विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम के अदालती संघर्ष और 26/11 मुंबई आतंकी हमले की कानूनी लड़ाई पर आधारित बॉलीवुड फिल्म 'प्रहार: द उज्ज्वल निकम स्टोरी' का ट्रेलर मंगलवार को आधिकारिक तौर पर जारी किया गया। इस ट्रेलर के सामने आते ही सोशल मीडिया और सिनेप्रेमियों के बीच कलाकारों के रूपांतरण को लेकर गहरा कौतूहल पैदा हो गया है। एक तरफ जहां राजकुमार राव ने सरकारी वकील उज्ज्वल निकम की भूमिका में अपनी भावभंगिमा और बोलचाल से हर किसी को चौंकाया है, वहीं 26/11 हमले के जिंदा पकड़े गए आतंकवादी अजमल कसाब के जटिल किरदार में मराठी अभिनेता ललित प्रभाकर की मौजूदगी सबसे ज्यादा ध्यान खींच रही है।
थिएटर और टेलीविजन से की थी अभिनय की शुरुआत
ललित प्रभाकर मराठी मनोरंजन जगत का एक बेहद प्रतिष्ठित और जाना-माना नाम हैं, जिन्होंने बड़े पर्दे के अलावा रंगमंच और छोटे पर्दे पर भी अपने अभिनय की मजबूत छाप छोड़ी है। उनके अभिनय करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में थिएटर की दुनिया से हुई थी। हालांकि, लंबे संघर्ष के बाद उन्हें व्यापक पहचान वर्ष 2013 में प्रसारित हुए बेहद चर्चित मराठी धारावाहिक 'जुलून येती रेशीमगाठी' से मिली। इस पारिवारिक धारावाहिक ने उन्हें महाराष्ट्र के हर घर में लोकप्रिय बना दिया और मराठी दर्शकों के बीच उन्हें एक संवेदनशील और प्रतिभाशाली कलाकार के रूप में स्थापित किया। छोटे पर्दे पर अपनी अदाकारी का लोहा मनवाने के बाद उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ फिल्मों का रुख किया।
रोमांटिक हीरो के तौर पर पहचान और राज्य पुरस्कार का सफर
साल 2017 में निर्देशक परेश मोकाशी की फिल्म 'ची वा ची सौ का' में ललित प्रभाकर ने मुख्य भूमिका निभाकर बड़े पर्दे पर कदम रखा। आधुनिक विवाह और रिश्तों की उलझनों पर बनी यह फिल्म उनके फिल्मी सफर के लिए मील का पत्थर साबित हुई। इस फिल्म में उनके सहज अभिनय को आलोचकों और दर्शकों दोनों ने खूब सराहा, जिसके लिए उन्हें प्रतिष्ठित महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। उसी साल वह फिल्म 'हंपी' में नजर आए, जहां उन्होंने एक बेहद आकर्षक और सुकून देने वाला रोमांटिक किरदार निभाया। इस फिल्म ने यह साबित कर दिया कि वह प्रेम कहानियों में दर्शकों के दिलों को छूने की अनूठी क्षमता रखते हैं।
हॉरर-कॉमेडी, ड्रामा और किरदारों में विविधता
एक रोमांटिक नायक के तौर पर स्थापित होने के बावजूद ललित ने खुद को किसी खास दायरे या छवि में बांधने से साफ इनकार कर दिया। साल 2022 में रिलीज हुई लोकप्रिय हॉरर-कॉमेडी फिल्म 'जॉम्बिवली' में उन्होंने दोहरी भूमिका निभाकर अपने बहुमुखी अभिनय का परिचय दिया। इसके बाद 'मीडियम स्पाइसी' और 'सनी' जैसी फिल्मों में भी उनके संवेदनशील अभिनय की खूब तारीफ हुई। इन फिल्मों के ताने-बाने आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, रिश्तों की बारीकियों और मानवीय संवेदनाओं के इर्द-गिर्द बुने गए थे। हाल के समय में भी वह लगातार प्रयोगधर्मी सिनेमा का हिस्सा बने रहे हैं। वर्ष 2025 में आई फिल्म 'आरपार' और वर्ष 2026 की फिल्म 'सुपर डुपर' में भी उन्होंने मुख्य किरदार निभाए। 