बॉलीवुड सिनेमा के सुनहरे दौर में वर्ष 1965 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म 'हिमालय की गोद में' का एक रोमांटिक गीत आज भी भारतीय संगीत का एक अनमोल रत्न माना जाता है। इस नगमे में अभिनेता मनोज कुमार और अभिनेत्री माला सिन्हा की खूबसूरत ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया था। इस गाने को पार्श्व गायक मुकेश ने अपनी उदास लेकिन बेहद दिलकश आवाज से सजाया था, जो आगे चलकर मनोज कुमार की पर्दे पर दिखाई देने वाली रोमांटिक छवि की सबसे बड़ी पहचान बन गई।
संगीत और बोल का अद्भुत संगम
फिल्म 'हिमालय की गोद में' के इस सदाबहार गीत का संगीत मशहूर संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी ने तैयार किया था। वहीं, इसके भावुक और दिल को छू लेने वाले बोल प्रसिद्ध गीतकार आनंद बख्शी की कलम से निकले थे। कल्याणजी-आनंदजी की संगीतमय धुन और आनंद बख्शी के खूबसूरत शब्दों के संयोजन ने इस गाने को हर प्रेमी के दिल की पहली पसंद बना दिया। फिल्म सिनेमाघरों में जबरदस्त हिट साबित हुई और इसके सभी गानों को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला।
मुकेश की गायकी और शुरुआती संघर्ष की कहानी
मुकेश की सुरीली आवाज ने जीवन के हर रंग को बड़ी गहराई से व्यक्त किया। हालांकि उनका शुरुआती सफर आसान नहीं था, करीब 85 साल पहले आए उनके पहले गाने की असफलता ने उनका दिल तोड़ दिया था। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी गायकी पर काम करते रहे। महान गायक के. एल. सैगल ने भी मुकेश के एक शुरुआती गाने को सुनकर उनकी प्रतिभा को सराहा था। आगे चलकर उन्होंने लता मंगेशकर के साथ कई यादगार लव एंथम रिकॉर्ड किए, जिनमें गीतकार इंदीवर के लिखे कई लोकप्रिय गीत शामिल थे।
सालों बाद भी अमर है मुकेश की आवाज का जादू
भारतीय संगीत जगत में मुकेश, किशोर कुमार, मोहम्मद रफी, लता मंगेशकर और आशा भोसले जैसी महान हस्तियों ने ऐसे कालजयी गीत दिए जो आज भी गूंजते हैं। 'हिमालय की गोद में' का यह क्लासिक गाना पिछले छह दशकों से भी अधिक समय से कल्ट क्लासिक बना हुआ है और हर पीढ़ी के संगीत प्रेमियों की प्लेलिस्ट में अपनी खास जगह बनाए हुए है।



















