बेंगलुरु में आकार लेने लगी देश की पहली बुलेट ट्रेन, बीईएमएल की फैक्ट्री में कार बॉडी का स्ट्रक्चरल टेस्ट शुरूविवाह में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए दिवाली पर अपनाएं ज्योतिषीय उपायदीवाली पर घर पर बनाएं राजस्थान की पारंपरिक बेसन चक्की, जानें मावा और एक तार की चाशनी से मोहनथाल तैयार करने का सही तरीकात्योहारी सीजन में रेलवे की सौगात, लुधियाना और पूर्णिया के बीच दौड़ेगी आरक्षित स्पेशल ट्रेनभारतीय बाजार में उतरी नई हुंडई बायोन, शुरुआती कीमत 10 लाख रुपयेपहाड़ों पर एआई चैटबॉट्स की गलत सलाह से भटक रहे ट्रैकर्स, बढ़ रहा रेस्क्यू का खतराभोपाल के शौर्य स्मारक में 55 जिलों की मिट्टी से रोपा गया संकल्प वृक्ष, सेना दिवस की तैयारियों का शंखनादमुंगेर के रणगांव स्थित रत्नेश्वरनाथ मंदिर का 9.10 करोड़ से होगा कायाकल्प, पर्यटन विभाग ने शुरू की टेंडर प्रक्रियाझुंझुनू के गांगियासर में खाड़ी देशों की कमाई और खेती से मजबूत होती ग्रामीण अर्थव्यवस्थामेसेराटी ने भारत में पेश की रंग बदलने वाली नई एमसीप्यूरा, 320 किमी प्रति घंटा रफ्तार
हरिद्वार में अर्धकुंभ 2027 के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार, नए घाट और पुल तैयार करने की समयसीमा तयउत्तराखंड
1 नव॰ 2026, 3:39 pm (1 घंटे पहले)· 1

हरिद्वार में अर्धकुंभ 2027 के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार, नए घाट और पुल तैयार करने की समयसीमा तय

हरिद्वार में 14 जनवरी 2027 से आयोजित होने वाले अर्धकुंभ मेले की तैयारी के तहत नए घाट, छह पुल और दूसरा मेला नियंत्रण भवन बनाया जा रहा है।

उत्तराखंड के पवित्र शहर हरिद्वार में आगामी 14 जनवरी 2027 से भव्य अर्धकुंभ मेले का आयोजन होना है, जिसकी प्रशासनिक तैयारियां अब पूरे जोर-शोर से आगे बढ़ रही हैं। आयोजन के दौरान लाखों की तादाद में जुटने वाले तीर्थयात्रियों की सुगमता को ध्यान में रखकर समूचे क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। मुख्य मार्गों का चौड़ीकरण करने के साथ-साथ नदी किनारे नए पक्के घाटों और छह नए पुलों का निर्माण प्रगति पर है, ताकि मुख्य स्नान पर्वों के दौरान भारी भीड़ का सुचारू प्रबंधन संभव हो सके।

उत्तराखंड गंग नहर पर अतिरिक्त स्नान घाटों का विकास

दशहरे की रात गंग नहर को गाद निकालने, सफाई अभियान चलाने और पुराने ढांचों के सुधार के उद्देश्य से अस्थायी तौर पर बंद किया गया था। इस बंदी अवधि का लाभ उठाते हुए शंकराचार्य चौक से आगे दोनों किनारों पर घाट निर्माण की रफ्तार बढ़ा दी गई है। नहर के दोनों तरफ कुल मिलाकर 1.75 किलोमीटर लंबे आधुनिक घाट तैयार किए जा रहे हैं। अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती के अनुसार, इन नए पक्के घाटों को 15 नवंबर तक हर हाल में पूरा करने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

ये भी पढ़ें

इन नए किनारों के तैयार होने से पर्व स्नान के दौरान गंगा तट पर आने वाले श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना और डुबकी लगाने के लिए काफी खुली जगह मिल पाएगी। इससे पूर्व से स्थापित घाटों पर जमावड़ा घटेगा और भगदड़ जैसी अप्रिय स्थितियों के खतरे को टाला जा सकेगा।

महत्वपूर्ण स्थलों पर छह नए पुल और निर्धारित समयसीमा

घाटों के विस्तार के समानांतर शहर के छह रणनीतिक स्थलों पर नए पुलों का ढांचा भी खड़ा किया जा रहा है। आवागमन को सुगम बनाने वाले इन पुलों को 20 दिसंबर तक तैयार करने की समयसीमा तय की गई है। इसके अतिरिक्त, अर्धकुंभ से संबंधित जितने भी स्थायी किस्म के बुनियादी निर्माण कार्य चल रहे हैं, उन्हें 10 से 15 दिसंबर के मध्य समेट लेने की पूरी योजना बनाई गई है। नहर का बहाव सामान्य होने से पूर्व जल क्षेत्र से जुड़े सभी मुख्य ढांचों को मुकम्मल कर लिया जाएगा।

