सिनेमा जगत की जानी-मानी अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे एक बार फिर बड़े पर्दे पर कदम रखने की तैयारी में हैं। वह आगामी हॉरर फिल्म झाड़ फूंक के जरिए दर्शकों के बीच वापसी कर रही हैं। इस प्रोजेक्ट को लेकर अभिनेत्री ने अपनी पुरानी यादों, डर के अनुभव और अंधविश्वास से जुड़े सामाजिक पहलुओं पर खुलकर अपने विचार रखे हैं। उनका कहना है कि जब उन्होंने पहली दफा इस फिल्म की कहानी सुनी थी, तो वह अंदर तक सिहर उठी थीं और उनके जेहन में तुरंत यह विचार आया था कि क्या वह खुद इस डरावनी फिल्म को सिनेमाघर में बैठकर देख भी पाएंगी।
गहराई के बाद पद्मिनी कोल्हापुरे की दूसरी हॉरर फिल्म
हॉरर जॉनर में काम करने के अपने पुराने अनुभव को याद करते हुए पद्मिनी कोल्हापुरे ने स्पष्ट किया कि उनके लंबे अभिनय सफर में यह केवल दूसरी डरावनी फिल्म है। इससे पहले उन्होंने चर्चित फिल्म गहराई में काम किया था। इतने लंबे अंतराल के बाद किसी खौफनाक पटकथा का हिस्सा बनना उनके लिए एक बिल्कुल नया और रोमांचक अनुभव रहा है। उन्होंने माना कि डर पैदा करने वाली कहानियां दर्शकों को बांधती जरूर हैं, मगर एक कलाकार के तौर पर ऐसी भूमिकाओं में उतरना आसान नहीं होता।
समाज में झाड़-फूंक पर गहरा विश्वास और निर्देशक का काम
हमारे समाज की जमीनी हकीकत का जिक्र करते हुए पद्मिनी कोल्हापुरे ने कहा कि भारत में आज भी एक बड़ी आबादी तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक जैसी पारंपरिक मान्यताओं पर गहरा यकीन रखती है। इसी अंधविश्वास और लोक मान्यताओं के इर्द-गिर्द बुनी गई इस कहानी को निर्देशक राजन ने बेहद प्रभावशाली अंदाज में पर्दे पर उतारा है। अभिनेत्री के अनुसार, जब निर्देशक ने उन्हें पूरी कहानी विस्तार से सुनाई थी, तब उन्होंने स्पष्ट शब्दों में निर्देशक से कह दिया था कि उन्हें नहीं लगता कि वह खुद कभी इस फिल्म को देख पाएंगी, क्योंकि इसका माहौल बेहद खौफनाक और डरावना रचा गया है।
यशपाल शर्मा के समर्पण और सह-कलाकारों से सीखने का सफर
फिल्म में दिग्गज अभिनेता यशपाल शर्मा भी अहम भूमिका में नजर आने वाले हैं। पद्मिनी कोल्हापुरे ने यशपाल शर्मा के साथ काम करने के अनुभव को बेहद समृद्ध बताया और उनके काम के प्रति समर्पण की जमकर सराहना की। उनका मानना है कि अभिनय में सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती, चाहे कोई कलाकार कितना भी अनुभवी क्यों न हो चुका हो। जूनियर कलाकार सीनियर से सीखते हैं और सीनियर भी नए दौर के कलाकारों से बहुत कुछ नया ग्रहण करते हैं। उन्होंने यशपाल शर्मा को बेहद प्रोफेशनल, समर्पित और हर तरह के सांचे में ढल जाने वाला बहुमुखी प्रतिभा का धनी अभिनेता करार दिया।
कामिनी का किरदार और सुम्बुल तौकीर व हर्ष राजपूत का साथ
इस फिल्म में पद्मिनी कोल्हापुरे कामिनी नाम के एक बेहद जटिल और बहुआयामी किरदार को जीवंत कर रही हैं। सेट पर युवा कलाकारों सुम्बुल तौकीर और हर्ष राजपूत के साथ स्क्रीन साझा करने को लेकर भी उन्होंने अपने सकारात्मक अनुभव साझा किए। वहीं फिल्म के निर्देशक राजन ने इस खास भूमिका के लिए पद्मिनी कोल्हापुरे को चुनने की वजह स्पष्ट करते हुए कहा कि वह हमेशा से अभिनेत्री के बहुत बड़े मुरीद रहे हैं। निर्देशक का मानना है कि पद्मिनी की मासूमियत और उनकी नैसर्गिक खूबसूरती उन्हें बाकी कलाकारों से बिल्कुल अलग बनाती है, और कामिनी के किरदार के विभिन्न रंगों को उनसे बेहतर कोई अन्य कलाकार पर्दे पर नहीं निभा सकता था।



















