संतान को जन्म देने के बाद एक महिला के शरीर में आने वाले कुदरती बदलावों को लेकर अक्सर समाज और सोशल मीडिया पर होने वाली टिप्पणियों पर अब अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। मातृत्व के सफर से खुद गुजर चुकीं अभिनेत्री का मानना है कि प्रसव के बाद वजन बढ़ने, पेट या त्वचा पर खिंचाव के निशान यानी स्ट्रेच मार्क्स उभरने या शारीरिक बनावट में तब्दीली आने जैसी बातों को हीन भावना से देखना पूरी तरह अनुचित है। जब कोई स्त्री एक नए जीवन को दुनिया में लाने का सबसे बड़ा काम करती है, तब उसके शरीर के आकार या वजन को लेकर नकारात्मक बातें उछालना असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
सोशल मीडिया की फिजूल चर्चाओं से खुद को कैसे रखती हैं दूर
हाल ही में दिए गए एक साक्षात्कार में परिणीति चोपड़ा ने साफ लफ्जों में बताया कि वह इंटरनेट पर अपने इर्द-गिर्द घूमने वाली अनर्गल बहसों को कभी खुद पर हावी नहीं होने देतीं। उन्होंने साझा किया कि वह डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बहुत अधिक वक्त नहीं गुजारती हैं, जिसके चलते उन्हें इस बात की भनक तक नहीं लगती कि अनजान लोग उनके बारे में क्या राय बना रहे हैं या क्या टिप्पणी कर रहे हैं। अगर कभी ऐसी कोई बात उनके सामने आ भी जाती है, तो वह उसे अपने दिलो-दिमाग पर तनिक भी असर नहीं डालने देतीं।
अभिनेत्री ने यह स्पष्ट किया कि उनकी असली प्राथमिकताएं उनका अपना निजी जीवन, उनका परिवार और उनके करीबी लोग हैं। किसी भी अनजान शख्स के बेवजह के कमेंट्स या राय पर ध्यान देकर अपना कीमती वक्त गंवाना उन्हें कतई पसंद नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा कि वर्चुअल दुनिया में लोग उनके बारे में क्या बातें बना रहे हैं, इससे उनके दैनिक जीवन और प्राथमिकताओं पर कोई फर्क नहीं पड़ता।
मातृत्व की प्राकृतिक प्रक्रिया और स्ट्रेच मार्क्स का सच
प्रसव के बाद महिलाओं के रूप-रंग और शरीर पर की जाने वाली नुक्ताचीनी पर सवाल खड़े करते हुए परिणीति ने पूछा कि आखिर नए जीवन को जन्म देने के बाद दिखने वाले संकेतों को लोग नकारात्मक चश्मे से क्यों देखते हैं। उन्होंने समझाया कि गर्भ में पूरे नौ महीने तक शिशु को पालना और उसका विकास करना प्रकृति का एक बेहद जटिल और कुदरती चक्र है। इस लंबे दौर में किसी भी स्त्री के शरीर में तमाम हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होना पूरी तरह स्वाभाविक है।
परिणीति के अनुसार, शिशु के जन्म के बाद त्वचा पर पड़ने वाले स्ट्रेच मार्क्स या अन्य निशान किसी महिला के लिए शर्मिंदगी की वजह कतई नहीं हो सकते। बल्कि इन्हें गर्व के साथ मातृत्व के खूबसूरत और सच्चे पदक के रूप में देखा जाना चाहिए। जब किसी मां ने एक नन्हीं सी जान को संसार में सुरक्षित पहुंचाया हो, तो उस चमत्कार का जश्न मनाने के बजाय उसके बढ़े हुए वजन या पेट के निशानों पर चर्चा छेड़ना पूरी तरह से गैर-वाजिब और सतही सोच है।
शारीरिक बनावट से ज्यादा नवजात और मां की सेहत अहम
परिणीति ने इस बात पर खास बल दिया कि जब भी कोई हाल ही में मां बनी महिला से मिले, तो बातचीत का केंद्र उस नन्हे बच्चे की सेहत, उसकी मुस्कान और मां की खुशी होनी चाहिए। किसी भी संवेदनशील समाज को यह शोभा नहीं देता कि वह सबसे पहले मां के शरीर के आकार या उसके बढ़े हुए वजन का पैमाना नापने लगे। वजन जैसी मामूली और अस्थाई बात को लेकर ताने कसना या नकारात्मक टिप्पणी करना उनकी समझ से पूरी तरह परे है।