आईआईटी रुड़की द्वारा तकनीकी निगरानी और नियंत्रण केंद्र

समस्त निर्माण कार्यों की मजबूती तथा इंजीनियरिंग मानकों की समीक्षा के लिए विशेष तकनीकी निरीक्षण भी कराया जा रहा है। नए मेला नियंत्रण भवन-2 और निर्माणाधीन छह पुलों की मजबूती की तकनीकी जांच आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञ दल से कराई जा रही है। अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने जानकारी दी कि तय समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक निर्माण स्थल की प्रगति पर कड़ी प्रशासनिक निगरानी रखी जा रही है।

मौजूदा घाटों पर भीड़ का दबाव बांटने की रणनीति

तीर्थनगरी हरिद्वार में ब्रह्मकुंड घाट, हरकी पौड़ी, कुशावर्त घाट, मालवीय घाट और सुभाष घाट जैसे कई ऐतिहासिक स्नान स्थल पहले से संचालित हैं। इसके बावजूद अमृत स्नान के विशेष दिनों पर यहां पैर रखने की जगह नहीं बचती। इसी भारी जनदबाव को संतुलित करने के लिए प्रशासन ने नए स्नान क्षेत्रों का दायरा बढ़ाने का फैसला किया। दयानंद सरस्वती के अनुसार, अर्धकुंभ में आने वाले प्रत्येक भक्त को सुरक्षित माहौल में स्नान की सुविधा उपलब्ध कराना ही इस व्यापक निर्माण का मूल उद्देश्य है।

सवाल-जवाब

हरिद्वार में अर्धकुंभ मेले की शुरुआत किस तारीख से होगी?
हरिद्वार में अर्धकुंभ मेले का शुभारंभ 14 जनवरी 2027 से होगा।
उत्तराखंड गंग नहर के दोनों किनारों पर कितने लंबे नए घाट बनाए जा रहे हैं?
नहर के दोनों किनारों पर कुल मिलाकर 1.75 किलोमीटर लंबे नए पक्के घाट बनाए जा रहे हैं।
नए स्नान घाटों का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए क्या लक्ष्य तय किया गया है?
अपर मेलाधिकारी के अनुसार नए घाटों का निर्माण 15 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है।
अर्धकुंभ की तैयारियों के तहत शहर में कितने नए पुल बनाए जा रहे हैं?
श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर छह नए पुल बनाए जा रहे हैं।
निर्माणाधीन पुलों और मेला नियंत्रण भवन-2 की तकनीकी जांच कौन सा संस्थान कर रहा है?
सभी नए पुलों और नियंत्रण भवन-2 की संरचनात्मक एवं तकनीकी जांच आईआईटी रुड़की द्वारा की जा रही है।
अर्धकुंभ के सभी स्थायी निर्माण कार्यों को कब तक पूरा करने की योजना है?
प्रशासन ने सभी स्थायी निर्माण कार्यों को 10 से 15 दिसंबर के बीच पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Nyra Kaif@nyra-kaif·9 मिनट पहले

अर्धकुंभ के लिए इतनी जल्दी काम शुरू होना अच्छी बात है, वरना हर बार भीड़ में चलना नामुमकिन हो जाता है। नए घाट और पुल बनने से इस बार थोड़ा आराम मिलेगा, खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को जो मुख्य घाटों पर फंस जाते हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·29 मिनट पहले

दिसंबर तक सारे पुल तैयार होना मुश्किल लगता है, सरकारी काम हमेशा लेट ही होते हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·29 मिनट पहले

अर्जुन, बात तो सही है आपकी, सरकारी डेडलाइन का रिकॉर्ड वैसे खराब ही रहा है इस मामले में।

Rohan Verma@rohan-verma·52 मिनट पहले

पिछली बार कुंभ में गया था तो हरकी पौड़ी पर पैर रखने की जगह नहीं मिली थी, घंटों जाम में फंसे रहे थे। अगर समय पर नए घाट और पुल बन जाएं तो इतनी परेशानी नहीं होगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·52 मिनट पहले

रोहन भाई, सच कहा आपने। भीड़ नियंत्रण के लिए ये नए पुल और घाट समय पर तैयार होना बहुत जरूरी है, वरना पिछली बार जैसी दिक्कत फिर होगी।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp