सिनेमा जगत में कुछ रचनाएं ऐसी होती हैं जो कैलेंडर बदलने के साथ पुरानी पड़ने के बजाय और भी तरोताजा महसूस होती हैं. भारतीय सिनेमा का एक ऐसा ही सदाबहार नगमा है जिसने पीढ़ियों के फासले मिटा दिए हैं. चाहे पुरानी पीढ़ी के लोग हों, आज के युवा हों या फिर सबसे नई पीढ़ी के बच्चे, यह धुन बजते ही हर कोई झूमने को मजबूर हो जाता है. हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना और मशहूर अदाकारा नंदा पर फिल्माए गए बेहद चर्चित रोमांटिक गीत गुलाबी आंखें की, जिसके बजते ही फिजाओं में एक खास रूमानी एहसास घुल जाता है.
मोहम्मद रफी के जादुई सुर और गायकी का कमाल
इस गीत की ऐतिहासिक लोकप्रियता का सबसे अहम आधार दिग्गज पार्श्व गायक मोहम्मद रफी की रूहानी आवाज रही है. मोहम्मद रफी ने अपनी खास शैली में इस रचना को इस कदर गाया कि शब्द सीधे सुनने वाले के दिल में उतर जाते हैं. उनकी गायकी में एक ऐसी सहजता और आत्मीयता थी, मानो वे किसी निजी महफिल में सामने बैठकर केवल आपके लिए ही तराने छेड़ रहे हों. उनके इसी सजीव और मखमली अंदाज ने इस गीत को एक अमर पहचान दिला दी.
आरडी बर्मन की आधुनिक धुन और आनंद बख्शी के बोल
इस नगमे की रूह संगीतकार आर.डी. बर्मन यानी पंचम दा के अनोखे संगीत संयोजन में बसती है. पंचम दा ने उस दौर की पारंपरिक सीमाओं से आगे निकलकर गिटार और ड्रम्स का ऐसा जोरदार और जोशीला तालमेल रचा, जो उस समय के भारतीय संगीत प्रेमियों के लिए एकदम नया और ताजगी भरा अनुभव था. इस रचना के दिलकश बोल गीतकार आनंद बख्शी ने अपनी कलम से संवारे थे. आर.डी. बर्मन का आधुनिक वेस्टर्न अरेंजमेंट, आनंद बख्शी की शायरी और मोहम्मद रफी की बेजोड़ आवाज के संगम ने इस गाने को एक ऐसा रूप दिया जो सुनते ही हर जुबान पर चढ़ जाता है.
पार्टियों की शान और नए गायकों के नए रंग
दशक दर दशक बीतने के बाद भी गुलाबी आंखें का सम्मोहन रत्ती भर कम नहीं हुआ है. आज के दौर में भी शादी-ब्याह, दोस्तों की महफिल या किसी पार्टी का जश्न इस धुन के बिना अधूरा समझा जाता है. समय बीतने के साथ कई लोकप्रिय म्यूजिक बैंड्स ने इस गीत के अलग-अलग वर्जन और रीक्रिएशन तैयार किए हैं. जाने-माने संगीत समूह सनम बैंड ने भी गुलाबी आंखें जो तेरी गाकर नई पीढ़ी के बीच इस गाने को फिर से जबरदस्त तरीके से लोकप्रिय बना दिया.
बॉक्स ऑफिस पर द ट्रेन की सफलता और पर्दे पर राजेश खन्ना का अंदाज
यह कालजयी गीत जिस फिल्म का हिस्सा था, उसका नाम था द ट्रेन. टिकट खिड़की पर इस फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला था और यह बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई थी. इस सस्पेंस थ्रिलर फिल्म में राजेश खन्ना ने एक तेजतर्रार पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया था, जबकि उनके साथ नायिका के रूप में अभिनेत्री नंदा मौजूद थीं. जब पर्दे पर यह गाना आता है, तो राजेश खन्ना का सिर पर हल्की सी तिरछी टोपी लगाए मस्तमौला अंदाज और आंखों की शरारत भरी चमक दर्शकों को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर देती है. फिल्म में नंदा और राजेश खन्ना के बीच का तालमेल और पर्दे पर उनकी केमिस्ट्री आज भी लोगों का दिल जीत लेती है.


