उन्होंने उन सभी लोगों की मानसिकता पर सवाल दागे जो बिना किसी सोच-विचार के महिलाओं के शरीर को सार्वजनिक टिप्पणी का विषय बना देते हैं। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं को भी यह अहम सलाह दी कि वे दूसरों की ऐसी खोखली बातों में आकर अपनी मानसिक शांति, ऊर्जा और समय बर्बाद न करें। किसी बाहरी शख्स की राय कभी किसी मां के त्याग और मातृत्व की गरिमा से बड़ी नहीं हो सकती।
सलमान खान ने भी लगाई थी बॉडी शेमिंग करने वालों को लताड़
परिणीति चोपड़ा का यह बयान ठीक ऐसे समय पर सामने आया है जब कुछ ही दिन पहले रियलिटी शो बिग बॉस 20 के एक विशेष एपिसोड के दौरान सलमान खान ने भी महिलाओं के शरीर पर की जाने वाली अभद्र टिप्पणियों पर जबरदस्त रोष जताया था। उस दौरान गणेश पूजा समारोह में शामिल हुईं अभिनेत्री कटरीना कैफ के बदले हुए शारीरिक स्वरूप और वजन को लेकर कुछ इंटरनेट यूजर्स ने आपत्तिजनक बातें कही थीं।
उस वाकये का सख्त संज्ञान लेते हुए सलमान खान ने ट्रोल करने वालों को करारा जवाब दिया था। उन्होंने खुद अपने शरीर में उम्र के साथ आए बदलावों और ढलती उम्र का उदाहरण देकर समझाया था कि किसी भी इंसान के शरीर का बढ़ना या उम्र का असर दिखना कोई शर्म की बात नहीं है। जब परिणीति से सलमान खान के इसी साहसी रुख और महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने भी इस बात का पूरा समर्थन किया।
निजी जीवन में मातृत्व और प्रेग्नेंसी के दौरान काम का अनुभव
शारीरिक बदलावों के इस पूरे मामले पर परिणीति चोपड़ा की बात इसलिए भी अधिक वजन रखती है क्योंकि वह खुद इस दौर से गुजर चुकी हैं। परिणीति और उनके जीवनसाथी राघव चड्ढा ने अक्टूबर 2025 में अपने पहले बच्चे, बेटे नीर का अपने घर में स्वागत किया था। इस खुशखबरी को दोनों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए प्रशंसकों के साथ साझा किया था।
मां बनने के इस सफर के दौरान भी परिणीति ने अपने पेशेवर दायित्वों से मुंह नहीं मोड़ा था और लगातार काम करती रही थीं। उन्होंने अपनी गर्भावस्था के दौरान ही निर्देशक रेंसिल डी'सिल्वा और सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा के थ्रिलर शो शक की शूटिंग पूरी की थी। बाद में खुद अभिनेत्री ने यह खुलासा किया था कि इसी शो की शूटिंग के दौरान उन्हें पहली बार अपनी प्रेग्नेंसी के बारे में जानकारी मिली थी।
थ्रिलर सीरीज 'शक: ट्रस्ट नो वन' से करेंगी नई पारी की शुरुआत
शिशु के जन्म के बाद कुछ समय तक स्क्रीन से दूरी बनाकर परिवार के साथ वक्त बिताने के बाद अब परिणीति चोपड़ा एक बार फिर अभिनय की दुनिया में कदम रख रही हैं। उनकी थ्रिलर ड्रामा सीरीज 'शक: ट्रस्ट नो वन' 24 सितंबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज के लिए पूरी तरह तैयार है। यह प्रोजेक्ट परिणीति के करियर का पहला ओटीटी सीरीज डेब्यू भी माना जा रहा है।
दिलचस्प संयोग यह है कि इस नई सीरीज में परिणीति पर्दे पर भी एक ऐसी ही मां का किरदार निभा रही हैं, जो नौ साल पहले लापता हो चुकी अपनी बेटी की तलाश में किसी भी हद तक जाने को तैयार है। असल जिंदगी में मातृत्व का अनुभव हासिल करने के बाद, पर्दे पर भी एक मां का गहरा किरदार निभाते हुए परिणीति का नई माताओं के सम्मान और उनके शारीरिक अधिकारों के पक्ष में खुलकर बोलना बेहद असरदार साबित हो रहा है।

















