बांग्लादेश के सीनियर बल्लेबाज लिटन दास की वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी टेस्ट श्रृंखला के पहले मुकाबले में शिरकत को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। हालांकि वह अभ्यास सत्र के दौरान नेट पर पसीना बहाते और बड़े शॉट लगाते दिखाई दिए हैं, फिर भी टीम प्रबंधन उनकी पूर्ण फिटनेस को लेकर आश्वस्त नहीं होना चाहता है। उनके हिप इंजरी से उबरने की प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और मैच से ठीक पहले ही उनकी उपलब्धता पर मुहर लगाई जाएगी।
ढाका में होना है पहला मुकाबला
दोनों टीमों के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का शुरुआती मुकाबला ढाका के शेर-ए-बांग्ला नेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित किया जाना है। इससे पहले वह जिम्बाब्वे और अफगानिस्तान की टीमों के खिलाफ खेली गई त्रिकोणीय एकदिवसीय श्रृंखला से भी इसी चोट के कारण बाहर हो गए थे। कूल्हे की इस समस्या ने प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि आगामी मैच में टीम को उनके अनुभव की सख्त जरूरत है। उन्होंने 25 अक्टूबर को बीसीबी अकादमी परिसर में अभ्यास के दौरान सहजता दिखाई और कुछ आक्रामक शॉट भी खेले। इन संकेतों के बावजूद चयन समिति किसी भी तरह की जल्दबाजी करने के मूड में नहीं है।
चयन समिति का रुख और फिटनेस की स्थिति
चयन समिति से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि इस समय उनकी भागीदारी को लेकर स्थिति लगभग पचास-पचास प्रतिशत बनी हुई है और वे अंतिम समय तक इंतजार करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह मुकाबला टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए उनके पूरी तरह फिट होने की उम्मीद की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, उनके कूल्हे के जोड़ के पास ग्लूटियल मांसपेशी के टेंडन में सूजन आ गई थी, जिसके चलते उन्हें सीमित ओवरों की त्रिकोणीय श्रृंखला छोड़नी पड़ी थी। हालांकि अब सूजन और दर्द में कुछ कमी जरूर आई है, लेकिन पुरानी परेशानियों के इतिहास को देखते हुए मेडिकल टीम हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है।
मांसपेशियों की जकड़न और फिटनेस टेस्ट
खिलाड़ी की फिटनेस को लेकर चिंता केवल दर्द तक सीमित नहीं है, बल्कि लगातार क्रिकेट खेलने की वजह से जोड़ों की गतिशीलता पर भी असर पड़ा है। इसके अतिरिक्त, प्रभावित क्षेत्र की मांसपेशियों में अभी पूरी ताकत और लचीलापन वापस नहीं आया है। इन्हीं सब वजहों के चलते मेडिकल स्टाफ ने 24 अक्टूबर को उनका निर्धारित फिटनेस परीक्षण भी नहीं कराया था।














