाक घटना के बाद टाइगर श्रॉफ मानसिक रूप से काफी परेशान हैं। खबरों में यह तक कहा गया था कि अभिनेता ने यह सवाल किया था कि आखिर उन पर ही हमला क्यों किया गया और उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। हालांकि अब अभिनेता की टीम ने इन तमाम दावों को खारिज करते हुए इन्हें महज अफवाह करार दिया है।
जुहू इलाके में हुई थी ताबड़तोड़ फायरिंग
गौरतलब है कि टाइगर श्रॉफ पर यह जानलेवा हमला 18 अक्टूबर 2026 की शाम को मुंबई के पॉश इलाके जुहू में हुआ था। बाइक पर सवार होकर आए दो अज्ञात हमलावरों ने अभिनेता की कार पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। इस गंभीर हमले में टाइगर श्रॉफ तो सुरक्षित बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर और वहां से गुजर रहे एक अन्य राहगीर को गोली लगने से चोटें आईं। सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप जारी करके लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। फिलहाल मुंबई क्राइम ब्रांच इस वारदात की हर पहलू से गहनता से जांच कर रही है।
आरोपियों की गिरफ्तारी और साजिश की परतें
इस सनसनीखेज मामले में पुलिस अब तक कुल 11 लोगों को हिरासत में ले चुकी है और गिरफ्तारियां भी की हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 22 साल का प्रांजल ठाकरान भी शामिल है जिसे मध्य प्रदेश के इंदौर से पकड़ा गया है। जांच में सामने आया है कि प्रांजल ने इस पूरी वारदात के शूटर्स और मुख्य साजिशकर्ता अनिल पंडित के बीच एक अहम कड़ी का काम किया था। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में यह बात भी उजागर हुई है कि इस पूरी साजिश को अंजाम देने के दौरान आरोपी आपस में बातचीत करने के लिए एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे थे।





















