कगिसो रबाडा के नाम दर्ज हुआ अनचाहा रिकॉर्ड, टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले अफ्रीकी बल्लेबाज बनेबेयरडायनामिक एमएमएक्स 330 प्रो रिव्यू (2026): गेमर्स के लिए ओपन-बैक वायर्ड हेडफोन्स की पूरी परखलाइव: आंध्र प्रदेश के तट से टकरा रहा चक्रवात अर्णब, कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारीमंत्रालय की हरी झंडी के बाद सेंसर बोर्ड की स्क्रीनिंग का इंतजार कर रही सलमान खान की मातृभूमिउत्तर कोरिया को पाले में करने की होड़ में चीन और रूस, ट्रंप की बढ़ सकती हैं मुश्किलेंबैंक ऑफ अमेरिका की चेतावनी, एआई एजेंट को न दें अपने बैंकिंग पासवर्डलालजी पांडेय से अंजान बनने तक का सफर, जिन्होंने अमिताभ बच्चन को दिए थे 1500 से ज्यादा सुपरहिट गानेवृश्चिक राशिफल 28 अक्टूबर: संवाद में व्यंग्य से बचें और साझे काम में जिम्मेदारियां स्पष्ट रखेंसिंह राशिफल 28 अक्टूबर: उच्च के गुरु और अष्टम शनि के बीच खर्च पर नियंत्रण और काम में स्पष्टता रखेंआज का वित्त राशिफल: सभी 12 राशियों के लिए धन और निवेश से जुड़े जरूरी संकेत
नितेश तिवारी की रामायण के संगीत पर उठे सवाल तो संगीतकार एआर रहमान ने रखी बातबॉलीवुड
27 अक्तू॰ 2026, 4:45 am (1 दिन पहले)· 2

नितेश तिवारी की रामायण के संगीत पर उठे सवाल तो संगीतकार एआर रहमान ने रखी बात

फिल्म रामायण के ट्रैक मंगल रंग को लेकर सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना के बीच संगीतकार एआर रहमान ने कहा कि प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद उनमें इंटरनेट पर फीडबैक देखने की ऊर्जा नहीं बचती।

फिल्म निर्देशक नितेश तिवारी की आगामी बड़े बजट की बहुचर्चित फिल्म रामायण अपने संगीत को लेकर चर्चा के केंद्र में आ गई है। सिनेमाघरों में आने से पहले ही इस फिल्म के गानों मंगल रंग और रावण तांडव ने इंटरनेट पर खासी हलचल मचा दी है। विशेष रूप से हालिया ट्रैक मंगल रंग के सामने आने के बाद कुछ इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने इसके संगीत संयोजन की तीखी आलोचना की और संगीतकार एआर रहमान को निशाने पर ले लिया। इस लगातार हो रही चर्चा और नकारात्मक टिप्पणियों के बीच अब संगीतकार ने अपना स्पष्ट दृष्टिकोण सामने रखा है।

संगीत निर्माण की प्रक्रिया और फीडबैक पर एआर रहमान का बयान

प्रोजेक्ट के संगीत पक्ष को संभालने वाले एआर रहमान ने स्पष्ट किया कि किसी भी नई फिल्म के लिए धुनें तैयार करना कभी भी सहज या आसान कार्य नहीं होता। प्रत्येक नई परियोजना अपनी अलग रचनात्मक मांग लेकर आती है, जिसके लिए नए तरीकों से सोचना पड़ता है और संगीत में कई तरह के नए प्रयोग करने पड़ते हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी गीत को अंतिम रूप देने से पहले उसके हर छोटे पहलू की बेहद बारीकी से जांच-पड़ताल की जाती है और पूरी टीम इसमें अपना शत-प्रतिशत प्रयास झोंक देती है।

ये भी पढ़ें

लगातार हो रही ऑनलाइन आलोचना के संबंध में उन्होंने कहा कि जब कोई प्रोजेक्ट पूरी लगन के साथ पूरा हो जाता है, तो उसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं या टिप्पणियां पढ़ने की ऊर्जा ही उनके भीतर शेष नहीं बचती। उन्होंने यह भी साझा किया कि इंटरनेट पर चल रही बातचीत और चर्चाओं की जानकारी उनका बेटा उन्हें देता रहता है। संगीतकार ने उम्मीद जताई कि श्रोताओं को अंततः उनका समर्पण और काम पसंद आएगा, क्योंकि उन्होंने इस रचना में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया है।

मंगल रंग ट्रैक की तुलना और कॉपी करने के आरोप

अभिनेता रणबीर कपूर की मुख्य भूमिका वाली इस भव्य फिल्म का ट्रैक मंगल रंग जब पहली बार सामने आया, तो शुरुआत में इसे कई श्रोताओं का भरपूर स्नेह मिला। हालांकि कुछ ही घंटों के भीतर सोशल मीडिया पर इस गाने की मौलिकता को लेकर सवाल उठने लगे। कई उपयोगकर्ताओं ने इसकी ध्वनि बनावट की तुलना वर्ष 2012 में आई लोकप्रिय फिल्म रॉकस्टार के प्रसिद्ध सूफी गीत कुन फाया कुन से कर दी।

