पारंपरिक तौर पर भारतीय घरों और हलवाई की दुकानों पर जलेबी आमतौर पर केवल मैदे के घोल से तैयार की जाती है, जिसका रंग हल्का पीला या नारंगी दिखता है। हालांकि, अगर रसोई में पारंपरिक मिठास के साथ कुछ नया प्रयोग करना हो, तो चुकंदर और सफेद उड़द दाल के संयोजन से बनने वाली जलेबी एक बेहतरीन विकल्प साबित होती है। इस विधि में चुकंदर का प्राकृतिक लाल रंग जलेबी को एक अनोखा रूप देता है, जबकि सफेद उड़द दाल इसके खस्तापन और बनावट को बेहतर बनाती है। देसी घी में तली जाने के कारण इसकी खुशबू और स्वाद दोनों बढ़ जाते हैं, और जब इसे चाशनी में डुबोकर गाढ़ी मलाईदार रबड़ी के साथ पेश किया जाता है, तो हर निवाले में बेहतरीन मिठास मिलती है।
बैटर तैयार करने की विधि
इस अनूठी मिठाई को बनाने के लिए सबसे पहले चुकंदर को साफ पानी से अच्छी तरह धोकर उबाल लिया जाता है। जब चुकंदर पूरी तरह ठंडा हो जाए, तो उसके बाहरी छिलके को छीलकर अलग कर लें और मिक्सर ग्राइंडर में बारीक पीसकर एक चिकनी प्यूरी तैयार कर लें। दूसरी तरफ, सफेद उड़द दाल को साफ पानी में धोकर लगभग एक घंटे के लिए भिगोना जरूरी होता है। जब दाल भीगकर नरम पड़ जाए, तो अतिरिक्त पानी निकालकर इसे मिक्सी में पीसकर बारीक पेस्ट बना लें।
इसके बाद एक गहरे बर्तन में मैदा, पिसी हुई सफेद उड़द दाल, बेसन, चुटकी भर बेकिंग सोडा और तैयार चुकंदर की प्यूरी को एक साथ मिलाया जाता है। मिश्रण को फेंटते समय आवश्यकतानुसार थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाएं, ताकि घोल न तो अधिक पतला हो और न ही बहुत ज्यादा गाढ़ा। बैटर का गाढ़ापन ऐसा होना चाहिए कि उसे कपड़े या जलेबी मेकर से दबाने पर वह आसानी से एकसार धार में कड़ाही में गिर सके।
सुगंधित चाशनी और तलने की प्रक्रिया
चाशनी तैयार करने के लिए एक पैन में 200 ग्राम चीनी लें और उसमें थोड़ा पानी डालकर धीमी आंच पर पकने के लिए रख दें। चीनी के पानी में घुलने के दौरान इसमें थोड़ा नींबू का रस मिलाया जाता है, जिससे चाशनी जमती नहीं है और उसमें चमक बनी रहती है। जब चाशनी सही तार की बन जाए, तो गैस बंद करने से पहले इसमें इलायची पाउडर और 2 से 3 केसर के धागे मिला दें, जिससे उसमें बेहतरीन खुशबू आ जाती है।
तलने के लिए कड़ाही में पर्याप्त मात्रा में देसी घी डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें। अब तैयार किए गए बैटर को जलेबी बनाने वाले पारंपरिक कपड़े या कोन में भरें। गर्म घी में हाथ को गोल घुमाते हुए जलेबी के छल्ले बनाएं। जलेबियों को दोनों तरफ से पलटते हुए तब तक तलें जब तक कि वे पूरी तरह से कुरकुरी और सुनहरी न हो जाएं। घी से बाहर निकालते ही इन्हें सीधे गर्म चाशनी में डाल दें। कुछ देर तक चाशनी सोखने के बाद जलेबियों को जालीदार चम्मच की मदद से बाहर एक प्लेट में निकाल लें।
गाढ़ी रबड़ी बनाने का तरीका और परोसना
जलेबी के साथ परोसी जाने वाली रबड़ी बनाने के लिए एक भारी तले के बर्तन में 1 लीटर दूध लें और उसे धीमी आंच पर उबलने दें। दूध को बीच-बीच में चलाते रहें और किनारों पर जमने वाली मलाई को खुरचकर दूध में ही मिलाते जाएं। इसमें बची हुई इलायची पाउडर और केसर के धागे डाल दें, जिससे रबड़ी का रंग और महक दोनों समृद्ध हो जाएं।
जब दूध उबलते हुए काफी गाढ़ा और रबड़ीदार हो जाए, तब इसमें 30 ग्राम चीनी डालें और चीनी घुलने तक कुछ देर और पकाएं। गैस बंद करने के बाद रबड़ी को सामान्य तापमान पर या फ्रिज में ठंडा होने दें। तैयार कुरकुरी चुकंदर की जलेबी को इस ठंडी या हल्की गर्म रबड़ी के साथ परोसें। चुकंदर जहां इस मिठाई को एक प्राकृतिक आकर्षक रंगत देता है, वहीं गाढ़ी रबड़ी जलेबी के तीखे मीठेपन को संतुलित करके स्वाद को कई गुना बढ़ा देती है।



