'आरपार' में शानदार अदाकारी के लिए उन्हें फिल्मफेयर मराठी में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता श्रेणी के तहत नामांकन प्राप्त हुआ था। इसी फिल्म में अभिनेत्री ऋता दुर्गुले के साथ उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने बेहद पसंद किया, जिसके चलते दोनों कलाकारों को जी चित्र गौरव पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ जोड़ी के सम्मान से नवाजा गया।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निभाईं संजीदा भूमिकाएं
पारंपरिक सिनेमा और टेलीविजन के समानांतर ललित प्रभाकर ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर भी अपनी एक खास और विश्वसनीय पहचान बनाई है। वह 'शांतित क्रांति', 'पेट पुराण' और सस्पेंस ड्रामा 'द राइकर केस' जैसी चर्चित वेब सीरीज में अहम किरदार निभाते दिखाई दे चुके हैं। डिजिटल माध्यमों पर अलग-अलग मानवीय स्वभाव और जटिल पृष्ठभूमि वाले किरदारों को जीवंत करने से उनके अभिनय का कैनवास और अधिक विस्तृत हुआ है।
अजमल कसाब की भूमिका तैयार करना बना सबसे बड़ा इम्तिहान
'प्रहार: द उज्ज्वल निकम स्टोरी' में देश के सबसे कुख्यात आतंकवादी अजमल कसाब का किरदार निभाना ललित के पूरे करियर का सबसे जटिल और जोखिम भरा फैसला माना जा रहा है। इस भूमिका को लेकर अभिनेता ने बताया कि इस किरदार में उतरने के लिए उन्हें कसाब की मनोदशा, उसके हिंसक स्वभाव और आतंकी मानसिकता की गहराइयों को समझना पड़ा। इसके अलावा उस खास लहजे, भाषा के सही उच्चारण, संवाद अदायगी और शारीरिक हाव-भाव को हूबहू पकड़ने के लिए उन्हें बेहद गहन तैयारी करनी पड़ी। ललित के अनुसार, एक कलाकार के रूप में वह हमेशा ऐसी अप्रत्याशित भूमिकाएं चुनना चाहते हैं जिनकी दर्शक उनसे उम्मीद भी न कर सकें। अपनी कलात्मक सीमाओं को लगातार चुनौती देना ही उनके अभिनय का मूल उद्देश्य है, और इसी वजह से उन्होंने इस बेहद संवेदनशील और कठिन भूमिका को स्वीकार किया।
26/11 का अदालती संग्राम और फिल्म की स्टारकास्ट
अविनाश अरुण के निर्देशन में बनी यह फिल्म 26/11 के भीषण मुंबई आतंकी हमले के बाद चली ऐतिहासिक अदालती सुनवाई की वास्तविक घटनाओं पर केंद्रित है। पूरी कहानी विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम के दृष्टिकोण से आगे बढ़ती है, जिन्होंने कानून के दायरे में रहकर आतंकी अजमल कसाब को उसके गुनाहों की सख्त सजा दिलाने के लिए अदालत में पैरवी की थी। फिल्म में राजकुमार राव और ललित प्रभाकर के साथ-साथ वामिका गब्बी, जयदीप अहलावत, सिकंदर खेर और आशीष विद्यार्थी जैसे मंझे हुए कलाकार भी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। यह बहुप्रतीक्षित फिल्म आगामी 16 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ट्रेलर जारी होने के बाद से ही दोनों मुख्य अभिनेताओं के गंभीर लुक्स ने दर्शकों के बीच इस अदालती ड्रामा को लेकर उत्सुकता को चरम पर पहुंचा दिया है।



















