रक्षाबंधन का त्यौहार केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच स्नेह, तकरार और अटूट विश्वास के उत्सव का नाम है। इस खास मौके पर खुशियों और पुरानी यादों का रंग भरने में हिंदी सिनेमा का योगदान हमेशा खास रहा है। बॉलीवुड ने बीते दशकों में ऐसे कई सदाबहार गीत रचे हैं, जो इस पावन रिश्ते के हर अहसास को बहुत संजीदगी से बयां करते हैं। ब्लैक एंड व्हाइट सिनेमा के क्लासिक धुनों से लेकर आज के दौर के हाई-एनर्जी और इमोशनल ट्रैक्स तक, संगीत के जरिए रक्षाबंधन का जश्न और भी मिठास भरा हो जाता है। अगर आप भी इस रक्षाबंधन पर अपने भाई या बहन के साथ पुरानी यादों को ताजा करना चाहते हैं और सिबलिंग बॉन्ड को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो 6 चुनिंदा बॉलीवुड गानों की यह लिस्ट आपकी प्लेलिस्ट को मुकम्मल कर देगी।
किशोर कुमार का कालजयी गीत: फूलों का तारों का (हरे रामा हरे कृष्णा)
जब भी रक्षाबंधन के गानों की बात होती है, तो साल 1971 में आई फिल्म हरे रामा हरे कृष्णा का गीत फूलों का तारों का सबसे पहले जुबां पर आता है। महान गायक किशोर कुमार की मखमली और सुरीली आवाज में सजा यह गाना हर भाई-बहन के दिल के बेहद करीब माना जाता है। इस गीत के बोल एक भाई के अपनी बहन के प्रति निश्छल और स्वार्थरहित प्रेम को खूबसूरती से दर्शाते हैं। गाने में बहन की सुरक्षा और उसकी खुशियों की दुआ मांगने का जो अहसास पिरोया गया है, वह आज भी हर घर में गूंजता है। राखी बांधते समय थली सजाने के दौरान यह गाना हर उम्र के लोगों के चेहरे पर एक प्यार भरी मुस्कान ले आता है।
लता मंगेशकर का भावनात्मक क्लासिक: भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना (छोटी बहन)
भारतीय सिनेमा के इतिहास में रक्षाबंधन का सबसे प्रामाणिक और पारंपरिक प्रतीक माना जाने वाला गाना भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना है। साल 1959 की ब्लॉकबस्टर फिल्म छोटी बहन का यह नगमा सुर कोकिला लता मंगेशकर की रूहानी आवाज से सजा है। इस गाने में एक बहन अपने भाई से रक्षा के उस पवित्र वादे को निभाने की गुजारिश करती है, जो राखी का धागा बांधते समय लिया जाता है। दशकों पुराने इस गीत की लोकप्रियता आज भी वैसी ही बनी हुई है। बहनों के अपने भाई के प्रति गहरे भाव और अटूट उम्मीद को दर्शाने वाला यह गाना पुरानी यादों को जीवंत कर देता है। परिवार में बहनों का यही भावुक रूप कई बार सेलिब्रिटी लाइफ में भी देखने को मिलता है, जैसे अर्जुन कपूर अपनी बहन अंशुला कपूर की शादी के दौरान मां को याद कर भावुक हो गए थे और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े थे। ऐसे ही गहरे पारिवारिक बंधन इस गाने के हर बोल में महसूस होते हैं।
अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल की मॉडर्न धुन: रक्षा बंधन
पुराने क्लासिक्स के साथ-साथ आधुनिक सिनेमा ने भी भाई-बहन के रिश्ते पर बेहद खूबसूरत रचनाएं पेश की हैं। अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म रक्षा बंधन का शीर्षक गीत इसी दौर का एक बेहद भावुक और मॉडर्न ट्रैक है। अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल की जादुई आवाज में रचा गया यह गाना बचपन की शरारतों, एक-दूसरे के लिए किए गए त्याग और साथ-साथ बड़े होने के खूबसूरत सफर को पिरोता है। यदि आप इस रक्षाबंधन पर अपने सिबलिंग को थोड़ा इमोशनल करना चाहते हैं और पुराने दिनों की याद दिलाना चाहते हैं, तो यह गीत आपकी प्लेलिस्ट का एक अनिवार्य हिस्सा होना चाहिए।
सुमन कल्याणपुर की सुरीली प्रार्थना: बहना ने भाई की कलाई से (रेशम की डोरी)
साल 1974 में रिलीज हुई फिल्म रेशम की डोरी का गाना बहना ने भाई की कलाई से प्यार बांधा है सादगी और गहराई का अद्भुत संगम है। सुमन कल्याणपुर की सुरीली और शांत आवाज में गाया गया यह गीत राखी के पतले सूती व रेशमी धागे की असीम ताकत को रेखांकित करता है। इस गाने के जरिए एक बहना अपने भाई की दीर्घायु, सफलता और हर विपदा से सुरक्षा की निस्वार्थ दुआ मांगती है। पुरानी पीढ़ी से लेकर आज के युवाओं तक, यह गाना हर बहन की पहली पसंद बना हुआ है और राखी के दिन घर-घर में गूंजकर पूरे माहौल को भक्ति और प्रेम से सराबोर कर देता है।
जश्न और मस्ती भरा ट्रैक: गल्लां गूड़ियां (दिल धड़कने दो)
रक्षाबंधन केवल भावुक होने या आंखें नम करने का त्यौहार नहीं है, बल्कि यह एक साथ मिलकर हंसने, गाने और झूमने का भी बड़ा मौका है। फिल्म दिल धड़कने दो का सुपरहिट गाना गल्लां गूड़ियां भाई-बहनों और पूरे परिवार के लिए एक परफेक्ट डांस ट्रैक है। इस गाने में दिखाया गया पारिवारिक माहौल और सिबलिंग केमिस्ट्री इतनी जबरदस्त है कि कोई भी खुद को थिरकने से रोक नहीं पाता। अगर आप रक्षाबंधन की शाम को पार्टी में बदलना चाहते हैं और अपने भाई-बहन के साथ मिलकर खुलकर नाचना चाहते हैं, तो इस एनर्जेटिक गाने से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता।
संरक्षण और समर्पण का रूहानी अहसास: जिगरा
फिल्म जिगरा का हालिया इमोशनल ट्रैक भाई-बहन के उस अटूट रिश्ते की कहानी कहता है, जहां दोनों एक-दूसरे की ढाल बनकर खड़े रहते हैं। अरिजीत सिंह की रूहानी और संवेदनशील आवाज में गाया गया यह गाना दिखाता है कि कैसे एक भाई या बहन अपने सिबलिंग की रक्षा और खुशी के लिए किसी भी सीमा को लांघने के लिए तैयार रहते हैं। यह गीत समर्पण, निस्वार्थ प्रेम और हर मुश्किल में साथ निभाने के अहसास को गहराई से छूता है। आज के युवाओं के लिए अपने सिबलिंग बॉन्ड को नए अंदाज में सेलिब्रेट करने के लिए यह एक बेहद खूबसूरत और आधुनिक ट्रैक है।



















