हालिया गणपति उत्सव के दौरान अपने पति विक्की कौशल के साथ सार्वजनिक मंच पर नजर आईं कैटरीना कैफ को इंटरनेट पर शारीरिक बदलावों के चलते अनावश्यक आलोचना झेलनी पड़ी। इस सार्वजनिक उपहास का कड़ा संज्ञान लेते हुए अनुभवी अभिनेत्री एवं राजनेता खुशबू सुंदर खुलकर सामने आई हैं। उन्होंने डिजिटल मंचों पर चल रही इस संकीर्ण मानसिकता पर कड़ा प्रहार करते हुए सामाजिक दृष्टिकोण के दोगलेपन को उजागर किया। उनका स्पष्ट कहना है कि किसी महिला के मातृत्व और प्राकृतिक बदलावों का सम्मान करने के बजाय उसके आकार-प्रकार की पड़ताल करना अत्यंत आपत्तिजनक सोच को दर्शाता है।
शारीरिक बदलावों पर दोहरा मापदंड और समाज का रुख
सार्वजनिक विमर्श में महिलाओं के शारीरिक बदलावों को जिस तरह खींचतान का विषय बनाया जाता है, उस पर खुशबू सुंदर ने गंभीर आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने दोनों युगों की परिस्थितियों को रेखांकित करते हुए कहा कि जब कोई महिला किसी निश्चित पड़ाव को पार कर लेती है, तो दुनिया उसके हर नए पहलू की बाल की खाल निकालने में जुट जाती है। लोगों की नजरें इस बात पर टिक जाती हैं कि क्या वह अब भी वैसी ही दिख रही है अथवा उम्र का असर उस पर हावी हो गया है। इसके ठीक विपरीत, जब पुरुषों के बाल पकते हैं या झड़ने लगते हैं, तो उसी समाज को उनमें परिपक्वता, आकर्षण और गंभीरता नजर आने लगती है।
पुरुषों को मिलने वाली इस सामाजिक रियायत पर व्यंग्य करते हुए उन्होंने कहा कि पुरुषों की कमर चाहे 40 इंच की हो जाए, तब कोई उनसे उनके सर्वश्रेष्ठ दिनों का हिसाब मांगने नहीं जाता। महिलाओं को लगातार एक ही ढर्रे पर बने रहने के लिए बाध्य किया जाता है, मानो उनका अस्तित्व किसी खास उम्र की छवि में बंधकर रह गया हो। सुंदरता का यह पैमाना पूरी तरह कृत्रिम है, जिसमें पुरुष उम्र बढ़ने के साथ अधिक प्रभावशाली करार दिए जाते हैं जबकि महिलाओं के हर नए लक्षण को कमी मान लिया जाता है।
मातृत्व का महत्व और खुशबू सुंदर का निजी अनुभव
संतान को जन्म देने की प्रक्रिया को नया जीवन बताते हुए खुशबू सुंदर ने स्पष्ट किया कि प्रसव के पश्चात स्त्री का शरीर भारी आंतरिक फेरबदल से गुजरता है। यह समय शारीरिक, मानसिक और हार्मोनल संतुलन के पुनर्निर्माण का होता है। इस असाधारण यात्रा को सम्मान देने की बजाय लोग केवल बाहरी आवरण की जांच-परख करने बैठ जाते हैं, जो मानवीय संवेदनाओं के सर्वथा प्रतिकूल है।
इस पीड़ा को अपनी निजी जिंदगी से जोड़ते हुए उन्होंने साझा किया कि वे स्वयं भी जनता के इस संवेदनहीन बर्ताव की शिकार रह चुकी हैं। जब उनका भार बढ़ा तो उन्हें हंसी का पात्र बनाया गया, और जब उन्होंने कड़ी मेहनत से वजन कम किया तो लोगों ने यह संदेह फैलाना शुरू कर दिया कि यह बदलाव चिकित्सा अथवा इंजेक्शन के जरिए लाया गया है। किसी भी स्थिति में महिलाओं को स्वतंत्र रूप से जीने नहीं दिया जाता, बल्कि हर निर्णय पर शक की सुई टिका दी जाती है।
कैटरीना के आत्मसम्मान का समर्थन और गरिमापूर्ण संदेश
कैटरीना कैफ के व्यक्तित्व की सराहना करते हुए खुशबू सुंदर ने कहा, “कैटरीना कैफ सुंदर थीं, हैं और हमेशा सुंदर रहेंगी।” उन्होंने आगे रेखांकित किया कि जीवन भर अपनी पहचान और गरिमा को सहेजकर चलने वाली इस अदाकारा को अपने मातृत्व अथवा शारीरिक संरचना को लेकर किसी भी बाहरी व्यक्ति के समक्ष सफाई पेश करने की रत्ती भर आवश्यकता नहीं है।
नवंबर 2025 में विक्की कौशल और कैटरीना कैफ ने अपने बेटे विहान का स्वागत किया था। खुशबू सुंदर ने बल देकर कहा कि एक औरत का जीवन किसी अल्पकालिक यौवन की मोहताज सीमा तक सीमित नहीं होता, बल्कि उसका संपूर्ण अस्तित्व ही उसकी अपनी संप्रभुता का प्रतीक है। किसी भी व्यक्ति को यह अधिकार नहीं है कि वह किसी नई मां के स्वाभाविक रूप को अपनी संकीर्ण नजरों से तौले।



