पार्श्व गायक अरिजीत सिंह और गायिका श्रेया घोषाल के सुरों से सजे इस गीत के संगीत को कुछ श्रोताओं ने कव्वाली शैली का करार दिया। वहीं दूसरी ओर कुछ अन्य लोगों ने दावा किया कि इस गीत की धुन किसी मलयालम ट्रैक से मिलती-जुलती है। इस प्रकार संगीत के अलग-अलग तत्वों को लेकर इंटरनेट पर तुलनात्मक बहस तेज हो गई।

दृश्य संरचना और पारंपरिक चित्रण पर भी आपत्ति

धुन और गायकी के अलावा इस गीत के दृश्यों को लेकर भी कुछ दर्शकों ने आपत्तियां उठाई हैं। गीत के एक विशेष दृश्य में रणबीर कपूर भगवान राम के स्वरूप में दिखाई देते हैं, जिनके चारों ओर परिवार की महिलाएं उपस्थित हैं। इस दृश्य में उनके शरीर पर पीले रंग का पारंपरिक लेप लगाया जा रहा है।

दर्शकों के एक वर्ग ने शुरुआत में इसे विवाह पूर्व होने वाली हल्दी की रस्म समझा, जबकि अन्य लोगों का मानना था कि यह किसी विशेष पारंपरिक विधि का चित्रण है। इसे लेकर ऑनलाइन मंचों पर सवाल उठाए गए कि यदि यह हल्दी का विधान है, तो उस प्रसंग में वर और वधू का एक साथ उपस्थित होना परंपरा के अनुकूल नहीं जान पड़ता। इस तरह संगीत के साथ-साथ दृश्य चित्रण भी चर्चा का विषय बन गया।

सवाल-जवाब

फिल्म रामायण के किस गाने को लेकर विवाद शुरू हुआ?
फिल्म के नए ट्रैक 'मंगल रंग' के संगीत और उसके एक दृश्य को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद शुरू हुआ।
सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना पर एआर रहमान ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि किसी प्रोजेक्ट में पूरी मेहनत लगाने के बाद उनके पास सोशल मीडिया पर लोगों का फीडबैक देखने की ऊर्जा नहीं बचती।
मंगल रंग गीत की तुलना किन गानों से की जा रही है?
कुछ उपयोगकर्ताओं ने इसकी तुलना वर्ष 2012 की फिल्म रॉकस्टार के गाने कुन फाया कुन और एक मलयालम धुन से की है।
गीत के दृश्य पर दर्शकों ने क्या आपत्ति जताई?
दर्शकों ने पीले लेप वाले दृश्य को हल्दी की रस्म मानते हुए वर और वधू को उस तरह साथ दिखाए जाने पर सवाल उठाए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Karan Malhotra@karan-malhotra·23 घंटे पहले

रहमान साहब कह रहे हैं कि उन्हें इंटरनेट का फीडबैक देखने की ऊर्जा नहीं बचती, तो फिर बेटा सब बता देता है या नहीं? गाना रिलीज़ होने से पहले टीम को अंदाज़ा क्यों नहीं हुआ कि कुन फाया कुन जैसा लग सकता है?

Tanvi Desai@tanvi-desai·1 दिन पहले

रहमान साहब कह रहे हैं कि उनके पास फीडबैक देखने की ऊर्जा नहीं बचती, लेकिन क्या सच में इतने बड़े प्रोजेक्ट पर उठ रहे सवालों को पूरी तरह अनदेखा किया जा सकता है?

Neha Verma@neha-verma·1 दिन पहले

तनवी, सही कह रही हो, रहमान साहब का ये कहना कि वे फीडबैक नहीं पढ़ते, थोड़ा हैरान करने वाला है जब 'रॉकस्टार' जैसे गानों से इतनी तुलना हो रही हो।

Aisha Khan@aisha-khan·1 दिन पहले

रहमान सर का यह हाल देखकर अपना कॉलेज का वो जमाना याद आ गया जब महीनों मेहनत करके प्रोजेक्ट सबमिट करने के बाद फीडबैक देखने की हिम्मत ही नहीं बचती थी।

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·1 दिन पहले

आयशा, कॉलेज प्रोजेक्ट और रहमान सर के इतने बड़े बजट के प्रोजेक्ट में ज़मीन-आसमान का फर्क है यार। इतनी बड़ी फ़िल्म पर करोड़ों लोगों की नज़र है, फीडबैक से आँखें मूँद लेना थोड़ा अजीब लगता है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp