बॉलीवुड फिल्मों की हर संगीतमय कहानी में गानों का विशेष महत्व होता है, जो श्रोताओं के दिलों में सीधे अपनी जगह बनाते हैं। हिंदी सिनेमा को कई ऊर्जावान पार्टी ट्रैक और भावुक धुनें देने वाली जानी-मानी प्लेबैक सिंगर आकृति कक्कड़ 7 अगस्त को अपना जन्मदिन मना रही हैं। अपने सुरीले अंदाज और बेहतरीन गायकी के दम पर उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने न केवल हिंदी में बल्कि बंगाली गानों में भी अपनी आवाज का जादू बिखेरा है।
संगीत प्रेमी परिवार में जन्म और शुरुआती शिक्षा
आकृति कक्कड़ का जन्म 7 अगस्त 1986 को नई दिल्ली में एक संगीत से जुड़े परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम संजीव कक्कड़ और माता का नाम निर्मल कक्कड़ है। उनके घर में हमेशा से ही शास्त्रीय संगीत का वातावरण रहा। उनकी मां निर्मल कक्कड़ ने दिल्ली विश्वविद्यालय से संगीत विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की थी। घर के इस संगीतमय माहौल की वजह से आकृति का रुझान बहुत कम उम्र में ही गायकी की तरफ होने लगा था। आकृति ने शास्त्रीय संगीत की अपनी शुरुआती तालीम अपनी मां से ही प्राप्त की थी। संगीत की बुनियादी बारीकियां सीखने के बाद उन्होंने महज 7 साल की उम्र से विभिन्न गायन प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू कर दिया था।
'सा रे गा मा पा' से मिला पहला ब्रेक और बॉलीवुड डेब्यू
बचपन में कई मंचों पर अपनी प्रतिभा दिखाने के बाद साल 1999 में आकृति ने जी टीवी के प्रसिद्ध सिंगिंग शो 'सा रे गा मा पा' में हिस्सा लिया। इस शो में उनके प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने पेशेवर गायकी की ओर कदम बढ़ाया। साल 2004 में आई फिल्म 'दस' के लोकप्रिय गीत 'छम से वो आ जाए' के जरिए उन्होंने बॉलीवुड में एक प्लेबैक सिंगर के तौर पर कदम रखा। इस गाने के साथ ही इंडस्ट्री में उनके शानदार सफर का आगाज हो गया।
बॉलीवुड के सुपरहिट ट्रैक और बंगाली गानों में जादू
अपने डेब्यू के बाद आकृति ने कई सफल फिल्मों में गाने गाए। उन्होंने फिल्म 'हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया' के प्रसिद्ध पार्टी सॉन्ग 'सैटरडे सैटरडे' और फिल्म '2 स्टेट्स' के गाने 'इसकी उसकी' से डांस फ्लोर पर तहलका मचा दिया। ये गाने आज भी शादियों और पार्टियों की प्लेलिस्ट में प्रमुखता से शामिल रहते हैं। इसके अलावा उन्होंने 'दिल विच लगेया वे', 'जॉनी गद्दार', 'देखूं तुझे तो प्यार आए' और 'खुदाया खैर' जैसे कई सुरीले और हिट गानों में अपनी बहुमुखी गायकी का परिचय दिया। हिंदी गीतों के साथ-साथ बंगाली संगीत उद्योग में भी आकृति ने कई मशहूर गाने गाकर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है।
कक्कड़ बहनों की जुगलबंदी और निजी जिंदगी
आकृति कक्कड़ के परिवार की सांगीतिक विरासत को उनकी दो जुड़वां बहने सुकृति कक्कड़ और प्रकृति कक्कड़ भी आगे बढ़ा रही हैं। सुकृति और प्रकृति दोनों ही भारतीय संगीत उद्योग की प्रसिद्ध गायिकाएं हैं। इन तीनों बहनों ने मिलकर कई प्रोजेक्ट्स में काम किया है और संगीत की दुनिया में कक्कड़ सिस्टर्स के नाम से अपनी अलग जगह बनाई है। गायकी के साथ-साथ आकृति टीवी पर आने वाले कई बड़े सिंगिंग रियलिटी शो में जज की भूमिका भी निभा चुकी हैं।
उनकी व्यक्तिगत जिंदगी की बात करें तो आकृति ने साल 2016 में फिल्म निर्देशक चिराग अरोड़ा के साथ विवाह रचाया था। दोनों का एक बेटा है और वे अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं। आज भी आकृति कक्कड़ अपनी मधुर आवाज और ऊर्जावान प्रस्तुतियों से लाखों संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज कर रही हैं।



















